फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   New revelations by the sister in law of deceased Mahesh in Greater Noida incident

ग्रेटर नोएडा कांड में नए खुलासे: आठ साल पहले पति, फिर देवर और उसका परिवार खत्म; मृतक की भाभी नीरज के आरोप

Sat, 17 Oct 2026 08:51 PM IST
Akash Dubey फिरदौस आलम, यमुना सिटी
फिरदौस आलम, यमुना सिटी Published by: Akash Dubey Updated Sat, 17 Oct 2026 08:51 PM IST
सार

नगला पदम सिंह गांव में शनिवार सुबह एक दंपती और उनके तीन मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। नन्ही देवी बेटी-दामाद और मासूमों के शव देख फूट-फूटकर रो पड़ीं। 

विज्ञापन
New revelations by the sister in law of deceased Mahesh in Greater Noida incident
मृतक महेश और ललिता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्रेटर नोएडा के नगला पदम सिंह गांव में शनिवार की सुबह नन्ही देवी और चंद्रवती पर दुखों का पहाड़ गिर पड़ा। घर का दरवाजा खुला तो अंदर का मंजर देख हर किसी का कलेजा कांप उठा। एक साथ बेटी ललिता (35), दामाद महेश (37) और तीन मासूम नाती-नातिनों (लड्डू, मिष्टी और प्रियांश) की बेजान देह पड़ी थी। अपनी आंखों के सामने पूरे भरे-पूरे परिवार को बेजान पड़ा देख नन्ही देवी का सब्र टूट गया और वह दहाड़ मारकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्हें सांत्वना देती हुईं औरतें रोते हुए कह रहीं थीं। हे ईश्वर यह क्या हो गया...अचानक दर्द का पहाड़ टूट पड़ा। तूने थोड़ी-सी भी रहम नहीं खाई। दूसरी ओर चंद्रवती अपने बेटे, बहू और पोता-पोती का शव जब घर में देखा, तो उनके चेहरों का रंग कुछ पल के लिए उड़ गया। शव को देखकर बेसुध होकर वह अपने खटिया पर ही गिर गईं। उनसे कुछ बोला नहीं जा रहा था। उनका शरीर कांप रहा था।

विज्ञापन
Trending Videos

क्या मां के खराब रवैए ने छीने दोनों बेटे
चंद्रवती की दूसरी बहू ने आरोप लगाया कि उनकी सास का व्यवहार उनके बेटों के साथ अच्छा नहीं था। उन्होंने अपने बेटों के साथ पराया जैसा व्यवहार किया। अपनी सारी संपत्ती और मुआवजे का रुपया उन्होंने अपनी बेटियों के नाम कर दिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सास को करीब दस बीघा जमीन के बदले करोड़ों रुपये मिले थे, उनमें से एक भी रुपया उन्होंने अपने बेटों को नहीं दिया, जिस कारण उनके बेटे गरीबी में जी रहे थे। नीरज ने बताया कि उनके पति ने भी आर्थिक तंगी की वजह से करीब आठ वर्ष पहले ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बावजूद भी उन्होंने अपने दूसरे बेटे मृतक महेश को न तो रुपये दिए, न जमीन और न घर। दावा है कि महेश भी गरीबी में दिन गुजार रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

एक ही झटके में दो माओं से छीन गईं उनकी औलाद
संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत ने एक ही झटके में दो माओं से उनकी औलाद छीन लीं। एक ओर चंद्रवती ने जहां अपने पुत्र महेश को को दिया, तो वहीं दूसरी नन्ही देवी ने भी अपनी बेटी ललिता को खो दिया।

विज्ञापन

बहन की याद में तड़प उठी आशा
नन्ही देवी की चीखों से पूरा गांव सिहर उठा। वह बार-बार अपनी बेटी और मासूमों के चेहरों को निहारते हुए सुध-बुध खो बैठती थीं। पास मौजूद लोग जब भी उन्हें संभालने की कोशिश करते, वह अपनों का नाम पुकारकर फिर बेसुध हो जातीं। घटना की विभीषिका इतनी भयानक थी कि ढांढस बंधाने आई आशा भी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं। परिजनों की चीख-पुकार देखकर आशा खुद को संभाल नहीं सकीं और रोते-रोते बदहवास हो गईं। बहन की याद में वह तड़प उठीं।

खुद को संभाल नहीं सकी नीरज
मृतक महेश की भाभी नीरज परिवार की मौत खबर सुनकर वह खुद को संभाल नहीं सकीं। वह अपने दोनों हाथ फैलाकर ऊपर आसमान की तरफ देखकर चीख-चीखकर कह रही थी। यह तूने क्या किया भगवान। वह कभी रोते-रोते जमीन पर गिर जाती तो, कभी बदहवास होकर चुप हो जाती। उनकी आंखों से आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था।

रात में खुश था परिवार, दिन छाया मातम
शुक्रवार रात तक जो घर हंसी-खुशी से चहक रहा था, शनिवार सुबह वहां केवल सन्नाटा और चीत्कार बिखरी हुई थी। मासूम बच्चों का मासूम बचपन और दंपती का जीवन एक पल में खत्म हो गया। इस दिल दहला देने वाले मंजर को देखकर गांव का हर शख्स गमगीन था। हर आंख नम थी और हर जुबान पर बस यही सवाल था कि आखिर हंसते-खेलते परिवार को किसकी नजर लग गई।

चंद्रवती ने ही नीरज की कराई दूसरी शादी
नीरज ने सास पर आरोप लगाया कि उन्होंने चंद्रवती के जबरदस्ती करने पर ही दूसरी शादी की थी। उन्होंने उनसे वादा किया था कि वह दूसरी शादी कर लें। वह उनके बच्चों का ध्यान रखेंगे और कुछ जमीन, घर और रुपये उनके बच्चों के नाम करेंगे, लेकिन शादी करने के बाद आरोप है कि चंद्रवती ने कुछ नहीं दिया।

मुआवजे की रकम से बनवाया था रबूपुरा में घर
मृतक के महेश के साले सोनू ने बताया कि उनकी बहन के ससुराल पक्ष के पास रबूपुरा और दिल्ली में संपत्ति है। उनके अनुसार परिवार को खेती की जमीन का मुआवजा भी मिला था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में महेश की शादी के बाद मुआवजे की रकम से रबूपुरा में मकान बनवाया गया था। करीब एक वर्ष पहले महेश की मां भी यहां आकर रहने लगी थीं। सोनू के मुताबिक, परिवार में संपत्ति को लेकर तनाव की आशंका हो सकती है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि घटना से करीब 10 दिन पहले उनकी बहन और जीजा उनके घर आए थे और उस समय सब कुछ सामान्य था। दो दिन पहले भी जीजा से फोन पर बातचीत हुई थी।

बहन ने लगाया हत्या का आरोप
ललिता की बहन पूजा ने घटना को फूड पॉइजनिंग मानने से इनकार करते हुए संपत्ति विवाद में हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। उसका आरोप है कि परिवार के कुछ रिश्तेदारों ने संपत्ति के विवाद को लेकर हत्या कराई है। हालांकि, पुलिस ने अभी इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक महेश घर चलाने के लिए एक कंपनी में काम करता था। परिवार में उसकी मां, पत्नी और तीन बच्चे रहते थे। महेश की तीन बहनों की शादी हो चुकी है। परिवार के बड़े बेटे की करीब चार वर्ष पहले ट्रेन के सामने कूदकर मौत हुई थी। इसके बाद उसकी पत्नी बच्चों के साथ अलग रहने लगी थी।

महेश कर रहा था अपनी मांं की देखभाल
चंद्रवती की बहू नीरज और समधन नन्ही देवी ने बताया कि महेश ही अपनी मां की देखभाल करता था। वह अपनी मां की जरूरतों का हर वक्त ख्याल रखता था। ग्रामीणों ने बताया कि महेश सीधा व्यक्तित्व का लड़का था। उनकी गांव में किसी कोई लड़ाई नहीं होती थी। वह गांव से जब भी गुजरता था, तो अक्सर लोगों की खैर-ख्वाह ले लिया करता था। साथ ही, वह धार्मिक चीजों का भी पालन करता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed