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नई दिल्ली की तर्ज पर बसाया जाएगा न्यू नोएडा
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सेक्टर-94 में बनेगा नोएडा कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर।
नई दिल्ली की तर्ज पर बसाया जाएगा न्यू नोएडा
नोएडा (सुशील पांडेय)। प्रदेश के खूबसूरत और व्यवस्थित शहर नोएडा में इससे भी सुंदर व सुविधायुक्त शहर की कल्पना को साकार करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा बसाने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। एक्सप्रेसवे और यमुना पुश्ता के आसपास के क्षेत्रों को विकसित कर नई दिल्ली की तर्ज पर न्यू नोएडा बसाया जाएगा, जिसकी नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी होगी। जेवर में एयरपोर्ट बनने से तो इस क्षेत्र की कायापलट जाएगी। इसमें दक्षिणी नोएडा का भी अहम रोल होगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो का जाल पहले ही फैल चुका है। ऐसे में इसका लाभ लेने की भी तैयारी है। न्यू नोएडा में औद्योगिक व आवासीय क्षेत्र, सड़कों का नेटवर्क, खेलों की सुविधा, दिल्ली और आगरा से कनेक्टिविटी सहित कई योजनाओं का खाका खींचा गया है। सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो यह क्षेत्र नोएडा के पुराने क्षेत्र से एकदम अलग होगा।
महामाया फ्लाईओवर से दिख जाएगी चमक
महामाया फ्लाईओवर से नोएडा में आते ही प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-94 में निर्माणाधीन 31 मंजिला नोएडा कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर अपना रंग बिखेरता नजर आएगा। 684 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट का 1,58,189 वर्गमीटर जमीन पर निर्माण होगा। इसके अलावा 6000 वर्गमीटर ग्रीन एरिया होगा। योजना के मुताबिक सड़कों व ड्रेन का खाका खींचा जाएगा।
एक्सप्रेसवे और यमुना के बीच का भाग होगा अहम
नोएडा प्राधिकरण के जीएम राजीव त्यागी बताते हैं कि एक्सप्रेसवे और यमुना के बीच का भाग न्यू नोएडा के लिए अहम होगा। इसे विकसित करने के लिए प्राधिकरण ने पहले से ही सेक्टर-151, 151ए में गोल्फ कोर्स, मनोरंजन केंद्र और हेलीपोर्ट परियोजना को शुरू करने के लिए गतिविधियां चलाई हैं। इसका मकसद एक ही स्थान पर सारे संसाधन विकसित कर जनता को सौंपना होगा। इसका आकर्षण लोगों को अपनी ओर खींचने का काम करेगा। वर्क सर्किल-10 के सीनियर मैनेजर एसपी सिंह ने बताया कि जल्द ही इन परियोजनाओं के कार्य शुरू कराएं जाएंगे।
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नए सेक्टरों में खोजा जा रहा आवास और उद्योगों का विकल्प
नोएडा प्राधिकरण इन क्षेत्रों में किसानों से जमीन अधिग्रहण करने के लिए प्रयासरत है। प्राधिकरण का मानना है कि नई जमीनों पर आवासीय और औद्योगिक परियोजनाएं लाई जाएंगी, जो कि नोएडा के विकास के लिए अहम कड़ी साबित होगी। इसमें फिलहाल सेक्टर-161 और 162 का विकास करने पर काम चल रहा है। इसके अलावा सेक्टर-155, 156, 157, 159 आदि के विकास के लिए खाका तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा सेक्टर 150 में स्पोर्ट्स सिटी परियोजना भी चल रही है।
नए रूप में दिखेगा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे नए रूप में दिखेगा। इसे री-सर्फेसिंग के माध्यम से दोबारा बनाया जा रहा है। यानी 29 किलोमीटर की दूरी में जितनी भी टूट फूट हो चुकी है। उसे सुधार कर नया रूप दिया जाएगा।
एक्सप्रेसवे पर निर्माणाधीन अंडरपास लगाएंगे चार चांद
एक्सप्रेसवे पर जीरो माइल से 2.6, 10, 16 और 19 किलोमीटर सहित अन्य प्वाइंट पर अंडरपास का काम चल रहा है। इसके पूरा होते ही प्रस्तावित क्षेत्रों से एक्सप्रेसवे का दूसरा भाग भी जुड़ जाएगा। इससे कम से कम 25 सेक्टरों के लोगों को आने जाने में सुविधा होगी। कनेक्टिीविटी कमजोर होने से अभी यहां लोगों का आना जाना कम होता है। हालांकि दूसरे हिस्से में बिल्डर परियोजनाएं हैं, जो अधूरी हैं।
प्राधिकरण का नया कार्यालय भी होगा
सेक्टर-96 में निर्माणाधीन प्राधिकरण का नया कार्यालय भी न्यू नोएडा में शामिल होगा। इसके बनने के बाद यह प्राधिकरण का मुख्य कार्यालय होगा। इसका निर्माण भी जल्द से जल्द पूरे होने की बात सीईओ ने कही है।
नोएडा और ग्रेनो की ओर दो नए प्रवेश द्वार
प्राधिकरण की योजना के मुताबिक नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ओर से दो नए प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जो कि न्यू नोएडा को जोड़ेंगे। इससे नए नोएडा की छवि दिखेगी। इसका काम शुरू हो गया है।
नोएडा को फरीदाबाद से जोड़ने की जरूरत
काफी समय पहले यमुना नदी पर दो जगह दो पुलों के माध्यम से नोएडा को फरीदाबाद से जोड़ने की रूपरेखा बनाई गई थी। इसे फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) रोड से भी जोड़ने की कवायद की जा रही थी, लेकिन परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। न्यू नोएडा विकसित होता है तो फिर से इन पुलों को बनाने की जरूरत होगी।
नोएडा प्राधिकरण की ओर से न्यू नोएडा को विकसित करने के लिए रूपरेखा बनाई जा रही है। यहां सब कुछ नए तरीके से किया जाएगा। लोगों के आने से पहले ही संसाधनों को विकसित किया जाएगा। कई सेक्टरों का विकास इस कड़ी में किया जा रहा है। अंडरपास, सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, खेल सुविधाएं, कार्यालय, हेलीपोर्ट, गोल्फ कोर्स, मनोरंजन केंद्र सहित और भी कई सुविधाएं होंगी।
- रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण
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नोएडा (सुशील पांडेय)। प्रदेश के खूबसूरत और व्यवस्थित शहर नोएडा में इससे भी सुंदर व सुविधायुक्त शहर की कल्पना को साकार करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा बसाने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। एक्सप्रेसवे और यमुना पुश्ता के आसपास के क्षेत्रों को विकसित कर नई दिल्ली की तर्ज पर न्यू नोएडा बसाया जाएगा, जिसकी नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी होगी। जेवर में एयरपोर्ट बनने से तो इस क्षेत्र की कायापलट जाएगी। इसमें दक्षिणी नोएडा का भी अहम रोल होगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो का जाल पहले ही फैल चुका है। ऐसे में इसका लाभ लेने की भी तैयारी है। न्यू नोएडा में औद्योगिक व आवासीय क्षेत्र, सड़कों का नेटवर्क, खेलों की सुविधा, दिल्ली और आगरा से कनेक्टिविटी सहित कई योजनाओं का खाका खींचा गया है। सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो यह क्षेत्र नोएडा के पुराने क्षेत्र से एकदम अलग होगा।
महामाया फ्लाईओवर से दिख जाएगी चमक
महामाया फ्लाईओवर से नोएडा में आते ही प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-94 में निर्माणाधीन 31 मंजिला नोएडा कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर अपना रंग बिखेरता नजर आएगा। 684 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट का 1,58,189 वर्गमीटर जमीन पर निर्माण होगा। इसके अलावा 6000 वर्गमीटर ग्रीन एरिया होगा। योजना के मुताबिक सड़कों व ड्रेन का खाका खींचा जाएगा।
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एक्सप्रेसवे और यमुना के बीच का भाग होगा अहम
नोएडा प्राधिकरण के जीएम राजीव त्यागी बताते हैं कि एक्सप्रेसवे और यमुना के बीच का भाग न्यू नोएडा के लिए अहम होगा। इसे विकसित करने के लिए प्राधिकरण ने पहले से ही सेक्टर-151, 151ए में गोल्फ कोर्स, मनोरंजन केंद्र और हेलीपोर्ट परियोजना को शुरू करने के लिए गतिविधियां चलाई हैं। इसका मकसद एक ही स्थान पर सारे संसाधन विकसित कर जनता को सौंपना होगा। इसका आकर्षण लोगों को अपनी ओर खींचने का काम करेगा। वर्क सर्किल-10 के सीनियर मैनेजर एसपी सिंह ने बताया कि जल्द ही इन परियोजनाओं के कार्य शुरू कराएं जाएंगे।
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नए सेक्टरों में खोजा जा रहा आवास और उद्योगों का विकल्प
नोएडा प्राधिकरण इन क्षेत्रों में किसानों से जमीन अधिग्रहण करने के लिए प्रयासरत है। प्राधिकरण का मानना है कि नई जमीनों पर आवासीय और औद्योगिक परियोजनाएं लाई जाएंगी, जो कि नोएडा के विकास के लिए अहम कड़ी साबित होगी। इसमें फिलहाल सेक्टर-161 और 162 का विकास करने पर काम चल रहा है। इसके अलावा सेक्टर-155, 156, 157, 159 आदि के विकास के लिए खाका तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा सेक्टर 150 में स्पोर्ट्स सिटी परियोजना भी चल रही है।
नए रूप में दिखेगा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे नए रूप में दिखेगा। इसे री-सर्फेसिंग के माध्यम से दोबारा बनाया जा रहा है। यानी 29 किलोमीटर की दूरी में जितनी भी टूट फूट हो चुकी है। उसे सुधार कर नया रूप दिया जाएगा।
एक्सप्रेसवे पर निर्माणाधीन अंडरपास लगाएंगे चार चांद
एक्सप्रेसवे पर जीरो माइल से 2.6, 10, 16 और 19 किलोमीटर सहित अन्य प्वाइंट पर अंडरपास का काम चल रहा है। इसके पूरा होते ही प्रस्तावित क्षेत्रों से एक्सप्रेसवे का दूसरा भाग भी जुड़ जाएगा। इससे कम से कम 25 सेक्टरों के लोगों को आने जाने में सुविधा होगी। कनेक्टिीविटी कमजोर होने से अभी यहां लोगों का आना जाना कम होता है। हालांकि दूसरे हिस्से में बिल्डर परियोजनाएं हैं, जो अधूरी हैं।
प्राधिकरण का नया कार्यालय भी होगा
सेक्टर-96 में निर्माणाधीन प्राधिकरण का नया कार्यालय भी न्यू नोएडा में शामिल होगा। इसके बनने के बाद यह प्राधिकरण का मुख्य कार्यालय होगा। इसका निर्माण भी जल्द से जल्द पूरे होने की बात सीईओ ने कही है।
नोएडा और ग्रेनो की ओर दो नए प्रवेश द्वार
प्राधिकरण की योजना के मुताबिक नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ओर से दो नए प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जो कि न्यू नोएडा को जोड़ेंगे। इससे नए नोएडा की छवि दिखेगी। इसका काम शुरू हो गया है।
नोएडा को फरीदाबाद से जोड़ने की जरूरत
काफी समय पहले यमुना नदी पर दो जगह दो पुलों के माध्यम से नोएडा को फरीदाबाद से जोड़ने की रूपरेखा बनाई गई थी। इसे फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) रोड से भी जोड़ने की कवायद की जा रही थी, लेकिन परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। न्यू नोएडा विकसित होता है तो फिर से इन पुलों को बनाने की जरूरत होगी।
नोएडा प्राधिकरण की ओर से न्यू नोएडा को विकसित करने के लिए रूपरेखा बनाई जा रही है। यहां सब कुछ नए तरीके से किया जाएगा। लोगों के आने से पहले ही संसाधनों को विकसित किया जाएगा। कई सेक्टरों का विकास इस कड़ी में किया जा रहा है। अंडरपास, सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, खेल सुविधाएं, कार्यालय, हेलीपोर्ट, गोल्फ कोर्स, मनोरंजन केंद्र सहित और भी कई सुविधाएं होंगी।
- रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण