{"_id":"63c7f536a50c593f36768fac","slug":"need-for-green-construction-based-technology-in-real-estate-na-news-c-24-1-noi1094-914-2023-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: रियल एस्टेट में हरित निर्माण आधारित तकनीक की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: रियल एस्टेट में हरित निर्माण आधारित तकनीक की जरूरत
विज्ञापन
सीआईआई के सेमिनार में दिग्गजों ने किया मंथन
कहा-देश की जीडीपी में 13 फीसदी का है योगदान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। 2023 तक भारत का रियल एस्टेट बाजार 13 लाख करोड़ रुपये का है जो सकल घरेलू उत्पाद में 13 फीसदी का योगदान दे रहा है। ऐेसे में अब हरित निर्माण आधारित रियल एस्टेट के लिए तकनीक पर ध्यान देने की जरूरत है। यह बात भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) दिल्ली के अध्यक्ष हर्ष बंसल ने कही। वह हरित रियल एस्टेट में नए युग के प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय सेमिनार में संबोधन कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा निर्माण प्रतिबंधों को देखते हुए रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे कोविड-19 के समय में किस प्रकार मॉल्स ने भीड़ प्रबंधन के लिए तकनीक का प्रयोग किया। माधव सिंघानिया ने कहा कि अब समय है कि हरित प्रणाली को अपनाया जाए और इमारतों की लगातार बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जाए। एआईपीएल समूह के निदेशक हरजिंदर सिंह ने रियल एस्टेट क्षेत्र में लैंगिक विविधता और समावेशन की आवश्यकता पर जोर दिया।
आशीष भूटानी ने कहा कि रियल एस्टेट को अवधारणा आधारित होना चाहिए, न कि केवल माचिस की डिब्बी जैसी परियोजनाओं का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें केवल ऊंची इमारतों के बजाय बुनियादी ढांचे की अवधारणा के साथ आने की जरूरत है। कार्यक्रम तीन सत्र में चला। इसमें रियल एस्टेट क्षेत्र के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहा-देश की जीडीपी में 13 फीसदी का है योगदान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। 2023 तक भारत का रियल एस्टेट बाजार 13 लाख करोड़ रुपये का है जो सकल घरेलू उत्पाद में 13 फीसदी का योगदान दे रहा है। ऐेसे में अब हरित निर्माण आधारित रियल एस्टेट के लिए तकनीक पर ध्यान देने की जरूरत है। यह बात भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) दिल्ली के अध्यक्ष हर्ष बंसल ने कही। वह हरित रियल एस्टेट में नए युग के प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय सेमिनार में संबोधन कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा निर्माण प्रतिबंधों को देखते हुए रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे कोविड-19 के समय में किस प्रकार मॉल्स ने भीड़ प्रबंधन के लिए तकनीक का प्रयोग किया। माधव सिंघानिया ने कहा कि अब समय है कि हरित प्रणाली को अपनाया जाए और इमारतों की लगातार बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जाए। एआईपीएल समूह के निदेशक हरजिंदर सिंह ने रियल एस्टेट क्षेत्र में लैंगिक विविधता और समावेशन की आवश्यकता पर जोर दिया।
विज्ञापन
आशीष भूटानी ने कहा कि रियल एस्टेट को अवधारणा आधारित होना चाहिए, न कि केवल माचिस की डिब्बी जैसी परियोजनाओं का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें केवल ऊंची इमारतों के बजाय बुनियादी ढांचे की अवधारणा के साथ आने की जरूरत है। कार्यक्रम तीन सत्र में चला। इसमें रियल एस्टेट क्षेत्र के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग मौजूद थे।
विज्ञापन