{"_id":"63dffe24312cb6281f19e4f4","slug":"na-na-news-c-4-1-54528-2023-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: मेरठ के दंपती ने खरीदा था नवजात, पुलिस ने महिला को लौटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: मेरठ के दंपती ने खरीदा था नवजात, पुलिस ने महिला को लौटाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं/आसफपुर। नहडौली के दंपती ने मुरादाबाद के नहीं बल्कि मेरठ के दंपती को ढाई लाख रुपये में नवजात बेचा था। थाना पुलिस रविवार शाम बच्चे समेत दोनों ही दंपती को थाने ले आई। यहां बच्चा बेचने वाली महिला ने बच्चे को वापस लेने से इन्कार कर दिया। महिला ने कहा कि उसने बच्चा दे दिया था लेकिन उसके रुपये दलाल खा गए। हालांकि पुलिस ने गोद देने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की बात कहते हुए बच्चा महिला को लौटा दिया। अब थाना पुलिस दो दलालों को तलाश कर रही है।
इस मामले की छानबीन के दौरान कई और बातें सामने आईं हैं। एसओ सिद्धांत शर्मा के मुताबिक शनिवार को उन्हें बताया गया था कि 26 जनवरी को महिला की आसफपुर स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी हुई थी। उसके दूसरे दिन बच्चा बेच दिया गया था लेकिन जब इसकी छानबीन की गई तो पता चला कि 19 जनवरी को महिला की डिलीवरी हुई थी। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के अभिलेखों से मिलान कराया तो सच्चाई सामने आई।
बच्चे को 26 जनवरी के दिन बेच दिया गया था। यह बच्चा मेरठ जिले के दौराला थाना क्षेत्र निवासी प्रमोद ने ढाई लाख रुपये में खरीदा था लेकिन दलालों ने उसका पता मुरादाबाद बताया था। रुपये भी नकद दिए गए थे। दलाल बीच में डेढ़ लाख रुपये खा गए। रविवार शाम पुलिस टीम बच्चे को लेकर थाने पहुंची।
विज्ञापन
प्रमोद ने बताया कि उसने बच्चा गोद लिया था। एक स्टांप पेपर पर भी नरेश और उसकी पत्नी ने संभल जिले में आकर लिखकर दिया था। इससे वह बच्चा लेकर चले गए। इधर महिला का कहना है कि उसने अपना बच्चा गोद दिया था। बीच में दलाल रुपये हड़प गए, जिससे उसने पुलिस को तहरीर दी थी।
उसने रविवार शाम भी बच्चा लेने से इन्कार कर दिया। देर रात तक दोनों पक्ष थाने में मौजूद रहे। हालांकि पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही गोद देने की बात कहते हुए महिला को बच्चा लौटा दिया। एसओ सिद्धांत शर्मा ने बताया कि इस मामले में चार दलालों के नाम प्रकाश में आए हैं। दो को पकड़ लिया गया है, अभी दो दलाल नहीं पकड़े गए हैं। उनकी तलाश में पुलिस टीम लगा दी गई है।
कलेजे के टुकड़े से नहीं पैसे से दिखा प्यार
दंपती ने अपने बच्चे को देकर एक लाख रुपये ले लिए थे। यह बात और थी कि उसका बाकी रुपया दलाल खा गए। रुपये मिलने के बाद दंपती ने एक नई साइकिल, मोबाइल और साड़ियां खरीदीं। घर के लिए कुछ अनाज, दाल, तेल भी खरीदा था। बच्चा मिलने के बावजूद उसने लेने से इन्कार कर दिया। हालांकि उसका कहना है कि उसके पांच बच्चे पहले से हैं। इससे वह उनका पालन-पोषण नहीं कर सकती।
मेरठ के दंपती ने कोरोना में खो दिया था जवान बेटा
मेरठ के जिस दंपती ने ढाई लाख रुपये देकर नवजात को खरीदा था। उनके दो बेटियां और एक बेटा था। सात मई 2021 को उसका 23 वर्षीय बेटे की कोरोना में मौत हो गई थी। प्रमोद ने बताया कि बेटे की मौत से उसका परिवार टूट गया था। इससे वह एक बच्चा गोद लेने की सोच रहे थे। उन्होंने कुछ लोगों से इसके बारे में कहा था। इसी दौरान नहडौली के दंपती का पता चला। उनसे बात हुई तो वह स्टांप पेपर पर लिखकर बच्चा ले गए।
विज्ञापन
इस मामले की छानबीन के दौरान कई और बातें सामने आईं हैं। एसओ सिद्धांत शर्मा के मुताबिक शनिवार को उन्हें बताया गया था कि 26 जनवरी को महिला की आसफपुर स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी हुई थी। उसके दूसरे दिन बच्चा बेच दिया गया था लेकिन जब इसकी छानबीन की गई तो पता चला कि 19 जनवरी को महिला की डिलीवरी हुई थी। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के अभिलेखों से मिलान कराया तो सच्चाई सामने आई।
विज्ञापन
बच्चे को 26 जनवरी के दिन बेच दिया गया था। यह बच्चा मेरठ जिले के दौराला थाना क्षेत्र निवासी प्रमोद ने ढाई लाख रुपये में खरीदा था लेकिन दलालों ने उसका पता मुरादाबाद बताया था। रुपये भी नकद दिए गए थे। दलाल बीच में डेढ़ लाख रुपये खा गए। रविवार शाम पुलिस टीम बच्चे को लेकर थाने पहुंची।
विज्ञापन
प्रमोद ने बताया कि उसने बच्चा गोद लिया था। एक स्टांप पेपर पर भी नरेश और उसकी पत्नी ने संभल जिले में आकर लिखकर दिया था। इससे वह बच्चा लेकर चले गए। इधर महिला का कहना है कि उसने अपना बच्चा गोद दिया था। बीच में दलाल रुपये हड़प गए, जिससे उसने पुलिस को तहरीर दी थी।
उसने रविवार शाम भी बच्चा लेने से इन्कार कर दिया। देर रात तक दोनों पक्ष थाने में मौजूद रहे। हालांकि पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही गोद देने की बात कहते हुए महिला को बच्चा लौटा दिया। एसओ सिद्धांत शर्मा ने बताया कि इस मामले में चार दलालों के नाम प्रकाश में आए हैं। दो को पकड़ लिया गया है, अभी दो दलाल नहीं पकड़े गए हैं। उनकी तलाश में पुलिस टीम लगा दी गई है।
कलेजे के टुकड़े से नहीं पैसे से दिखा प्यार
दंपती ने अपने बच्चे को देकर एक लाख रुपये ले लिए थे। यह बात और थी कि उसका बाकी रुपया दलाल खा गए। रुपये मिलने के बाद दंपती ने एक नई साइकिल, मोबाइल और साड़ियां खरीदीं। घर के लिए कुछ अनाज, दाल, तेल भी खरीदा था। बच्चा मिलने के बावजूद उसने लेने से इन्कार कर दिया। हालांकि उसका कहना है कि उसके पांच बच्चे पहले से हैं। इससे वह उनका पालन-पोषण नहीं कर सकती।
मेरठ के दंपती ने कोरोना में खो दिया था जवान बेटा
मेरठ के जिस दंपती ने ढाई लाख रुपये देकर नवजात को खरीदा था। उनके दो बेटियां और एक बेटा था। सात मई 2021 को उसका 23 वर्षीय बेटे की कोरोना में मौत हो गई थी। प्रमोद ने बताया कि बेटे की मौत से उसका परिवार टूट गया था। इससे वह एक बच्चा गोद लेने की सोच रहे थे। उन्होंने कुछ लोगों से इसके बारे में कहा था। इसी दौरान नहडौली के दंपती का पता चला। उनसे बात हुई तो वह स्टांप पेपर पर लिखकर बच्चा ले गए।