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Noida News: भतीजी ने बेटी के प्रेमी के साथ मिलकर सराफ के घर की थी डकैती की प्लानिंग, चार गिरफ्तार

Fri, 20 Jan 2023 02:33 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 20 Jan 2023 02:33 AM IST
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NA
मेरठ। विजय नगर में आरएसएस के नगर सह संयोजक एवं सराफा व्यापारी विजयवीर रस्तोगी के घर डाका डालने के प्रयास की घटना का क्राइम ब्रांच ने बृहस्पतिवार को खुलासा कर दिया। विजयवीर रस्तोगी के परिवार की भतीजी एवं जिम ट्रेनर देहली गेट नील की गली निवासी मां भावना रस्तोगी ने बेटी वंशिका के प्रेमी मुरादाबाद जिगर कालोनी निवासी विवेक बिष्ट के साथ वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया था। पुलिस ने मां-बेटी और प्रेमी समेत उसके एक साथी मुरादाबाद बंगला गांव निवासी मोहित सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी अलीपुर परीक्षितगढ़ निवासी आयुष त्यागी फरार चल रहा है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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15 जनवरी की शाम बदमाश किराए पर घर लेने के बहाने विजय नगर में सराफा व्यापारी विजयवीर रस्तोगी के घर में घुसे थे। इस दौरान घर के पालतू कुत्ते जिम्मी ने हमला कर घटना होने से बचा दी थी। थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज हुआ था। एसएसपी ने घटना के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच को भी लगाया था।
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पुलिस लाइन में एसपी क्राइम अनित कुमार ने बताया कि मास्टरमाइंड भावना रस्तोगी ने अपनी बेटी वंशिका के साथ डाका डालने की योजना बनाई। वंशिका ने अपने प्रेमी को मां से मिलवाया। विवेक ने डाका डालने के लिए अपने मुरादाबाद के साथी मोहित और आयुष त्यागी को तैयार किया। डाका डालने के लिए भावना रस्तोगी, मोहित और आयुष वारदात को अंजाम देने के लिए कोठी पर पहुंचे, जबकि वंशिका और विवेक कुछ दूरी पर रुक गए। हालांकि डाका डालने के इरादे में सफल नहीं हो सके थे।
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पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज साफ विजयवीर को दिखाई गई। इसके बाद आरोपी एक के बाद एक पकड़ में आ गए। भावना ने पूछताछ में बताया कि यदि वह घटना करने में कामयाब हो जाते तो वह पैसे बांटकर मौज मस्ती से जिंदगी व्यतीत करते। पुलिस ने मोहित और विवेक के कब्जे से एक-एक तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। एसपी क्राइम ने बताया कि घटना से एक दिन पहले बदमाशों ने विजय नगर में सराफ की कोठी की रेकी की थी।

फेसबुक पर दो साल पहले हुई दोस्ती
एसपी क्राइम ने बताया कि विवेक की फेसबुक पर वंशिका से दोस्ती हुई थी। धीरे-धीरे मैसेंजर के जरिए बातचीत होनी शुरू हो गई। इसके बाद एक दूसरे के नंबर आपस में आदान-प्रदान हुए। दोनों में बातचीत का सिलसिला चल पड़ा। कई बार विवेक वंशिका से मिलने के लिए मुरादाबाद से मेरठ आया। वंशिका के घर भी विवेक रुकता था।

सराफ के बाद आगरा में डाका डालने की थी योजना
सीओ सिविल लाइन अरविंद चौरसिया ने बताया कि पूछताछ में मां-बेटी और विवेक ने बताया कि यहां पर लूट करने के बाद वह आगरा में एक मकान किराए पर लेकर वहां बड़े सराफा कारोबारी की रेकी करते। बड़ी कोठी में डाका डालने के बाद वहां से फरार होकर नोएडा में डाका डालने की योजना बनाते। इससे पहले ही आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

आरोपी बोले हो जाता समझौता
भावना रस्तोगी ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार में डाका डालने की योजना इसलिए बनाई, क्योंकि वह पूरे परिवार को अच्छे से जानते हैं। वह उनकी परिवार की भतीजी लगती है। यदि पकड़ में आ जाते तो विजयवीर रस्तोगी भतीजी मानकर माफ कर देते। इसलिए इनके घर को पहला निशाना बनाने का प्रयास किया।
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शीश महल में डाका डालने के लिए सोनीपत से बुलाए थे बदमाश
- नहीं मिला आरोपियों का आपराधिक रिकार्ड, पहली बार घटना में हुए शामिल
- वारदात करने से पहले यू-टयूब पर देखा था वीडियो

संवाद न्यूज एजेंसी

मेरठ। सराफा व्यापारी विजयवीर रस्तोगी की साली शीश महल में रहती हैं। उनके पति का भी सराफा का कारोबार है। पहले उनको निशाना बनाने की योजना भावना रस्तोगी ने बनाई थी। विवेक बिष्ट ने सोनीपत से बदमाश भी बुलाए थे। यहां संकीर्ण गलियां होने के चलते सोनीपत के बदमाशों ने विवेक बिष्ट से वारदात करने के लिए इन्कार कर दिया था। इसके बाद सराफ के घर डाका डालने की योजना बनाई, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। वहीं, पुलिस की जांच में सामने आया कि पहली बार ही बदमाशों ने वारदात की कोशिश की। क्राइम पेट्रोल और यू-टयूब पर घटना करने के लिए वीडियो देखा, इसके बाद अंजाम देने पहुंचे।
एसपी क्राइम अनित कुमार के मुताबिक, भावना रस्तोगी के पति सराफा कारीगर हैं। उनका वर्तमान में अपनी पत्नी से कोई ताल्लुक नहीं है। भावना का लंबे समय से विजयवीर रस्तोगी के घर पर आना जाना था, लेकिन अब वह काफी समय से घर उनके घर नहीं आई थी। लेकिन भावना को इसकी जानकारी थी कि उनके घर पर नकदी और जेवरात रखे रहते हैं। इसके चलते उन्होंने वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। यू-टयूब और क्राइम पेट्रोल देखकर वारदात को अंजाम देने का प्लान बनाया। पुलिस के मुताबिक, दरअसल पहली बार बदमाश वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। इसके चलते वह घटना किस तरह होती है, इसकी जानकारी सोशल मीडिया से ले रहे थे।

पहले दुकान को निशाना बनाना चाहते थे बदमाश

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले वह सराफा व्यापारी विजयवीर रस्तोगी की दुकान को निशाना बनाना चाहते थे, लेकिन शहर सराफा बाजार की छोटी-छोटी गलियां हैं, वहां भीड़भाड़ भी रहती है, इसलिए दुकान को निशाना नहीं बनाया।



जिम्मी नहीं होती तो डाल देते डाका

भावना भी वारदात को अंजाम देने के लिए मोहित और आयुष के साथ गई थी। तीनों ने मास्क लगा रखा था ताकि उनकी पहचान न हो सके। तीनों ने पूछताछ में बताया कि यदि पालतू कुत्ता जिम्मी नहीं होती तो वह वारदात को अंजाम दे देते, जिम्मी के हमला करने की वजह से वह वारदात को अंजाम नहीं दे सके।
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