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Noida News: मुनाफे का चक्कर, कम रेट पर सड़कों के टेंडर
Mon, 06 Feb 2023 12:41 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Mon, 06 Feb 2023 12:41 AM IST
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इटावा। सड़क निर्माण से होने वाला मुनाफा कहें या फिर मानकों से समझौता। ठेकेदारों ने काम पाने के लिए 33 फीसदी तक कम रेट पर ठेका ले लिया। जिन सात सड़कों को 30.61 करोड़ से बनाया जाना था अब उन्हें 21.86 करोड़ से ही बनाकर तैयार किया जाएगा। यानि काम पर 8.75 करोड़ रुपये कम खर्च होंगे। लखनऊ में हुई टेंडर प्रक्रिया पर विभागीय अधिकारी ही सवाल उठा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत जिले में वैसे तो कई सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन सात ऐसी सड़कें सामने आई हैं, जिनकी टेंडर प्रक्रिया वास्तव में चौंकाती है। सरसई नावर से भरथना-ऊसराहार तक की 5.20 किलोमीटर लंबी रोड के निर्माण के लिए शासन ने तीन करोड़ 73 लाख 45 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया था। लखनऊ में जब टेंडर खोले गए तो इस सड़क का काम दो करोड़ 48 लाख 81 हजार रुपये यानि 33.38 प्रतिशत कम रेट पर दे दिया गया। इसी तरह, 5.45 किलोमीटर लंबी इटावा-जसवंतनगर रोड के लिए तीन करोड़ 85 लाख 30 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे। टेंडर खुलने के बाद काम उस ठेेकेदार को दिया गया जिसने 31 प्रतिशत कम रेट भरा था। यानि यह काम दो करोड़ 65 लाख 78 हजार में कराया जाएगा। इसी तरह पांच और सड़कें हैं जिनका काम 31 से लेकर 27 फीसदी कम रेट पर जारी किया गया है।
ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि बजट में कटौती होने के बाद सड़क मानकों पर कितनी खरी उतरेगी। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सूत्र बताते हैं कि जब सड़क का स्टीमेट तैयार किया जाता है तो हर एक काम के रेट तय कर दिए जाते हैं। ऐसे में बजट कम करने में ज्यादा गुंजाइश नहीं होती है। लेकिन लखनऊ में हुई टेंडर प्रक्रिया में ठेका उन्हें दे दिया गया जिन्होंने 33 फीसदी तक कम रेट लगाए गए थे।
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इन सड़कों का काम भी कम रेट पर हुआ जारी
- इकदिल से इटावा भरथना तक की छह किलोमीटर लंबी सड़क का काम 28.34 प्रतिशत कम रेट पर जारी किया गया।
- मानिकपुर मोहान से प्रथ्वीपुर तक की 5.75 किलोमीटर लंबी सड़क के काम को ठेकेदार ने 27.72 फीसदी कम रेट पर लिया।
- 10 किलोमीटर लंबी एनएच-2 से इकोरा तक की सड़क का काम 27.77 फीसदी कम रेट पर जारी हुआ।
- भरथना-बिधूना रोड से साम्हों तक की छह किलोमीटर लंबी सड़क के काम पर अब 31.34 फीसदी कम बजट खर्च होगा।
- 7.80 किलोमीटर लंबी इटावा-फर्रुखाबाद रोड से नेवसई तक की सड़क का काम 31.34 फीसदी कम रेट पर दिया गया है।
सड़कों को गुणवत्तापूर्ण बनवाने की जिम्मेदारी है। टेंडर प्रक्रिया लखनऊ में पूरी हुई है। जो भी काम कराए जा रहे हैं उन पर बराबर नजर रखी जा रही है। अगर कहीं गुणवत्ता खराब मिली तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- सुरेंद्र सिंह, अवर अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग।
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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत जिले में वैसे तो कई सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन सात ऐसी सड़कें सामने आई हैं, जिनकी टेंडर प्रक्रिया वास्तव में चौंकाती है। सरसई नावर से भरथना-ऊसराहार तक की 5.20 किलोमीटर लंबी रोड के निर्माण के लिए शासन ने तीन करोड़ 73 लाख 45 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया था। लखनऊ में जब टेंडर खोले गए तो इस सड़क का काम दो करोड़ 48 लाख 81 हजार रुपये यानि 33.38 प्रतिशत कम रेट पर दे दिया गया। इसी तरह, 5.45 किलोमीटर लंबी इटावा-जसवंतनगर रोड के लिए तीन करोड़ 85 लाख 30 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे। टेंडर खुलने के बाद काम उस ठेेकेदार को दिया गया जिसने 31 प्रतिशत कम रेट भरा था। यानि यह काम दो करोड़ 65 लाख 78 हजार में कराया जाएगा। इसी तरह पांच और सड़कें हैं जिनका काम 31 से लेकर 27 फीसदी कम रेट पर जारी किया गया है।
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ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि बजट में कटौती होने के बाद सड़क मानकों पर कितनी खरी उतरेगी। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सूत्र बताते हैं कि जब सड़क का स्टीमेट तैयार किया जाता है तो हर एक काम के रेट तय कर दिए जाते हैं। ऐसे में बजट कम करने में ज्यादा गुंजाइश नहीं होती है। लेकिन लखनऊ में हुई टेंडर प्रक्रिया में ठेका उन्हें दे दिया गया जिन्होंने 33 फीसदी तक कम रेट लगाए गए थे।
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इन सड़कों का काम भी कम रेट पर हुआ जारी
- इकदिल से इटावा भरथना तक की छह किलोमीटर लंबी सड़क का काम 28.34 प्रतिशत कम रेट पर जारी किया गया।
- मानिकपुर मोहान से प्रथ्वीपुर तक की 5.75 किलोमीटर लंबी सड़क के काम को ठेकेदार ने 27.72 फीसदी कम रेट पर लिया।
- 10 किलोमीटर लंबी एनएच-2 से इकोरा तक की सड़क का काम 27.77 फीसदी कम रेट पर जारी हुआ।
- भरथना-बिधूना रोड से साम्हों तक की छह किलोमीटर लंबी सड़क के काम पर अब 31.34 फीसदी कम बजट खर्च होगा।
- 7.80 किलोमीटर लंबी इटावा-फर्रुखाबाद रोड से नेवसई तक की सड़क का काम 31.34 फीसदी कम रेट पर दिया गया है।
सड़कों को गुणवत्तापूर्ण बनवाने की जिम्मेदारी है। टेंडर प्रक्रिया लखनऊ में पूरी हुई है। जो भी काम कराए जा रहे हैं उन पर बराबर नजर रखी जा रही है। अगर कहीं गुणवत्ता खराब मिली तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- सुरेंद्र सिंह, अवर अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग।