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इटावा के ध्यानार्थ::::: सात साल बाद आया फैसला, तरुण के हत्यारों को मिली उम्रकैद

Fri, 28 Nov 2025 07:49 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 28 Nov 2025 07:49 PM IST
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murder case
(अदालत से)
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-सूरजपुर में अपहरण के बाद 20 लाख की फिरौती लिए हुई थी छात्र की हत्या
- मकान मालिक के पुत्र का किराए में रहने वाले आरोपियों ने किया था अपहरण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के चर्चित तरुण शर्मा हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इटावा निवासी अरुण और देवला गांव निवासी साजिद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर कुल 80-80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। घटना को किरायेदार अरुण ने अपने साथी साजिद की मदद से वारदात को अंजाम दिया था। दोषियों ने 20 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए मकान मालिक के 19 वर्षीय इकलौते बेटे को अपहरण कर हत्या की थी।
सूरजपुर कोतवाली में दर्ज मामले के अनुसार तरुण शर्मा (19) 12 अप्रैल 2018 की शाम घर से साई मंदिर जाने का कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। चिंतित परिजनों ने 13 अप्रैल की सुबह गुमशुदगी दर्ज कराई। मृतक के पिता सुभाष चंद्र शर्मा ने एफआईआर में बताया कि मकान में किराये पर रहने वाला अरुण और उसका मित्र साजिद अक्सर घर आते-जाते थे। दोनों ने ही फोन कर तरुण को बुलाया था। बाद में स्थानीय निवासी धर्मपाल शर्मा व नितिन शर्मा से बताया कि तरुण को उसी शाम मंगल बाजार गुलिस्तानपुर में अरुण और साजिद के साथ मोमोज खाते और कोल्ड ड्रिंक पीते देखा था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी ही तरुण को साथ लेकर गए और किसी अज्ञात स्थान पर नशीला पदार्थ देने के बाद गले में रस्सी डालकर उसकी हत्या कर दी।
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अदालत में अभियोजन ने कुल आठ गवाहों को पेश किया। आरोपियों ने अपना बयान दर्ज कराते हुए आरोपों को निराधार बताया। परंतु कोई भी बचाव पक्ष का साक्ष्य पेश नहीं किया गया। सभी साक्ष्यों व दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद न्यायालय ने माना कि अरुण और साजिद ने पूर्व योजना बनाकर तरुण को घर से बुलाया। अदालत ने कहा कि आरोपियों द्वारा मृतक का अपहरण, हत्या तथा सबूत मिटाने का प्रयास पूर्णतः प्रमाणित हैं। अदालत ने निर्देश दिया कि आरोपियों से वसूल की जाने वाली कुल जुर्माना राशि का 50 प्रतिशत मृतक के पिता सुभाष चंद्र शर्मा को दिया जाए।
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परिवार के साथ छात्र की तलाश में जुटा था आरोपी : आरोपियों ने 20 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए मकान मालिक के 19 वर्षीय इकलौते बेटे को अगवा कर हत्या की थी। अपहरण के बाद छात्र को छिपाने के लिए जगह नहीं मिलने पर उसकी गला घोंट कर हत्या दी। इसके बाद छात्र के ही मोबाइल से फिरौती के लिए कॉल की। कॉल रिसीव नहीं होने पर शव को कूड़े के ढेर में छिपाकर हत्यारोपित किरायेदार पीड़ित परिवार के साथ ही छात्र की तलाश करने में जुट गया था। मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर मामले का खुलासा हुआ था। छात्र तरुण शर्मा तिलपता स्थित भारतीय आदर्श इंटर कॉलेज में 12वीं में पढ़ता था। उनके मकान में इटावा निवासी अरुण अपनी पत्नी व दो छोटे बच्चों के साथ किराये पर रहता था।

कोल्ड ड्रिंक में मिलाई थी बेहोशी की दवा : हत्यारोपितों ने छात्र के साथ मोमोज व कोल्ड ड्रिंक की पार्टी की थी। कोल्ड ड्रिंक में बेहोशी की दवा मिलाई थी। तरुण के बेहोश होने पर उसे सुरक्षित स्थान पर छिपाने की चिंता सताने लगी थी। पकड़े जाने के डर से रस्सी से उसका गला घोंट दिया और शव को कूड़े के ढेर में दबा दिया था। इसके बाद हत्यारोपियों ने छात्र के मोबाइल से ही उसकी मां को 20 लाख रुपये की फिरौती के लिए फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। छात्र के मोबाइल की कॉल डिटेल से पता चला था कि उसने आखिरी कॉल रात अपनी मां को की थी, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इससे पहले छात्र के मोबाइल पर किरायेदार अरुण ने कॉल आई थी। उसकी मोबाइल लोकेशन उसी जगह पर थी। जहां आखिरी कॉल के दौरान थी। पकड़े जाने की डर से आरोपी किरायेदार अरुण फरार हुआ था।
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