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Noida News: ईएसआई में एमआरआई जांच शुरू, वेटिंग से राहत नहीं
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ईएसआई में एमआरआई जांच शुरू, वेटिंग से राहत नहीं
- छह में से एक पद पर और तैनाती, अब दो तकनीकी स्टाफ अस्पताल में दे रहे सेवाएं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ईएसआई अस्पताल में लंबे समय से एमआरआई जांच को लेकर बनी हुई दिक्कत खत्म हो गई है। नए तकनीशियन की तैनाती के बाद अब अस्पताल के वार्ड में भर्ती के अलावा इमरजेंसी के मरीजों की जांच हो पा रही है। वहीं ओपीडी के मरीजों के लिए अभी जांच के लिए वेटिंग ही बनी हुई है।
निदेशक चिकित्सा डॉ. संगीता माथुर ने बताया कि एमआरआई जांच के लिए मशीन में कोई दिक्कत नहीं थी। छह में से केवल एक प्रशिक्षित तकनीशियन होने की वजह से जांच में दिक्कत आ रही थी। उसके भी छुट्टी होने पर जांच बिल्कुल बंद हो जाती थी। अब एमआरआई जांच नियमित हो गई है। एक और प्रशिक्षित तकनीशियन नियुक्त हो गया है। हालांकि अब भी छह में से चार पद खाली हैं। इसके बाद भी रोजाना करीब छह मरीजों की जांच अस्पताल में हो रही है। ओपीडी के जो मरीज इंतजार कर सकते हैं, उनको करीब 20 दिन बाद की तारीख दी जा रही है। अभी वार्ड में भर्ती या इमरजेंसी मरीजों की जांच की जा रही है। कोशिश है कि वेटिंग को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए। इसके लिए सभी पदों पर नियुक्ति का प्रयास किया जा रहा है।
इनसेट--
कैंसर के मरीजों को जरूरत
एमआरआई स्कैन की सबसे अधिक जरूरत कैंसर के मरीजों के लिए होती है। इसके अलावा न्यूरो, हड्डी रोग, यूरोलॉजी आदि में भी इसका उपयोग गहन जांच के लिए किया जाता है। सरकारी अस्पतालों में गौतमबुद्ध नगर में नोएडा में केवल ईएसआई अस्पताल में ही इसकी सुविधा है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में जिम्स में एमआरआई स्कैन होता है।
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- छह में से एक पद पर और तैनाती, अब दो तकनीकी स्टाफ अस्पताल में दे रहे सेवाएं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ईएसआई अस्पताल में लंबे समय से एमआरआई जांच को लेकर बनी हुई दिक्कत खत्म हो गई है। नए तकनीशियन की तैनाती के बाद अब अस्पताल के वार्ड में भर्ती के अलावा इमरजेंसी के मरीजों की जांच हो पा रही है। वहीं ओपीडी के मरीजों के लिए अभी जांच के लिए वेटिंग ही बनी हुई है।
निदेशक चिकित्सा डॉ. संगीता माथुर ने बताया कि एमआरआई जांच के लिए मशीन में कोई दिक्कत नहीं थी। छह में से केवल एक प्रशिक्षित तकनीशियन होने की वजह से जांच में दिक्कत आ रही थी। उसके भी छुट्टी होने पर जांच बिल्कुल बंद हो जाती थी। अब एमआरआई जांच नियमित हो गई है। एक और प्रशिक्षित तकनीशियन नियुक्त हो गया है। हालांकि अब भी छह में से चार पद खाली हैं। इसके बाद भी रोजाना करीब छह मरीजों की जांच अस्पताल में हो रही है। ओपीडी के जो मरीज इंतजार कर सकते हैं, उनको करीब 20 दिन बाद की तारीख दी जा रही है। अभी वार्ड में भर्ती या इमरजेंसी मरीजों की जांच की जा रही है। कोशिश है कि वेटिंग को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए। इसके लिए सभी पदों पर नियुक्ति का प्रयास किया जा रहा है।
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कैंसर के मरीजों को जरूरत
एमआरआई स्कैन की सबसे अधिक जरूरत कैंसर के मरीजों के लिए होती है। इसके अलावा न्यूरो, हड्डी रोग, यूरोलॉजी आदि में भी इसका उपयोग गहन जांच के लिए किया जाता है। सरकारी अस्पतालों में गौतमबुद्ध नगर में नोएडा में केवल ईएसआई अस्पताल में ही इसकी सुविधा है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में जिम्स में एमआरआई स्कैन होता है।
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