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Noida News: कृत्रिम बारिश के लिए आईआईटी कानपुर से किया एमओयू
सार
नई दिल्ली में पहली बार वायु प्रदूषण कम करने के लिए कृत्रिम बारिश का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके लिए दिल्ली सरकार और आईआईटी कानपुर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। ट्रायल सफल रहने पर आगे विस्तार किया जाएगा।
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विस्तार
केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद सीएम ने उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
सचिवालय में बृहस्पतिवार को दिल्ली पर्यावरण विभाग और आईआईटी कानपुर के बीच कृत्रिम बारिश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। केंद्र सरकार से 1 अक्तूबर से 30 नवंबर तक के बीच कृत्रिम बारिश कराने की अनुमति मिलने के बाद ये कदम उठाया गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हवा को साफ करने के लिए सड़क की मशीनों से सफाई, ऊंची इमारतों पर एंटी-स्मॉग गन, हॉटस्पॉट पर धूल नियंत्रण सहित कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पहली बार धूल कम करने के लिए डस्ट मिटिगेशन प्लान लागू किया है। अब कृत्रिम बारिश कराने की तैयारी है। डीजीसीए से अनुमति मिलने के बाद पर्यावरण विभाग और आईआईटी कानपुर दो महीने की अवधि में ट्रायल करेंगे। हिंडन एयर बेस से ऑपरेशन शुरू होगा और नतीजों के आधार पर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह पायलट प्रोजेक्ट है। इसे दौरान प्रदूषण कम करने के विकल्प के तौर पर परखा जाएगा। इसमें 5 ट्रायल होंगे। मौसम और हालात को देखते हुए 7 से 11 अक्तूबर के बीच इसे शुरू करने की योजना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
सचिवालय में बृहस्पतिवार को दिल्ली पर्यावरण विभाग और आईआईटी कानपुर के बीच कृत्रिम बारिश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। केंद्र सरकार से 1 अक्तूबर से 30 नवंबर तक के बीच कृत्रिम बारिश कराने की अनुमति मिलने के बाद ये कदम उठाया गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हवा को साफ करने के लिए सड़क की मशीनों से सफाई, ऊंची इमारतों पर एंटी-स्मॉग गन, हॉटस्पॉट पर धूल नियंत्रण सहित कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पहली बार धूल कम करने के लिए डस्ट मिटिगेशन प्लान लागू किया है। अब कृत्रिम बारिश कराने की तैयारी है। डीजीसीए से अनुमति मिलने के बाद पर्यावरण विभाग और आईआईटी कानपुर दो महीने की अवधि में ट्रायल करेंगे। हिंडन एयर बेस से ऑपरेशन शुरू होगा और नतीजों के आधार पर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह पायलट प्रोजेक्ट है। इसे दौरान प्रदूषण कम करने के विकल्प के तौर पर परखा जाएगा। इसमें 5 ट्रायल होंगे। मौसम और हालात को देखते हुए 7 से 11 अक्तूबर के बीच इसे शुरू करने की योजना है।
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