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Noida News: बंदरों ने पुलिस कर्मचारियों को किया नजरबंद
Fri, 24 Oct 2025 12:40 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Fri, 24 Oct 2025 12:40 AM IST
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फोटो संख्या:55- कनीना सदर थाना में बदरों के भंय से पुलिस कर्मचारियों ने किए पुलिस क्वार्टर के ग
कनीना। शहर में बंदरों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि अब सदर थाना कनीना भी बंदरों से सुरक्षित नहीं है। वीरवार को बंदरों के एक झुंड ने थाना परिसर में जमकर उत्पात मचाया। थाना परिसर में बने क्वार्टरों का दरवाजा कर्मियों ने बंद कर लिया। करीब एक घंटे तक अंदर ही कैद रहे।
राजेंद्र मोहन कुमार, देवेंद्र, हेमराज गोविंद महेश सुनील दुष्यंत जतिन जांगड़ा ने बताया कि कनीना शहर में काफी समय से बंदरों का उत्पात जारी है। आए दिन ये बंदर बाजार, गलियों और घरों में घुसकर लोगों को काट लेते हैं, बच्चों और महिलाओं पर हमला कर देते हैं लेकिन प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह से मौन है।
थाना परिसर में बंदरों के हमले से अब पुलिसकर्मी भी परेशान हैं। लोगों ने नगर पालिका से बंदर को पकड़ने के लिए अभियान चलाने, वन विभाग की विशेष टीम भेजने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से बंदरों को हटाने की मांग की। व्यापारी राजेश कुमार ने बताया कि हर रोज बंदर दुकान के बाहर बैठ जाते हैं, खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं। बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं। नगर पालिका केवल आश्वासन देती है, कार्रवाई नहीं करती।
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- वर्जन:
बंदर आए दिन परेशान करते हैं। बाहर कपड़े सूखते हैं उनको फाड़ देते हैं। बंदरों ने इतना उत्पात मचाया की मजबून क्वार्टरों के दरवाजे करीब एक घंटे तक बंद करने पड़े। उन्होंने नगर पालिका से समस्या के समाधान की मांग की है। - इंस्पेक्टर सज्जन सिंह, थाना प्रभारी कनीना
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- वर्जन:
बंदरों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर पालिका की ओर से योजना तैयार की जा चुकी है। जल्दी ही बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर छोड़ा जाएगा। इस समय नपा को पांच लाख रुपये का बजट मिला है। आबादी से 400 बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाएगा। - डॉ. रिंपी कुमारी, प्रधान नगर पालिका कनीना
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राजेंद्र मोहन कुमार, देवेंद्र, हेमराज गोविंद महेश सुनील दुष्यंत जतिन जांगड़ा ने बताया कि कनीना शहर में काफी समय से बंदरों का उत्पात जारी है। आए दिन ये बंदर बाजार, गलियों और घरों में घुसकर लोगों को काट लेते हैं, बच्चों और महिलाओं पर हमला कर देते हैं लेकिन प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह से मौन है।
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थाना परिसर में बंदरों के हमले से अब पुलिसकर्मी भी परेशान हैं। लोगों ने नगर पालिका से बंदर को पकड़ने के लिए अभियान चलाने, वन विभाग की विशेष टीम भेजने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से बंदरों को हटाने की मांग की। व्यापारी राजेश कुमार ने बताया कि हर रोज बंदर दुकान के बाहर बैठ जाते हैं, खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं। बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं। नगर पालिका केवल आश्वासन देती है, कार्रवाई नहीं करती।
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बंदर आए दिन परेशान करते हैं। बाहर कपड़े सूखते हैं उनको फाड़ देते हैं। बंदरों ने इतना उत्पात मचाया की मजबून क्वार्टरों के दरवाजे करीब एक घंटे तक बंद करने पड़े। उन्होंने नगर पालिका से समस्या के समाधान की मांग की है। - इंस्पेक्टर सज्जन सिंह, थाना प्रभारी कनीना
- वर्जन:
बंदरों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर पालिका की ओर से योजना तैयार की जा चुकी है। जल्दी ही बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर छोड़ा जाएगा। इस समय नपा को पांच लाख रुपये का बजट मिला है। आबादी से 400 बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाएगा। - डॉ. रिंपी कुमारी, प्रधान नगर पालिका कनीना