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आज रोहतक में होगा जिले की प्रतिभाओं का सम्मान
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नूंह। विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति रुझान लाने के लिए हर साल की भांति इस वर्ष भी अमर उजाला द्वारा मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसमें नूंह जिले में कक्षा दसवीं व बारहवीं में जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली 7 प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। यह कार्यक्रम रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के राधाकृष्णन सभागार में सुबह 11 बजे से आयोजित किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजबीर सिंह, जीजेयू के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. कैलाशचंद शर्मा बच्चों को सम्मानित करेंगे। इसमें जिले के मेधावी छात्र छात्राओं को जाने का मौका मिला है जिससे छात्र छात्राओं ने इस अवसर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
आईएस अधिकारी बनकर जिले की सेवा करूंगा
नूंह जिले में आज सुविधाओं का घोर अभाव है। मैं आईएस अधिकारी बनकर जिले की सेवा करूंगा। हमारे यहां पर विकास के लिए कुछ नहीं किया गया जिससे नूंह जिला पिछड़ा हुआ है। - मोहम्मद आदिल, प्रथम 10वीं क्लास।
डॉक्टर बनकर करूंगी लोगों की सेवा
आज नूंह जिले में स्वास्थ्य सेवा ज्यादा बेहतर नहीं है। एक मेडिकल कॉलेज के ऊपर जिले की 13 लाख की आबादी है। मैंने महसूस किया कि भविष्य में लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक डॉक्टर बनकर कार्य करूंगी।
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श्रुति जैन, द्वितीय, 10वीं क्लास।
आईएस बनना लक्ष्य
मैंने महसूस किया कि एक प्रशासनिक अधिकारी विकास के लिए बहुत कुछ कर सकता है। हमारी मेवात में शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए काफी कार्य करने की जरूरत है। जिससे मैं एक अधिकारी बनकर पूरा करूंगा।
तरुण कुमार, तृतीय 10वीं क्लास।
सीए बनना लक्ष्य ऱ्
मेरा लक्ष्य सीए बनने का है। जिसे पूरा करने के लिए मैं अभी से दिन रात मेहनत कर रही हूं। पूर्व से ही शिक्षा का महत्व है। आज नूंह जिले में बेटियों को पढ़ाने पर कम ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन बेटियां भी किसी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं। - अंजलि, प्रथम 12वीं क्लास।
इंजीनियर बनकर करूंगी देशसेवा
अमर उजाला की यह बहुत अच्छी पहल है। मैं इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहती हूं। जिले में इस क्षेत्र में बेटियों का कम रुझान है। मैं इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाह रही हूं जिससे और लड़कियां इस क्षेत्र में आगे आ सकें। - पारूल, द्वितीय 12वीं क्लास।
बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना है
मेरा बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना है। जिसे पूरा करने की ओर मैं आगे बढ़ रही हूं। डॉक्टर समाज की सेवा सबसे अच्छे ढंग से कर सकता है। नूंह जिले की स्वास्थ्य सेवा ज्यादा बेहतर नहीं है। ऐसे में मैं डॉक्टर बनकर अपने समाज की सेवा करना चाहती हूं। - वर्षा, तृतीय, 12वीं क्लास।
सीए बनना लक्ष्य ऱ्
तीन तीन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से सम्मानित होना बहुत ही गर्व की बात है। अमर उजाला ने मेधावी छात्र छात्राओं को यह बहुत बड़ा मंच दिया है। मैं भविष्य में सीए बनकर देशसेवा करूंगी। - रीतू, तृतीय, 12वीं ।
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आईएस अधिकारी बनकर जिले की सेवा करूंगा
नूंह जिले में आज सुविधाओं का घोर अभाव है। मैं आईएस अधिकारी बनकर जिले की सेवा करूंगा। हमारे यहां पर विकास के लिए कुछ नहीं किया गया जिससे नूंह जिला पिछड़ा हुआ है। - मोहम्मद आदिल, प्रथम 10वीं क्लास।
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डॉक्टर बनकर करूंगी लोगों की सेवा
आज नूंह जिले में स्वास्थ्य सेवा ज्यादा बेहतर नहीं है। एक मेडिकल कॉलेज के ऊपर जिले की 13 लाख की आबादी है। मैंने महसूस किया कि भविष्य में लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक डॉक्टर बनकर कार्य करूंगी।
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श्रुति जैन, द्वितीय, 10वीं क्लास।
आईएस बनना लक्ष्य
मैंने महसूस किया कि एक प्रशासनिक अधिकारी विकास के लिए बहुत कुछ कर सकता है। हमारी मेवात में शिक्षा, स्वास्थ्य के लिए काफी कार्य करने की जरूरत है। जिससे मैं एक अधिकारी बनकर पूरा करूंगा।
तरुण कुमार, तृतीय 10वीं क्लास।
सीए बनना लक्ष्य ऱ्
मेरा लक्ष्य सीए बनने का है। जिसे पूरा करने के लिए मैं अभी से दिन रात मेहनत कर रही हूं। पूर्व से ही शिक्षा का महत्व है। आज नूंह जिले में बेटियों को पढ़ाने पर कम ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन बेटियां भी किसी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं। - अंजलि, प्रथम 12वीं क्लास।
इंजीनियर बनकर करूंगी देशसेवा
अमर उजाला की यह बहुत अच्छी पहल है। मैं इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहती हूं। जिले में इस क्षेत्र में बेटियों का कम रुझान है। मैं इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाह रही हूं जिससे और लड़कियां इस क्षेत्र में आगे आ सकें। - पारूल, द्वितीय 12वीं क्लास।
बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना है
मेरा बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना है। जिसे पूरा करने की ओर मैं आगे बढ़ रही हूं। डॉक्टर समाज की सेवा सबसे अच्छे ढंग से कर सकता है। नूंह जिले की स्वास्थ्य सेवा ज्यादा बेहतर नहीं है। ऐसे में मैं डॉक्टर बनकर अपने समाज की सेवा करना चाहती हूं। - वर्षा, तृतीय, 12वीं क्लास।
सीए बनना लक्ष्य ऱ्
तीन तीन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से सम्मानित होना बहुत ही गर्व की बात है। अमर उजाला ने मेधावी छात्र छात्राओं को यह बहुत बड़ा मंच दिया है। मैं भविष्य में सीए बनकर देशसेवा करूंगी। - रीतू, तृतीय, 12वीं ।