फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Mental illness is increasing in children due to the desire for equality.

Noida News: बराबरी की चाहत में बच्चों में बढ़ रहा मनोरोग

Fri, 10 Oct 2025 12:53 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Fri, 10 Oct 2025 12:53 AM IST
विज्ञापन
Mental illness is increasing in children due to the desire for equality.
स्वीटी सांगवान
विज्ञापन

पानीपत। मानसिक तनाव केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे परिवार की खुशियां छीन रहा है। दूसरों के बराबर में कुछ पाने की चाहत में बड़े और माता-पिता के तुलनात्मक व्यवहार से बच्चे मानसिक रोगी बन रहे हैं। ऐसे में बच्चे और युवा ही नहीं बुजुर्ग भी मानसिक तनाव से ग्रस्त हो रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल समेत दूसरे अस्पतालों में मनोरोगियों की ओपीडी बढ़ने लगी है।
जिला नागरिक अस्पताल में मनोरोग से संबंधित पांच से सात बच्चे पहुंच रहे हैं। पिछले तीन माह का आंकड़ा देखें तो अस्पताल में 4427 मनोरोगी पहुंचे हैं। जिनमें से सबसे ज्यादा माइग्रेन के मरीज रहे हैं।
विज्ञापन

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हर साल 10 अक्तूबर को होता है। आज प्रतियोगितावाद के युग हर वर्ग पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। जिले में आठ मनोचिकित्सक हैं। इनके पास हर रोज मनोरोगी बढ़ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में मनोचिकित्सक डाॅ. मोना नागपाल के पास प्रतिदिन इलाज के लिए करीब 100 मरीज पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन की ओपीडी में पांच से सात बच्चे भी शामिल होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

योग के साथ परिवार के साथ भी समय बिताना जरूरी
डॉ. मोना ने बताया कि माता-पिता का तुलनात्मक व्यवहार, माता-पिता का आपसी कलह बच्चों पर गहरा प्रभाव छोड़ रहा है। जिससे बच्चे अंदर ही अंदर घुटने लगते हैं और मानसिक रोग से ग्रस्त हो रहे हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चे की तुलना किसी से न करें और उसको योग व प्रणायाम से जोड़े। मोबाइल से दूरी बनाकर रखने के लिए उसे समझाएं न कि डांटे। बच्चे को प्रत्येक बात प्यार से समझाएं क्योंकि माता-पिता के बात-बात पर डाटने का व्यवहार भी बच्चों में गलत मानसिकता को उत्पन्न करता है। पारिवारिक जीवन में बढ़ती कलह के कारण भी लोगों में मानसिक रोग बढ़ रहा है। व्यक्ति को कुछ समय अपने परिवार के साथ भी बिताना चाहिए ताकि वे एक-दूसरे को अच्छी तरह से समझ सकें। सुबह व शाम कुछ समय योग व प्रणायाम को भी देना चाहिए। इससे हमारी मानसिक स्थिति ठीक रहती है।

पढ़ाई के कारण तनाव में आ गया
जिला नागरिक अस्पताल में हाल ही में पुराना बस स्टैंड के नजदीक एक कॉलोनी से एक लड़का आया। वह एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। वह पढ़ाई के तनाव के कारण मानसिक रोग रूप से ग्रस्त हो गया था। वह ढाई महीने में ही अस्पताल से इलाज के बाद ठीक होकर अब फिर से अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई को पूरा कर रहा है। इसी तरह अस्पताल में अनेक मानसिक रूप से अस्वस्थ लोग ठीक होकर जा चुके हैं।

पिछले तीन माह के आंकड़े-
बीमारी संख्या
डिप्रेशन के मरीज 232
दौरे 658
नशा 325
सिजोफ्रेनिया 22
आत्महत्या का प्रयास कर चुके 27
गंभीर तनाव 30
माइग्रेन, सिर पर चोट, दर्द वाले 800
मानसिक रोग के कारण-
-आनुवांशिक
- मनोवैज्ञानिक, मनो-सामाजिक
-आर्थिक तनाव, पारिवारिक कलह
- गंभीर बीमारी तनाव के कारण
-नशे के कारण, गलत धारणाओं के कारण
-डिप्रेशन, पैनिक अटैक, फोगिया, ओसीडी ( एक काम बार-बार करना )
-घबराहट, मैनिया ( चिड़चिड़ा महसूस )


बचाव-
-हर रोज योग व प्रणायाम करना
-मोबाइल से दूरी बनाकर रखनी चाहिए
- स्वयं को व्यस्त रखना चाहिए
- बीमारी से गंभीर बच्चों की शादी न करे
- अंधविश्वास से बचे
-समय पर चिकित्सक से परामर्श करे
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed