फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Mastermind of fraud arrested with partner in noida

नोएडा में एमबीबीएस दाखिले के नाम पर ठगी का मास्टरमाइंड साथी संग गिरफ्तार

Sat, 27 Mar 2021 02:01 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sat, 27 Mar 2021 02:01 AM IST
विज्ञापन
Mastermind of fraud arrested with partner in noida
मामले का खुलासा करती नोएडा पुलिस... - फोटो : ani

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड सुनील सिंह को साथी राज विक्रम सिंह (दोनों निवासी महोबा) के साथ कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

विज्ञापन


सुनील सिंह ने ही ठगी की योजना बनाई थी, वह लोगों से ठगी गई रकम में 50 फीसदी हिस्सा लेता था। दूसरा गिरफ्तार आरोपी मेडिकल कॉलेज का असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर छात्र-छात्राओं को झांसा देता था। इस गिरोह के दो मुख्य समेत सात आरोपी अब भी फरार हैं। दो आरोपी पहले ही कोर्ट में समर्पण कर चुके हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के पास से विजिटिंग कार्ड, मोबाइल, लैपटॉप आदि बरामद किए गए हैं।
विज्ञापन


नोएडा जोन के डीसीपी राजेश एस ने बताया कि गिरोह के दो आरोपियों पंकज खटिक व आदर्श को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही थी। इसी दौरान बृहस्पतिवार रात को सेक्टर-59 मेट्रो स्टेशन के पास से गिरोह सुनील सिंह और राज विक्रम सिंह को गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार सुनील व फरार चल रहे दो अन्य मुख्य आरोपियों ने मिलकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नीट अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं से एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर ठगी की योजना बनाई थी।

इस गिरोह में पंकज खटिक, आदर्श, सचिन, धीरेंद्र, श्रीकृष्ण, सुरेंद्र वर्मा, राज विक्रम समेत अन्य को शामिल किया। इसके बाद अक्तूबर 2020 में ऑनलाइन सर्च कर नोएडा के आइथम टावर में साठ हजार रुपये किराए पर द गाइडेंस क्लब के नाम से ऑफिस खोल लिया।

मास्टरमाइंड मैक्सकॉम चिटफंड घोटाले में गया था जेल

एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि सुनील प्रदेश में हुए मैक्सकॉम चिटफंड घोटाले में वर्ष 2008 में जेल जा चुका है। सुनील कार्ड क्लोनिंग का भी मास्टर है और इस मामले में महोबा से 2011 व 2012 में जेल गया था। नोएडा से पहले उसने गाजियाबाद में भी ऑफिस खोलकर एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर ठगी की थी। इस मामले में वर्ष 2018 में गाजियाबाद के लिंक रोड थाने से जेल गया था। जेल से छूटने के बाद नोएडा में ऑफिस खोलकर ठगी शुरू की थी। इस गिरोह ने पांच करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है।

राज विक्रम बनता था असिस्टेंट प्रोफेसर, ‘सर’ की तलाश जारी
सुनील ठगी से मिली रकम में 50 फीसदी हिस्सा लेता था। शेष 50 फीसदी फरार चल रहे दो अन्य मुख्य आरोपी लेते थे। ये तीनों मिलकर गिरोह के अन्य बदमाशों को काम के मुताबिक पैसे देते थे। जो दोनों मुख्य आरोपी फरार चल रहे हैं, उन्हें सर कहकर संबोधित किया जाता है।

मेडिकल कॉलेज के चपरासियों को देते थे लाखों
इस गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से ठगी को अंजाम दिया है। छात्र-छात्राओं को विश्वास दिलाने के लिए आरोपी, काउंसिलिंग के दिन ही शाम के वक्त प्रयागराज, झांसी, बांदा के मेडिकल कॉलेज में बुलाते थे। वहां के चपरासियों को चार से पांच लाख रुपये देकर अंदर का कमरा खुलवा लेते थे। वहां इस गिरोह का फरार 60 वर्षीय आरोपी डीन व प्रिंसिपल बनकर आता और काउंसिलिंग करता था। पुलिस के अनुसार यह आरोपी छड़ी लेकर चलता था। उसका सहयोग गिरफ्तार राज विक्रम असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर करता था। पुलिस उन चपरासियों की पहचान कर रही है, जो इस गिरोह से लाखों रुपये लेते थे।

ठगी की रकम से किसी ने घर बनाया, किसी ने कर्ज चुकाया
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि आरोपियों ने ठगी से बरामद रकम को अलग-अलग कामों में खपाया है। सुनील सिंह ने महोबा में 35 लाख रुपये लगाकर आलीशान मकान बनाया है। वहीं पंकज खटिक जुआ सट्टा खेलने का आदी है। आदर्श ने करीब 15 लाख रुपये का कर्ज चुकाया है। राज विक्रम ने पत्नी का इलाज कराया है। पुलिस को इनके खाते में करीब दो लाख रुपये मिले हैं। खाते को पुलिस ने फ्रीज करा दिया है।

पुलिस की टीम ने गिरोह के मास्टमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं ठगी के पैसे से अर्जित संपत्ति को अटैच किया जाएगा।
- राजेश एस, डीसीपी नोएडा

बरामदगी
ठगी में प्रयुक्त 90 विजिटिंग कार्ड, पोस्टकार्ड साइज के 44 विजिटिंग कार्ड, विभिन्न विश्वविद्यालयों के लेटर पैड एवं तीन एप्रन (कोट), 03 आला (स्टेथोस्कोप) एवं 08 कोट-पैंट, 02 एलसीडी, 02 माउस, 02 सीपीयू, एक टेलीफोन रिसीवर, एक डीवीआर, एक बिजली का उपकरण व सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 31 स्टांप।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed