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Noida News: दिव्यांग से लिए उत्पाद शुल्क और रोड टैक्स राशि लौटाएगी मारूति सुजुकी कंपनी
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उपभोक्ता आयोग
दिव्यांग से लिए उत्पाद शुल्क और रोड टैक्स राशि लौटाएगी मारुति सुजुकी
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। दिव्यांग के कार खरीदने से पहले मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट नहीं देने से उत्पाद और रोड शुल्क में छूट नहीं मिलने पर कंपनी जिम्मेदार है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मारुति सुजुकी कंपनी को दिव्यांग से लिए गए उत्पाद शुल्क, रोड टैक्स में छूट राशि को 30 दिन में लौटाने का आदेश दिया है। कंपनी पर 50 हजार रुपये का हर्जाना भी लगाया है।
नोएडा के सेक्टर-82 निवासी अमित कुमार गुप्ता मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की कार खरीदना चाहते थे। कंपनी अधिकारियों (सीआरएम) से कई बार मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट जारी करने का अनुरोध किया। मगर सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया। विवश होकर उन्हें बिना सर्टिफिकेट के ही कार खरीदनी पड़ी। इसके चलते उनको उत्पाद शुल्क और रोड शुल्क में छूट नहीं मिली। अतिरिक्त खर्च हुए शुल्क को वापस दिलाने के लिए उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके द्वारा ऐसे वाहनों का का निर्माण किया जाता है। जिसको केवल बायें पैर से दिव्यांग व्यक्ति ही चला सकता है। जबकि अमित कुमार गुप्ता दोनों पैर से दिव्यांग है और इसके लिए वाहन उपयुक्त नहीं है। साथ ही दिव्यांग व्यक्ति के वाहन खरीदने पर उत्पाद शुल्क में छूट प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार जिला परिवहन अधिकारी को है। सुनवाई के बाद आयोग ने साक्ष्यों के बाद माना कि जिस दौरान वाहन खरीदा गया था, उस दौरान कंपनी को ही सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार था। बाद में अधिकार जिला परिवहन अधिकारी को दिया गया था। सौ प्रतिशत शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बाद भी सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया। इससे वादी को आर्थिक क्षति हुई और उत्पाद शुल्क-रोड टैक्स में छूट नहीं मिल पाई। कंपनी उत्पाद शुल्क की धनराशि 41,600 रुपये, रोड टैक्स छूट की धनराशि 36,062 रुपये 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में लौटाएगी। साथ ही मानसिक संताप के चलते 50 हजार रुपये का हर्जाना भी देगी और पांच हजार रुपये वाद व्यय के भी कंपनी को ही देने होंगे।
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दिव्यांग से लिए उत्पाद शुल्क और रोड टैक्स राशि लौटाएगी मारुति सुजुकी
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। दिव्यांग के कार खरीदने से पहले मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट नहीं देने से उत्पाद और रोड शुल्क में छूट नहीं मिलने पर कंपनी जिम्मेदार है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मारुति सुजुकी कंपनी को दिव्यांग से लिए गए उत्पाद शुल्क, रोड टैक्स में छूट राशि को 30 दिन में लौटाने का आदेश दिया है। कंपनी पर 50 हजार रुपये का हर्जाना भी लगाया है।
नोएडा के सेक्टर-82 निवासी अमित कुमार गुप्ता मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की कार खरीदना चाहते थे। कंपनी अधिकारियों (सीआरएम) से कई बार मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट जारी करने का अनुरोध किया। मगर सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया। विवश होकर उन्हें बिना सर्टिफिकेट के ही कार खरीदनी पड़ी। इसके चलते उनको उत्पाद शुल्क और रोड शुल्क में छूट नहीं मिली। अतिरिक्त खर्च हुए शुल्क को वापस दिलाने के लिए उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके द्वारा ऐसे वाहनों का का निर्माण किया जाता है। जिसको केवल बायें पैर से दिव्यांग व्यक्ति ही चला सकता है। जबकि अमित कुमार गुप्ता दोनों पैर से दिव्यांग है और इसके लिए वाहन उपयुक्त नहीं है। साथ ही दिव्यांग व्यक्ति के वाहन खरीदने पर उत्पाद शुल्क में छूट प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार जिला परिवहन अधिकारी को है। सुनवाई के बाद आयोग ने साक्ष्यों के बाद माना कि जिस दौरान वाहन खरीदा गया था, उस दौरान कंपनी को ही सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार था। बाद में अधिकार जिला परिवहन अधिकारी को दिया गया था। सौ प्रतिशत शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बाद भी सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया। इससे वादी को आर्थिक क्षति हुई और उत्पाद शुल्क-रोड टैक्स में छूट नहीं मिल पाई। कंपनी उत्पाद शुल्क की धनराशि 41,600 रुपये, रोड टैक्स छूट की धनराशि 36,062 रुपये 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में लौटाएगी। साथ ही मानसिक संताप के चलते 50 हजार रुपये का हर्जाना भी देगी और पांच हजार रुपये वाद व्यय के भी कंपनी को ही देने होंगे।
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