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मामूरा अग्निकांड: दोनों शव परिजनों को सौंपे, जांच जारी
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- इमारत अब भी खाली, पुलिस व अग्निशमन विभाग की जांच जारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-66 स्थित मामूरा के एनसीआर पीजी एंड फ्लैट्स में हुए भीषण अग्निकांड के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। मृतका स्नेहा का अंतिम संस्कार नोएडा में किया गया, जबकि परिजन ऋषभ का शव मध्यप्रदेश के बालाघाट ले गए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप चौबे ने बताया कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने तक इमारत खाली रहेगी। फिलहाल वहां किसी भी व्यक्ति को रहने की अनुमति नहीं है। भवन में रह रहे लोग अपना जरूरी सामान निकाल रहे हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक हादसे के समय स्नेहा तीसरी मंजिल पर अपने कमरे में सो रही थीं, जबकि ऋषभ दूसरी मंजिल पर थे। आग लगने के बाद पूरे भवन में तेजी से धुआं फैल गया, जिससे दोनों बाहर नहीं निकल सके। दमकल कर्मियों ने रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका। अग्निशमन विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आग लगने के वास्तविक कारण और सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोग भी इमारतों की फायर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-66 स्थित मामूरा के एनसीआर पीजी एंड फ्लैट्स में हुए भीषण अग्निकांड के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। मृतका स्नेहा का अंतिम संस्कार नोएडा में किया गया, जबकि परिजन ऋषभ का शव मध्यप्रदेश के बालाघाट ले गए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप चौबे ने बताया कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने तक इमारत खाली रहेगी। फिलहाल वहां किसी भी व्यक्ति को रहने की अनुमति नहीं है। भवन में रह रहे लोग अपना जरूरी सामान निकाल रहे हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक हादसे के समय स्नेहा तीसरी मंजिल पर अपने कमरे में सो रही थीं, जबकि ऋषभ दूसरी मंजिल पर थे। आग लगने के बाद पूरे भवन में तेजी से धुआं फैल गया, जिससे दोनों बाहर नहीं निकल सके। दमकल कर्मियों ने रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका। अग्निशमन विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आग लगने के वास्तविक कारण और सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोग भी इमारतों की फायर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं।
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