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हाईटेक शहर में खटारा ऑटो से पिस रही जिंदगी

Wed, 01 Dec 2021 12:03 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 12:03 PM IST
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Life is getting crushed by Khatara auto in Hi-tech city
नोएडा में ऑटो में क्षमता से अधिक बैठीं सवारियां। फाइल फोटो
नोएडा। किसी भी शहर की शान वहां की परिवहन व्यवस्था पर निर्भर करती है। नोएडा को बसे 45 साल से अधिक समय बीत गया है, लेकिन हाईटेक शहर में जिंदगी खटारा ऑटो में सफर करने को मजबूर है। सार्वजनिक परिवहन सेवा के नाम पर आज तक थोड़ी सी दूरी का मोटा किराया वसूलने वाले ऑटो ही मिले हैं। लोगों का कहना है कि साल-दर-साल शहर का दायरा तो बढ़ता गया, लेकिन सिटी बस का संचालन नहीं हो सका। शहरवासी एक स्थान से दूसरी जगह तक जाने के लिए ऑटो पर निर्भर हैं। ऐसा नहीं कि शहरवासियों ने प्राधिकरण और परिवहन विभाग या जनप्रतिनिधियों से मांग नहीं की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। वहीं, ऑटो चालक तीन की जगह 13 सवारी बैठाते हैं। यह बात यात्रियों को चुभती भी है, लेकिन दूसरा विकल्प नहीं होने कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। वर्ष 1976 में स्थापना के बाद से नोएडा प्राधिकरण आज तक लोगों को सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध नहीं करा पाया है।
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ग्रेनो में भी परिवहन के लिए नहीं कोई साधन
ग्रेटर नोएडा को बसे दो दशक से भी अधिक समय हो गया है, लेकिन यहां पर परिवहन सेवा के नाम पर ऑटो भी नहीं हैं। कुछ रूट को छोड़ दें तो अन्य पर अपने वाहनों से ही आवागमन किया जा सकता है। ऑटो की सेवा ली भी तो 100 रुपये के किराये से शुरुआत होती है। ग्रेनो में भी परिवहन के कोई ठोस साधन नहीं हैं।
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मेट्रो ने चलाई थी सिटी बस
नोएडा मेट्रो रेल की ओर से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच एसी बस सेवा की शुरुआत की गई थी, लेकिन यह सेवा ज्यादा दिन तक नहीं चल पाई। किराया अधिक होने से यात्री रोडवेज बसों में सफर करना पसंद करते थे। इसके अलावा इन बसों में एक मेट्रो स्टेशन से दूसरे के यात्रियों को बैठाया जाता था। मेट्रो फीडर बस सेवा को घाटा होने के कारण बंद कर दिया गया।
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यह है लोगों की मांग
- सिटी बस सेवा चलाई जाए।
- नोएडा में पॉड टैक्सी की शुरुआत हो।
- सेक्टरों के बीच ई बाइक या ई-कार चलाने की मांग हुई थी।
- सेक्टरों में आवागमन के लिए ऑटो चलाए जाएं।
- ऑटो के रूट सूचीबद्ध किए जाएं।
- ऑटो का किराया निर्धारित कराया जाए।
- मेट्रो को नोएडा से ग्रेनो वेस्ट के लिए जोड़ा जाए।
- सिटी बस सेवा से शहरों को जोड़ा जाए।
मेट्रो सिटी में यात्रियों को एक स्थान से दूसरे तक ले जाने के लिए सिटी बस सेवा चलाई जाती है, लेकिन नोएडा में इस तरह की कोई सेवा नहीं है। जबकि इसकी शहर के लोगों द्वारा समय-समय पर मांग की गई है। - रघुराज सिंह, सेक्टर-104
सिटी बस सेवा चलने से श्रमिकों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए ऑटो का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। इससे उनका किराया भी बच सकेगा। परिवहन व्यवस्था ही शहर को मजबूती प्रदान करती है। - नीरज लोहिया, सेक्टर-93

नोएडा में प्राधिकरण की ओर से ही सिटी बस सेवा का संचालन किया जा सकता है। यदि इसमें संचालन को लेकर सहयोग की जरूरत पड़ती है तो परिवहन विभाग इसके लिए तत्पर है। - एके पांडेय, एआरटीओ प्रशासन
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