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Noida News: हिंडन में नहाने गए केजी और तीसरी कक्षा के छात्र डूबे
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- ककराला पुस्ता पार हुआ हादसा, तलाश में जुटी एनडीआरएफ की टीम, आज भी जारी रहेगा अभियान
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। हिंडन नदी में नहा रहे केजी और तीसरी कक्षा के दो छात्र डूब गए। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे ककराला पुस्ता पार हुए हादसे के बाद दोनों की खोज शुरू हो गई। दिन भर चले तलाशी अभियान के बावजूद गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम उनका पता नहीं लगा पाईं। उधर बच्चों के डूबने खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों परिवार में मातम पसर गया है।
मूलरूप से बुलंदशहर निवासी अशोक कुमार का बेटा आशीष (8) अपने साथी मूलरूप से बदायूं निवासी राजू शर्मा के पुत्र अभिषेक (11) के साथ हिंडन नदी में नहाने गया था। दोनों परिवार ककराल में रहते हैं। नदी में उतरने के कुछ देर बाद दोनों डूबने लगे। शोर सुनकर पास से जा रहे राहगीर ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। हालांकि दलदल में फंसने के कारण वह बच्चों को बचा नहीं सका। खुद किसी तरह नदी से बाहर निकलकर मामले की जानकारी पुलिस समेत अन्य लोगों को दी। फेज दो पुलिस ने दिल्ली से निजी गोताखोरों को बुलाया। साथ ही गाजियाबाद की एनडीआरएफ की आठवीं बटालियन को हादसे की जानकारी दी गई। देर शाम तक पुलिस, गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम ने लखनावली तक बच्चों की तलाश करती रही। हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली।
एसीपी दीक्षा सिंह के मुताबिक आशीष केजी और अभिषेक तीसरी कक्षा का छात्र है। दोनों के माता-पिता निजी कंपनियों में नौकरी करते हैं। शुक्रवार सुबह दस बजे के करीब दोनों के परिजन घर से नौकरी करने चले गए। उनके जाते ही आशीष और अभिषेक नदी में नहाने चले गए दिए। नदी में कूदने से पहले बच्चों ने अपने कपड़े उतार दिए थे। परिजनों ने कपड़े देखने के बाद दोनों की पहचान की। पूछताछ में पता चला है कि दोनों अक्सर नदी में नहाने जाया करते थे।
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परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
दोनों बच्चों के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। आरोप है कि मौके पर घंटों तक गोताखोर नहीं पहुंचे। उन्होंने एनडीआरएफ की टीम के देरी से पहुंचने की बात कही है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने घटना की जानकारी मिलने के एक घंटे के भीतर स्टीमर को भी नदी में उतारने का दावा किया। अधिकारियों ने कहा कि हादसे के पांच किमी की परिधि में स्टीमर से बच्चों को तलाशा गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
बहाव के कारण बहने की आशंका
आशंका जताई जा रही है नदी में बहाव के कारण दोनों बच्चे दूर बह गए। पुलिस ने आसपास के जिलों को हादसे की जानकारी दे दी है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आशीष और अभिषेक के साथ अक्सर अन्य बच्चे भी नदी में नहाने जाते थे। हालांकि शुक्रवार को केवल वही दोनों नहाने गए थे।
इकलौते बेटे की डूबने की खबर सुन माता-पिता सदमे में
आशीष के पिता अशोक कुमार फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। मां भी फैक्ट्री में काम करती हैं। इकलौते बेटे को अच्छा भविष्य देने की चाहत में वह दिन-रात मेहनत कर रहे थे। कुछ ही दिन पहले ही आशीष ने गांव जाने के लिए पिता से जिद की थी। शुक्रवार को बेटे के डूबने की खबर सुनने के बाद माता-पिता सदमे में हैं। रो-रोकर दोनों का हाल बेहाल है। वहीं महज तीन माह पहले ही अभिषेक के पिता राजू शर्मा परिवार को बदायूं से नोएडा आए थे। वह निजी कंपनी में गाड़ी चलाते हैं। हादसे की खबर मिलते ही राजू रोने लगे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि नए शहर में आते ही उनके साथ ऐसा होगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। हिंडन नदी में नहा रहे केजी और तीसरी कक्षा के दो छात्र डूब गए। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे ककराला पुस्ता पार हुए हादसे के बाद दोनों की खोज शुरू हो गई। दिन भर चले तलाशी अभियान के बावजूद गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम उनका पता नहीं लगा पाईं। उधर बच्चों के डूबने खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों परिवार में मातम पसर गया है।
मूलरूप से बुलंदशहर निवासी अशोक कुमार का बेटा आशीष (8) अपने साथी मूलरूप से बदायूं निवासी राजू शर्मा के पुत्र अभिषेक (11) के साथ हिंडन नदी में नहाने गया था। दोनों परिवार ककराल में रहते हैं। नदी में उतरने के कुछ देर बाद दोनों डूबने लगे। शोर सुनकर पास से जा रहे राहगीर ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। हालांकि दलदल में फंसने के कारण वह बच्चों को बचा नहीं सका। खुद किसी तरह नदी से बाहर निकलकर मामले की जानकारी पुलिस समेत अन्य लोगों को दी। फेज दो पुलिस ने दिल्ली से निजी गोताखोरों को बुलाया। साथ ही गाजियाबाद की एनडीआरएफ की आठवीं बटालियन को हादसे की जानकारी दी गई। देर शाम तक पुलिस, गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम ने लखनावली तक बच्चों की तलाश करती रही। हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली।
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एसीपी दीक्षा सिंह के मुताबिक आशीष केजी और अभिषेक तीसरी कक्षा का छात्र है। दोनों के माता-पिता निजी कंपनियों में नौकरी करते हैं। शुक्रवार सुबह दस बजे के करीब दोनों के परिजन घर से नौकरी करने चले गए। उनके जाते ही आशीष और अभिषेक नदी में नहाने चले गए दिए। नदी में कूदने से पहले बच्चों ने अपने कपड़े उतार दिए थे। परिजनों ने कपड़े देखने के बाद दोनों की पहचान की। पूछताछ में पता चला है कि दोनों अक्सर नदी में नहाने जाया करते थे।
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परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
दोनों बच्चों के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। आरोप है कि मौके पर घंटों तक गोताखोर नहीं पहुंचे। उन्होंने एनडीआरएफ की टीम के देरी से पहुंचने की बात कही है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने घटना की जानकारी मिलने के एक घंटे के भीतर स्टीमर को भी नदी में उतारने का दावा किया। अधिकारियों ने कहा कि हादसे के पांच किमी की परिधि में स्टीमर से बच्चों को तलाशा गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
बहाव के कारण बहने की आशंका
आशंका जताई जा रही है नदी में बहाव के कारण दोनों बच्चे दूर बह गए। पुलिस ने आसपास के जिलों को हादसे की जानकारी दे दी है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आशीष और अभिषेक के साथ अक्सर अन्य बच्चे भी नदी में नहाने जाते थे। हालांकि शुक्रवार को केवल वही दोनों नहाने गए थे।
इकलौते बेटे की डूबने की खबर सुन माता-पिता सदमे में
आशीष के पिता अशोक कुमार फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। मां भी फैक्ट्री में काम करती हैं। इकलौते बेटे को अच्छा भविष्य देने की चाहत में वह दिन-रात मेहनत कर रहे थे। कुछ ही दिन पहले ही आशीष ने गांव जाने के लिए पिता से जिद की थी। शुक्रवार को बेटे के डूबने की खबर सुनने के बाद माता-पिता सदमे में हैं। रो-रोकर दोनों का हाल बेहाल है। वहीं महज तीन माह पहले ही अभिषेक के पिता राजू शर्मा परिवार को बदायूं से नोएडा आए थे। वह निजी कंपनी में गाड़ी चलाते हैं। हादसे की खबर मिलते ही राजू रोने लगे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि नए शहर में आते ही उनके साथ ऐसा होगा।