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केजरीवाल ने सत्ता की भूख में खास की चिंता : इमरान मसूद
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सहारनपुर से कांग्रेस सांसद ने आप संयोजक को घेरा, पांच सवाल किए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
प्रदेश कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में आप को घेरने के लिए बृहस्पतिवार को सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को चुनावी मैदान में उतारा। उन्होंने प्रदेश कार्यालय में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए पांच सवाल किए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सत्ता की भूख में खास पर चिंता जताते हैं, जबकि आम आदमी की समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं।
केजरीवाल ने दस साल में दिल्ली के मुसलमानों की समस्याओं पर कभी ध्यान नहीं दिया। जब चुनाव नजदीक हैं, तो केजरीवाल को अचानक इनकी चिंता सताने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह चिंता आम मुसलमानों की नहीं, बल्कि प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की है। इसका मकसद केवल वोट बैंक की राजनीति करना है। दिल्ली में अपराध दर लगातार बढ़ रही है। इसके लिए भाजपा की नीतियां जिम्मेदार हैं। आप और भाजपा दिल्ली के विकास और सामुदायिक सद्भाव बनाए रखने में असफल रही हैं। केजरीवाल सरकार के झूठे वादों और मौन रवैये ने जनता को निराश किया है।उन्होंने केजरीवाल से पूछा कि जहांगीरपुरी और पूर्वी दिल्ली की सांप्रदायिक हिंसा पर क्यों चुप्पी साधी। प्रभावित क्षेत्रों का दौरा व पीड़ित समुदायों की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं किया। आप नेताओं ने बिलकिस बानो के मामले पर कोई ठोस प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। शाहीन बाग प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल के प्रदर्शनकारियों को लेकर दिए बयान ने असहमति की आवाज को कमजोर किया। महामारी के दौरान मरकज को लेकर आप की भूमिका ने सांप्रदायिक विभाजन को और गहरा किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
प्रदेश कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में आप को घेरने के लिए बृहस्पतिवार को सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को चुनावी मैदान में उतारा। उन्होंने प्रदेश कार्यालय में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए पांच सवाल किए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सत्ता की भूख में खास पर चिंता जताते हैं, जबकि आम आदमी की समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं।
केजरीवाल ने दस साल में दिल्ली के मुसलमानों की समस्याओं पर कभी ध्यान नहीं दिया। जब चुनाव नजदीक हैं, तो केजरीवाल को अचानक इनकी चिंता सताने लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह चिंता आम मुसलमानों की नहीं, बल्कि प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की है। इसका मकसद केवल वोट बैंक की राजनीति करना है। दिल्ली में अपराध दर लगातार बढ़ रही है। इसके लिए भाजपा की नीतियां जिम्मेदार हैं। आप और भाजपा दिल्ली के विकास और सामुदायिक सद्भाव बनाए रखने में असफल रही हैं। केजरीवाल सरकार के झूठे वादों और मौन रवैये ने जनता को निराश किया है।उन्होंने केजरीवाल से पूछा कि जहांगीरपुरी और पूर्वी दिल्ली की सांप्रदायिक हिंसा पर क्यों चुप्पी साधी। प्रभावित क्षेत्रों का दौरा व पीड़ित समुदायों की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं किया। आप नेताओं ने बिलकिस बानो के मामले पर कोई ठोस प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। शाहीन बाग प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल के प्रदर्शनकारियों को लेकर दिए बयान ने असहमति की आवाज को कमजोर किया। महामारी के दौरान मरकज को लेकर आप की भूमिका ने सांप्रदायिक विभाजन को और गहरा किया।
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