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Noida News: बरसण लागे फूल बोस पै, जब हाथ मिला हिटलर तै...
Mon, 10 Nov 2025 12:16 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Mon, 10 Nov 2025 12:16 AM IST
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70...श्रीराम रंगशाला में शुरू हुए रागिनी उत्सव में भाग लेते कलाकार। स्रोत : निगम
- फोटो : ramban news
रोहतक । बरसण लागे फूल बोस पै, जब हाथ मिला हिटलर तै। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज एवं नगर निगम रोहतक के संयुक्त तत्वाधान में रविवार से श्रीराम रंगशाला में शुरू हुए तीन दिवसीय रागनी उत्सव के पहले दिन ये रागनी सुनकर दर्शक गदगद हो गए।
मुख्य अतिथि मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने कहा कि हरियाणवी लोक-संगीत अपनी सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख आधार है। रागनी उत्सव जैसे आयोजन इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के को ऑर्डिनेटर शीशपाल चौहान ने बताया कि डॉ. ज्योति चौहान नरवाना ने अपनी लोकप्रिय हरियाणवी रागनी “आजा बहू अंगना में कांगणा खुल” गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महेंद्र सिंह नाथ, कलानौर ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आधारित रागनी प्रस्तुत की जिसमें “घड़ी ना बीती ना पल गुजरै, उतरा जहाज शिखर तै व बरसण लागे फूल बोस पै, जब हाथ मिला हिटलर तै शामिल रहे। हरियाणा के लोकप्रिय रागनी गायक गुलाब सिंह खांडेलवाल ने “वेद शास्त्र उपनिषद में ये इतिहास सुन्या सै, रागनी सुनाई। श्रीराम रंगशाला देर रात तक तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही।
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मुख्य अतिथि मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने कहा कि हरियाणवी लोक-संगीत अपनी सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख आधार है। रागनी उत्सव जैसे आयोजन इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के को ऑर्डिनेटर शीशपाल चौहान ने बताया कि डॉ. ज्योति चौहान नरवाना ने अपनी लोकप्रिय हरियाणवी रागनी “आजा बहू अंगना में कांगणा खुल” गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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महेंद्र सिंह नाथ, कलानौर ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आधारित रागनी प्रस्तुत की जिसमें “घड़ी ना बीती ना पल गुजरै, उतरा जहाज शिखर तै व बरसण लागे फूल बोस पै, जब हाथ मिला हिटलर तै शामिल रहे। हरियाणा के लोकप्रिय रागनी गायक गुलाब सिंह खांडेलवाल ने “वेद शास्त्र उपनिषद में ये इतिहास सुन्या सै, रागनी सुनाई। श्रीराम रंगशाला देर रात तक तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही।
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