फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   International vehicle thief gang exposed, three arrested including gangster athlete

अंतरराष्ट्रीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा, सरगना एथलीट सहित तीन गिरफ्तार

Mon, 26 Jul 2021 01:03 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jul 2021 01:03 AM IST
विज्ञापन
International vehicle thief gang exposed, three arrested including gangster athlete
बरामद गाड़ियां
नोएडा। दिल्ली-एनसीआर से चोरी के लग्जरी वाहन खरीदकर म्यांमार, भूटान और पूर्वोत्तर के राज्यों में बेचने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने सरगना एथलीट सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान हरियाणा के रोहतक निवासी अमित और भिवानी निवासी अजमेर सिंह और संदीप सिंह के रूप में हुई है। अमित गिरोह का सरगना है। वह शॉटपुट खिलाड़ी है। जबकि उसकी पत्नी पूर्णिमा फोगाट राष्ट्रीय स्तर की एथलीट है। सोशल मीडिया पर दोनों के अच्छी खासी तादाद में फॉलोअर हैं। गिरोह का खुलासा करने वाली सेक्टर-58 कोतवाली टीम को पुलिस आयुक्त ने 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
विज्ञापन

सेक्टर-62 की एनआईबी चौकी के पास से गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रविवार को रेंज रोवर, फॉर्च्यूनर, क्रेटा समेत 17 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। आरोपी इंश्योरेंस सर्वेयर से सांठगांठ कर एक्सीडेंट के बाद जीरो लॉस घोषित होने वाली गाड़ियों का नंबर हासिल करते थे, जिन्हें उसी मॉडल की चोरी की गई गाड़ियों पर डालकर पूर्वोत्तर के गिरोह को बेच दिया जाता था। जो उन वाहनों को आगे म्यांमार और भूटान में बेचता है।
विज्ञापन

नोएडा जोन के एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि गिरोह मेरठ से लेकर मुरादाबाद तक के वाहन चोरों के संपर्क में था। कई कंपनियों के इंश्योरेंस सर्वेयर भी इनके संपर्क में थे। गिरोह का पर्दाफाश सेक्टर-58 थाना पुलिस एवं एंटी व्हीकल थेप्ट टीम ने किया है। एसीपी 2 रजनीश वर्मा की अगुवाई वाली इस टीम में सर्विलांस सेल के भी पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस गिरोह का सहयोग करे वाले इंश्योरेंस कर्मियों पर भी जल्द कार्रवाई कर सकती है। पुलिस के मुताबिक संदीप, अमित और अजमेर सिंह ने इंश्योरेंस सर्वेयरों का एक व्हॉट्सएप ग्रुप भी बना रखा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

दुर्घटना में खराब गाड़ियों के नंबर का करते थे इस्तेमाल
दुर्घटना होने पर बहुत सी गाड़ियां चलाने लायक नहीं रह जाती। इंश्योरेंस क्लेम में उनको (जीरो लॉस ) घोषित कर दिया जाता है। गिरोह के बदमाश इन गाड़ियों का नंबर और आरसी की कॉपी इंश्योरेंस सर्वेयर से हासिल कर लेते थे। फिर उसी मॉडल और रंग की चोरी की गाड़ी हासिल करने के बाद उस पर जीरो लॉस घोषित हो चुकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज कर देते और कागजात बनाकर बेच देते थे।
-----------------
कई गिरोह से जुड़े हैं तार, आरोपियों पर दर्ज हैं कई मामले
नोएडा। वाहन चोरी में पकड़े गए बदमाशों के तार कई गिरोह से जुड़े हैं। आरोपियों पर भी पहले से कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2020 में पकड़े गए मुरादाबाद के कुलदीप गैंग के बदमाश मोहम्मद अली जैदी का कनेक्शन भी इन आरोपियों के साथ है। अमित पर 13 से अधिक मामले हैं। जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा संदीप और अजमेर सिंह के साथ मिलकर वारदात शुरू की। सेक्टर-58 थाना पुलिस ने 14 जुलाई को अली गैंग के वाहन चोर आरिफ को पकड़ा था। उससे पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली थीं। चोरी के वाहन बेचने वाले गैंग के मास्टर माइंड अमित को सेक्टर-20 थाना पुलिस ने 7 महीने स्कॉर्पियो चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
डायरी से मिला100 से ज्यादा चोरी के वाहनों का रिकॉर्ड
एसीपी रजनीश वर्मा के मुताबिक अजमेर सिंह के पास से एक डायरी मिली है। इसमें दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय कई वाहन चोर गिरोहों की जानकारी दर्ज है। उन वाहनों की जानकारी भी है जिनके नंबर बदल कर बेचा जा चुका था। ऐसी 100 से ज्यादा लग्जरी गाड़ियों का रिकॉड मिला है।

दिल्ली पुलिस की फाइल से चकमा देने की थी कोशिश
गाड़ियों की हेराफेरी के लिए गिरोह के सदस्य दिल्ली पुलिस या अन्य प्रतिष्ठित विभागों के नाम की फाइल का इस्तेमाल करता था। फाइल को ड्राइविंग सीट के सामने इस तरह रखा जाता था कि लोग चकमा खा जाए और ज्यादा पूछताछ न करें।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed