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20 लाख लेकर बदमाशों को छोड़ने के आरोपी इंस्पेक्टर शावेज खान और सिपाही अमरीश यादव बर्खास्त
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नोएडा। बीस लाख रुपये और क्रेटा कार लेकर एटीएम मशीन काटकर रुपये चुराने वाले बदमाशों को छोड़ने के आरोपी इंस्पेक्टर शावेज खान और सिपाही अमरीश यादव को पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने मंगलवार देर रात बर्खास्त कर दिया। साथ ही, संपत्ति की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने जिले की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) टीम को भी भंग कर दिया है। शावेज इसी टीम के प्रभारी थे। इंस्पेक्टर और अन्य पर केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने बताया कि गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने की पुलिस ने एटीएम मशीन काटकर रुपये चुराने वाले बदमाशों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने इंदिरापुरम पुलिस को बताया था कि अगस्त में भी यह लोग नोएडा में गिरफ्तार हुए थे, लेकिन नोएडा पुलिस ने बीस लाख रुपये और क्रेटा लेकर छोड़ दिया था। मामले की जानकारी कमिश्नर आलोक सिंह को मिली तो उन्होंने डीसीपी क्राइम अभिषेक को जांच सौंपी थी। जांच के बाद शावेज खान और सिपाही अमरीश यादव की भूमिका पाई गई। इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार देर रात दोनों को पुलिस सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। शावेज खान की एसओजी टीम में करीब 11 पुलिसकर्मी शामिल थे। अब अन्य की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
संपत्ति की जांच के आदेश
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले में बर्खास्त इंस्पेक्टर और सिपाही की संपत्ति की जांच भी कराई जाएगी। इस मामले में उन्होंने अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार को आदेश दिया है। अपर पुलिस आयुक्त अन्य एजेंसियों के सहयोग से बर्खास्त इंस्पेक्टर की संपत्ति की जांच करेंगे और आय से अधिक संपत्ति मिलने पर उसे जब्त करने की कार्रवाई करेंगे।
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जिले की एसओजी भंग
पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने बताया कि शावेज खान वर्तमान में एसओजी के प्रभारी थे। एसओजी टीम को पूरी तरह से भंग कर दिया गया है और अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था को निर्देश दिया गया है कि इस टीम के सभी पुलिसकर्मियों की पुलिस लाइन में आमद कराएं। नोएडा में इससे पहले भी वर्ष 2018 में उगाही की रेट लिस्ट वायरल होने के बाद तत्कालीन एसएसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने पूरी एसओजी टीम को भंग कर दिया था।
पुलिस कमिश्नर ने पेश की नजीर, कहा-भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
नोएडा। एटीएम काटकर रुपये चुराने वाले बदमाशों से 20 लाख रुपये व क्रेटा कार लेकर छोड़ने वाले के आरोपी इंस्पेक्टर शावेज खान और सिपाही अमरीश यादव को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने एक नजीर पेश की है। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई के दूरगामी और बेहतर परिणाम होंगे। साथ ही, भ्रष्ट पुलिसकर्मियों में खौफ पैदा होगा। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह का कहना है कि पुलिस का काम बेहतर पुलिसिंग और बेहतर व स्वस्थ समाज बनाना है। अगर कोई भी पुलिसकर्मी किसी अन्य तरह के कामों में लिप्त होगा और भ्रष्टाचार करेगा तो जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। शावेज व अमरीश का कृत्य अपराधियों जैसा है। इस कारण सख्त कार्रवाई की गई है। जिले में करीब तीन साल की तैनाती में शावेज कोतवाली फेज-टू सेक्टर-58 समेत अन्य कोतवाली के प्रभारी भी रहे हैं। कई मामलों में शावेज की कार्रवाई चर्चा में रही थी। अब इन कार्रवाई की भी जांच की जाएगी और इसके लिए पुलिस अधिकारियों आदेश दिए गए हैं।
मंगलवार से ही इंस्पेक्टर का था मोबाइल बंद
इंदिरापुरम पुलिस द्वारा बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद जब यह मामला सोमवार को मीडिया में आया तो शावेज का मोबाइल बंद हो गया था। कई अधिकारियों ने बात करने का प्रयास किया था। जब बात नहीं हुई तो शक गहरा गया।
देर रात तक ऑफिस में बैठकर सीपी करते रहे मॉनिटरिंग
मंगलवार सुबह डीसीपी क्राइम अभिषेक ने कोतवाली इंदिरापुरम पहुंचकर गिरफ्तार बदमाशों से दो घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ करने और सीसीटीवी फुटेज आदि देखने के बाद जांच रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को दी। पुलिस कमिश्नर मामले की जांच के लिए रात तक कार्यालय में बैठे रहे और मॉनिटरिंग कर बर्खास्तगी का आदेश दिया।
15 अगस्त को मिला था सम्मान
शावेज खान नोएडा से पहले गाजियाबाद में तैनात थे। उनकी गिनती तेजतर्रार अधिकारियों में होती थी। 15 अगस्त को ही उन्हें पुलिस सम्मान से नवाजा गया था। बदमाशों को छोड़ने की घटना भी अगस्त की ही बताई जा रही है।
क्रेटा की तलाश जारी
पुलिस कमिश्नर के आदेश पर क्रेटा की तलाश की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि किसी कबाड़ी के यहां कार कटवाई जा सकती है। हालांकि, पुलिस की जांच के बाद ही क्रेटा कार के बारे में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने बताया कि गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने की पुलिस ने एटीएम मशीन काटकर रुपये चुराने वाले बदमाशों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने इंदिरापुरम पुलिस को बताया था कि अगस्त में भी यह लोग नोएडा में गिरफ्तार हुए थे, लेकिन नोएडा पुलिस ने बीस लाख रुपये और क्रेटा लेकर छोड़ दिया था। मामले की जानकारी कमिश्नर आलोक सिंह को मिली तो उन्होंने डीसीपी क्राइम अभिषेक को जांच सौंपी थी। जांच के बाद शावेज खान और सिपाही अमरीश यादव की भूमिका पाई गई। इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार देर रात दोनों को पुलिस सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। शावेज खान की एसओजी टीम में करीब 11 पुलिसकर्मी शामिल थे। अब अन्य की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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संपत्ति की जांच के आदेश
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले में बर्खास्त इंस्पेक्टर और सिपाही की संपत्ति की जांच भी कराई जाएगी। इस मामले में उन्होंने अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार को आदेश दिया है। अपर पुलिस आयुक्त अन्य एजेंसियों के सहयोग से बर्खास्त इंस्पेक्टर की संपत्ति की जांच करेंगे और आय से अधिक संपत्ति मिलने पर उसे जब्त करने की कार्रवाई करेंगे।
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जिले की एसओजी भंग
पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने बताया कि शावेज खान वर्तमान में एसओजी के प्रभारी थे। एसओजी टीम को पूरी तरह से भंग कर दिया गया है और अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था को निर्देश दिया गया है कि इस टीम के सभी पुलिसकर्मियों की पुलिस लाइन में आमद कराएं। नोएडा में इससे पहले भी वर्ष 2018 में उगाही की रेट लिस्ट वायरल होने के बाद तत्कालीन एसएसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने पूरी एसओजी टीम को भंग कर दिया था।
पुलिस कमिश्नर ने पेश की नजीर, कहा-भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
नोएडा। एटीएम काटकर रुपये चुराने वाले बदमाशों से 20 लाख रुपये व क्रेटा कार लेकर छोड़ने वाले के आरोपी इंस्पेक्टर शावेज खान और सिपाही अमरीश यादव को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने एक नजीर पेश की है। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई के दूरगामी और बेहतर परिणाम होंगे। साथ ही, भ्रष्ट पुलिसकर्मियों में खौफ पैदा होगा। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह का कहना है कि पुलिस का काम बेहतर पुलिसिंग और बेहतर व स्वस्थ समाज बनाना है। अगर कोई भी पुलिसकर्मी किसी अन्य तरह के कामों में लिप्त होगा और भ्रष्टाचार करेगा तो जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। शावेज व अमरीश का कृत्य अपराधियों जैसा है। इस कारण सख्त कार्रवाई की गई है। जिले में करीब तीन साल की तैनाती में शावेज कोतवाली फेज-टू सेक्टर-58 समेत अन्य कोतवाली के प्रभारी भी रहे हैं। कई मामलों में शावेज की कार्रवाई चर्चा में रही थी। अब इन कार्रवाई की भी जांच की जाएगी और इसके लिए पुलिस अधिकारियों आदेश दिए गए हैं।
मंगलवार से ही इंस्पेक्टर का था मोबाइल बंद
इंदिरापुरम पुलिस द्वारा बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद जब यह मामला सोमवार को मीडिया में आया तो शावेज का मोबाइल बंद हो गया था। कई अधिकारियों ने बात करने का प्रयास किया था। जब बात नहीं हुई तो शक गहरा गया।
देर रात तक ऑफिस में बैठकर सीपी करते रहे मॉनिटरिंग
मंगलवार सुबह डीसीपी क्राइम अभिषेक ने कोतवाली इंदिरापुरम पहुंचकर गिरफ्तार बदमाशों से दो घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ करने और सीसीटीवी फुटेज आदि देखने के बाद जांच रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को दी। पुलिस कमिश्नर मामले की जांच के लिए रात तक कार्यालय में बैठे रहे और मॉनिटरिंग कर बर्खास्तगी का आदेश दिया।
15 अगस्त को मिला था सम्मान
शावेज खान नोएडा से पहले गाजियाबाद में तैनात थे। उनकी गिनती तेजतर्रार अधिकारियों में होती थी। 15 अगस्त को ही उन्हें पुलिस सम्मान से नवाजा गया था। बदमाशों को छोड़ने की घटना भी अगस्त की ही बताई जा रही है।
क्रेटा की तलाश जारी
पुलिस कमिश्नर के आदेश पर क्रेटा की तलाश की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि किसी कबाड़ी के यहां कार कटवाई जा सकती है। हालांकि, पुलिस की जांच के बाद ही क्रेटा कार के बारे में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।