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Noida News: बृहस्पति ग्रह अभी अतिचारी, 2050 तक रहेगी हलचल

Mon, 04 Aug 2025 07:45 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 04 Aug 2025 07:45 PM IST
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Immortal Ujala Maya Astrology Mahakumbh Jupiter is still aggressive, will continue to stir until
वैदिक ज्योतिष के रहस्य: जीवन को दिशा देने वाले अद्भुत मंत्र में ज्योतिषाचार्यों ने रखी अपनी बात
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अमर उजाला ब्यूरो


नई दिल्ली।
अभी बृहस्पति अतिचारी है। इस समय इसका हमला धन पर होगा। बहुत सारे युद्ध जो चल रहे हैं उन सब का हमला धन पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो अलग-अलग टैरिफ लगा रहे हैं उसका भी असर धन पर ही है। ज्योतिष महाकुंभ के पहले सत्र में यह बातें वैदिक ज्योतिषाचार्य अजय भांबी ने कहीं।

वैदिक ज्योतिष के रहस्य: जीवन को दिशा देने वाले अद्भुत मंत्र शीर्षक वाले इस सत्र में अजय भांबी के साथ वैदिक ज्योतिषाचार्य एके दुबे पद्मेश, चंद्रशेखर शास्त्री और पंडित लेखराज शर्मा जैसे विद्वान आचार्य शामिल हुए। भांबी ने बताया कि 2050 में दुनिया कैसी होगी। एआई कैसे काम करेगा। जियो पॉलिटिक्स कैसी होगी। धर्म और इकोनॉमी कैसी होगी। उन्होंने कहा कि इन सब पर बृहस्पति का असर पड़ेगा। वह इसलिए कि यह ग्रह अभी अतिचारी है। यह स्थिति 2050 तक रहेगी। वहीं, दांपत्य जीवन पर एके दुबे पद्मेश ने बताया कि ससुराल पहुंचने के बाद जल में खेलने की क्रीड़ा होती है। इसके बाद ही नववधू का पति के गोत्र में प्रवेश होता है। एत्रेय ब्राह्मण में इसका उल्लेख है विवाह के बाद जब पत्नी घर आती है। मार्कण्डेय पुराण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके बाद ही दुनिया में देवी दुर्गा का प्राकट्य हुआ। इससे पहले उनका जिक्र नहीं। उन्होंने घाघरा नदी में आने वाली बाढ़ का उल्लेख कर बताया कि इस पवित्र नदी में हर साल 9, 10 व 11 तारीख को बीते 100 साल से बाढ़ आती है। ऋषियों के ग्रंथों का अध्ययन करने से वैदिक ज्योतिष से जुड़े सटीक प्रमाण मिलते हैं। वहीं, ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर शास्त्री ने बताया कि इंसान के जीवन में चंद्रमा मन का कारक होता है। इस संसार में मनुष्य का जन्म केवल मन के कारण होता है। आत्मा अजर-अमर है। आत्मा का न जन्म होता है, न ही मृत्यु होती है। मन की सक्रियता में मनुष्य कर्म करता है। मोबाइल, कंप्यूटर और टैबलेट जैसे उपकरण राहु ग्रह की गतिविधियों से जुड़े हैं। आज का युवा परिवार में संवाद करने के बदले एआई से सवाल कर रहा है। यही कारण है कि परिवार में बदलाव आ रहे हैं।
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इधर, वैदिक ज्योतिषाचार्य पं. लेखराज शर्मा ने ज्योतिष व ग्रहों से इतर मानवीय स्वभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आप कितना भी प्रयत्न करें। हमारा मस्तिष्क काम नहीं करेगा तो सभी कंप्यूटर फेल हो जाएंगे। जिस पत्थर को हम ऊपर उछालते हैं वह कभी न कभी नीचे जरूर गिरता है। भविष्य में जब धर्म की हानि होगी तो इस पृथ्वी की हानि होगी। आप झूठी बातों से पैसा कमा सकते हैं लेकिन जो शांति है। परम शांति है। अपने काम को वफादारी व ईमानदारी से करें तभी सफलता मिलेगी।
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