फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   IGNOU: After the first year, UG students will be able to pursue further studies in regular universities like DU, JNU.

इग्नू: पहले वर्ष के बाद आगे की पढ़ाई डीयू, जेएनयू जैसी रैगुलर यूनिवर्सिटी में कर सकेंगे यूजी छात्र

Mon, 25 Sep 2023 08:45 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 25 Sep 2023 08:45 PM IST
विज्ञापन
IGNOU: After the first year, UG students will be able to pursue further studies in regular universities like DU, JNU.
-जनवरी 2024 सत्र से होगी चार वर्षीय स्नातक डिग्री की शुरुआत
विज्ञापन

-बदल जाएगा ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड से पढ़ाई का तरीका

-हिंदी, अंग्रेजी, भारतीय भाषाओं में छात्रों को मिलेगा पढ़ाई का मौका
---------------
-पहले वर्ष मानव मूल्य, भारतीय संस्कृति, परंपरा की पढ़ाई अनिवार्य

सीमा शर्मा

नई दिल्ली।

इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी(इग्नू) से स्नातक में ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड (ओडीएल) से पढ़ाई करने वाले पहले वर्ष के छात्र अब एक साल की पढ़ाई के बाद डीयू, जेएनयू जैसी रैगुलर यूनिवर्सिटी से अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकेंगे। शैक्षणिक सत्र जनवरी 2024 से इग्नू राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)2020 के तहत स्नातक में चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। खास बात यह है कि एनईपी 2020 के चलते पहली बार ओडीएल में दाखिला लेने वाले छात्र पहली बार वोकेशनल कोर्स के साथ बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर अपनी डिग्री रैगुलर यूनिवर्सिटी से प्राप्त कर पाएंगे।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 से सभी विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों को लागू करने का निर्देश दिया है। इसी के तहत इग्नू जनवरी 2024 सत्र से चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। अब दुनिया और देश के सबसे बड़े दूरस्थ माध्यम से पढ़ाई करवाने वाले इग्नू भी अन्य रैगुलर यूनिवर्सिटी की तर्ज पर छात्रों को बहुविषयक (मल्टीडिसीप्लिनरी) पढ़ाई और मल्टीपल एंट्री-एग्जिट की सुविधा भी देगा। विश्वविद्यालय वोकेशनल कोर्स में नृत्य, संगीत, नाट्यशाला, कंप्यूटर, ट्रांसलेशन, रेडियो, टेलीविजन राइटिंग कोर्स में इसकी शुरुआत करेेगा। क्योंकि विवि के पास इसका सेटअप बना हुआ है। इसमें यूजीसी के दिशा-निर्देशों के तहत कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय मदद करेगा।
विज्ञापन


---

अध्ययन सामग्री अंग्रेजी व हिंदी और कक्षा भारतीय भाषा में
चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के तहत शुरुआत में कुछ विषयों को छोड़कर अध्ययन सामग्री (स्ट्डी मेटिरियल)अंग्रेजी और हिंदी में उपलब्ध करवाई जाएगी। जबकि कक्षाओं (कुछ पढ़ाई के लिए कक्षाएं भी लगती हैं)में होने वाली पढ़ाई भारतीय भाषा में होगी। इग्नू के विशेषज्ञ स्ट्डी मेटिरियल को विभिन्न भारतीय भाषाओं में ट्रांसलेट करने में जुटे हुए हैं। विवि जनवरी 2024 के तहत पहले चरण में छह से सात भाषाओं से शुरुआत कर सकता है। जबकि अन्य सभी विषयों को सभी भारतीय भाषाओं में चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जाना है। फिलहाल, अभी तक कुछ प्रोफेशनल और मैनेजमेंट (सिर्फ अंग्रेजी) प्रोग्राम को छोड़कर अन्य सभी कोर्स का स्ट्डी मेटिरियल हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। विवि के विशेषज्ञ ह्यूमैनिटीज, कॉमर्स और साइंस स्ट्रीम के सभी कोर्स का स्ट्डी मेटिरियल तैयार करने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


--------

बीए, बीकॉम, बीएससी इन मेजर नाम होगा
चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम का नाम ह्यूमैनिटीज में बीए -इन-मेजर तो कॉमर्स में बीकॉम -इन मेजर और साइंस स्ट्रीम में बीएससी-इन मेजर नाम होगा। छात्र के पास मल्टीपल एंट्री-एग्जिट का विकल्प होगा। स्नातक की चार वर्षीय डिग्री 160 क्रेडिट की होगी। जबकि तीन वर्षीय डिग्री 120 क्रेडिट की रहेगी। स्नातक डिग्री मेजर और माइनर में चलेगी। स्नातक का मुख्य विषय मेजर होगा और अन्य विषय माइनर माने जाएंगे। इसमें 60 क्रेडिट का मेजर और 24-24 क्रेडिट का माइनर, 12 क्रेडिट का इलेक्टिव और 12 ही क्रेडिट वोकेशनल में रहेंगे। इसके अलावा स्नातक के पहले वर्ष में सभी छात्रों को अनिवार्य रूप से छह क्रेडिट के मानव मूल्य, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, परंपरा आदि की पढ़ाई करनी होगी। छात्र को बीएससी के साथ-साथ बीए के हिस्ट्री जैसे मनपसंद विषयों को पढ़ने की भी आजादी होगी।

----

पढ़ाई सेमेस्टर और परीक्षा वार्षिक होगी
इग्नू अन्य सभी आम विश्वविद्यालयों की तर्ज पर पढ़ाई छह-छह महीने के सेमेस्टर से करवाएगा। लेकिन परीक्षा प्रति सेमेस्टर की बजाय वार्षिक होगी। इग्नू अपनी परीक्षा टर्म एंड एग्जाम पैटर्न पर करवाता रहेगा। हालांकि असाइनमेंट भी सेमेस्टर वाइज ही होंगे। एक साल की पढ़ाई में सर्टिफिकेट, दो साल में डिप्लोमा और तीन साल में बीए, बीकॉम या बीएससी इन मेजर की डिग्री मिलेगी । जबकि चौथे साल में ऑनर्स या रिसर्च की डिग्री होगी, लेकिन इसमें अभी शुरुआती बैठक हुई। छात्र एक डिग्री के साथ दूसरी डिग्री की पढ़ाई भी कर सकेंगे। इसे ड्यूल डिग्री का नाम दिया जाएगा। सभी छात्रों को अकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का लाभ मिलेगा। इसमें छात्र अपनी पसंद के किसी भी विषय की पढ़ाई भी कर सकता है। उसके अंक उसके क्रेडिट बैंक में जुड़ जाएंगे।

----

पढ़ाई बीच में छोड़ने पर भी वोकेशनल विषय पढ़ने अनिवार्य:
यदि कोई छात्र एक साल की पढ़ाई के बाद एग्जिट करता है तो उसे 4 -4 क्रेडिट के वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई जरूरी होगी। इसके बाद उसे एग्जिट पर 44 क्रेडिट का यूजी सर्टिफिकेट मिलेगा। दो साल की पढ़ाई पूरी करने पर 84 क्रेडिट का यूजी डिप्लोमा और तीन साल की पढ़ाई पूरी करने पर बीए इन मेजर की 120 क्रेडिट की डिग्री मिलेगी। इसके बाद यदि कोई छात्र ऑनर्स करना चाहता होगा तो 40 क्रेडिट की पढ़ाई करनी पड़ेगी। इस दौरान उसे सेमिनार, रिसर्च के साथ एंटरप्रिंन्योरिशिप से जोड़ा जाएगा।

------

छात्रों को उनकी भाषा व तकनीक से जोड़ेंगे
उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात यानी जीईआर को 50 फीसदी पहुंचाना है। इसके लिए उच्च शिक्षा में 3.5 करोड़ सीट जोड़ी जानी हैं। स्कूली शिक्षा पूरी करने वाले सभी छात्रों की उच्च शिक्षा की पढ़ाई को पूरा करवाना है। इग्नू भारतीय भाषाओं में पढ़ाई के साथ -साथ ऑनलाइन काउंसलिंग भी भारतीय भाषाओं में करेगा। दाखिला से लेकर छात्रों को उनकी भाषा और तकनीक के माध्यम से शिक्षा से जोड़ा जाएगा।

- प्रोफेसर सत्यकाम, प्रो. वाइस चांसलर, इग्नू ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed