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Noida News: रोजगार मिले तो रुके पलायन, आबाद रहेगा पहाड़

Sat, 08 Nov 2025 07:25 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 08 Nov 2025 07:25 PM IST
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If employment is provided, migration will stop and the mountains will remain inhabited.
उत्तराखंड स्थापना दिवस आज
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फोटो
नोट- ऑनलाइन न चलाएं

स्थापना के 25 साल बाद भी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रहीं


अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। यूपी से अलग होकर बने उत्तराखंड ने भले ही 25 साल पूरे कर लिए हों लेकिन वहां अब तक लोगों को बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। ग्रेनो व ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले उत्तराखंड समाज के लोगों ने बताया कि वहां सबसे बड़ी समस्या रोजगार न होना है। यदि युवाओं को रोजगार मिले तो पलायन रुक सकता है। इससे पहाड़ आबाद रहेगा लेकिन किसी भी सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
स्वास्थ्य सुविधाएं भी बेहतर नहीं
उत्तराखंड के निवासियों ने बताया कि यदि कोई बीमार पड़ जाता है तो दिल्ली सहित अन्य राज्यों के अस्पतालों में जाना पड़ता है। अधिकतर इलाका पर्वतीय क्षेत्र का ही है। पलायन की दूसरी वजह स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी भी है। यदि पहाड़ में प्रकृति की छाया न हो तो कोई भी वहां जाना नहीं चाहेगा। पहाड़ में घूमने जाने वाले शैलानियों के कारण ही कई घरों में दो वक्त का चूल्हा चल रहा है। वरना उनके सामने दो वक्त की रोटी का भी संकट खड़ा हो सकता है। कागजों में ही कई सुविधाएं लोगों को मिल रही हैं।
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कब बना उत्तराखंड
उत्तराखंड की स्थापना 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग होकर हुई थी। इसे पहले उत्तरांचल के नाम से जाना जाता था। 2007 में इसका नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर उत्तराखंड कर दिया गया।
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रोजगार सबसे अहम पहलू है। इसके कारण लोग दूसरे राज्यों की ओर भाग रहे हैं। - सत्येंद्र नेगी, बीटा-दो

बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण लाखों परिवार यूपी में रह रहे हैं। -मनोज कुकरेती, ईकोविलेज-दो

रिटायर होने के बाद गांव जाने तो सोचा था लेकिन अब मन बदल गया है क्योंकि तीन महीने तक बिजली का मीटर ही नहीं लग सका। - डीएस नेगी, डेल्टा एक
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