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हाईकोर्ट ने जेल स्टाफ व कैदियों को कोरोना वैक्सीन लगाने की मांग वाली याचिका खंडपीठ को भेजी

Thu, 18 Feb 2021 12:32 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2021 12:32 AM IST
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high court send the petion demanding vaccination of jail inmates and staff to division bench for hearing
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने जेल स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों व कैदियों को कोरोना वैक्सीन लगाने वाली याचिका को सुनवाई के लिए खंडपीठ के समक्ष भेज दिया है। ये याचिका एक महिला कैदी ने दायर की है।
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न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने याचिका को सुनवाई के लिए खंडपीठ के समक्ष भेज दिया क्योंकि ऐसी ही एक अन्य याचिका वहां विचाराधीन है। याचिका में दावा किया गया है कि जेल स्टाफ, सुरक्षाकर्मियों तथा वहां बंद कैदियों को कोरोना वैक्सीन लगाना जेल प्रशासन व कैदियों के हित में है।
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याचिका दायर करने वाली महिला शारदा जैन (63) हत्या, अपहरण व आपराधिक साजिश के अपराध में उम्रकैद काट रही है। याचिका में कहा गया है कि जेल महानिदेशक ने कैदियों को तय तारीखों पर सरेंडर करने का आदेश दिया है और ये सात फरवरी 2021 से प्रभावी है। याचिका में कैदियों के सरेंडर से पहले उन्हें कोरोना वैक्सीन लगवाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।
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पेश याचिका अधिवक्ता अमित साहनी के जरिये दायर कर कहा गया है कि तिहाड़ जेल की दस हजार की क्षमता के मुकाबले वहां 18 हजार कैदी हैं। ये देश की सबसे ज्यादा भीड़ वाली जेलों में से एक है। इसके मद्देनजर वहां सोशल डिस्टेंसिंग और केंद्रीय गृह मंत्रालय की कंटेनमेंट संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना संभव नहीं है।
याचिका में कहा गया है कि जीवन की रक्षा करना राज्य की जिम्मेदारी है चाहे वह शख्स आम नागरिक है या अपराधी है। इससे संबंधित अधिकारों को यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स में स्वीकार किया गया है। दि इंटरनेशनल कॉविनेंट ऑन इकॉनोमिक्स, सोशल एंड कल्चरल राइट्स (आईसीईएसआर) में भी कहा गया है कि कैदियों को भी शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के उच्च मानकों को प्राप्त करने का अधिकार है।

इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त का अधिकार संविधान में दिए गए जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग है। कैदियों को उचित स्वास्थ्य देखभाल मुहैया न करवाना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। इसलिए इसमें कोर्ट के हस्तक्षेप की आवश्यकता है। - एजेंसी
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