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वक्फ बोर्ड चुनाव : जल्द सुनवाई की अर्जी हाईकोर्ट से खारिज
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड को लेकर लंबित याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब अदालत में सुनवाई आरंभ होगी तभी मुख्य याचिका पर बहस होगी। अर्जी दाखिल करते हुए हरियाणा वक्फ बोर्ड ने कहा था कि वक्फ बोर्ड चेयरमैन के चुनाव न होने और मामला विचाराधीन होने के चलते बोर्ड के काम रुके हैं। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव और सदस्यों के चयन दोनों विषयों पर अदालत में नियमित सुनवाई आरंभ होने के बाद ही चर्चा हो सकती है।
इस मामले में दायर याचिका में एडवोकेट मोहम्मद अरशद ने हरियाणा वक्फ बोर्ड के गठन को चुनौती दी थी। इस पर हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड की बैठक पर रोक के आदेश दिए थे, लेकिन बाद में कोर्ट ने बैठक आयोजित करने की सरकार को छूट दे दी थी। इस मामले सुनवाई के दौरान न्याय प्रशासन विभाग के अवर सचिव ने हाईकोर्ट में जवाब दायर कर याचिका में लगाए गए आरोपों को नकारते हुए याचिका को खारिज करने की मांग की थी।
याचिका में कहा गया था कि हरियाणा वक्फ बोर्ड का गठन करते हुए नियमों को ताक पर रखा गया है। बोर्ड के गठन को लेकर जो प्रावधान हैं उनको दरकिनार करते हुए गठन किया गया है। याचिकाकर्ता ने बोर्ड के गठन को ही अवैध करार देते हुए कहा कि जब बोर्ड का गठन ही अवैध है तो ऐसे में इसके चेयरमैन के चुनाव को वैध करार नहीं दिया जा सकता। इसके बाद हरियाणा सरकार ने बताया था कि बोर्ड के चेयरमैन का चुनाव किया ही नहीं गया, बल्कि बैठक के चेयरमैन का चुनाव हुआ था। तब सरकार ने आश्वासन दिया था कि बिना हाईकोर्ट की अनुमति के चुनाव नहीं करवाया जाएगा। तभी से याचिका लंबित है।
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इस मामले में दायर याचिका में एडवोकेट मोहम्मद अरशद ने हरियाणा वक्फ बोर्ड के गठन को चुनौती दी थी। इस पर हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड की बैठक पर रोक के आदेश दिए थे, लेकिन बाद में कोर्ट ने बैठक आयोजित करने की सरकार को छूट दे दी थी। इस मामले सुनवाई के दौरान न्याय प्रशासन विभाग के अवर सचिव ने हाईकोर्ट में जवाब दायर कर याचिका में लगाए गए आरोपों को नकारते हुए याचिका को खारिज करने की मांग की थी।
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याचिका में कहा गया था कि हरियाणा वक्फ बोर्ड का गठन करते हुए नियमों को ताक पर रखा गया है। बोर्ड के गठन को लेकर जो प्रावधान हैं उनको दरकिनार करते हुए गठन किया गया है। याचिकाकर्ता ने बोर्ड के गठन को ही अवैध करार देते हुए कहा कि जब बोर्ड का गठन ही अवैध है तो ऐसे में इसके चेयरमैन के चुनाव को वैध करार नहीं दिया जा सकता। इसके बाद हरियाणा सरकार ने बताया था कि बोर्ड के चेयरमैन का चुनाव किया ही नहीं गया, बल्कि बैठक के चेयरमैन का चुनाव हुआ था। तब सरकार ने आश्वासन दिया था कि बिना हाईकोर्ट की अनुमति के चुनाव नहीं करवाया जाएगा। तभी से याचिका लंबित है।
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