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डिप्लोमा कोर्स की ट्यूशन फीस में भारी बढ़ोत्तरी, फिर से विचार करे सरकार : हाईकोर्ट

Mon, 10 Nov 2025 07:19 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 10 Nov 2025 07:19 PM IST
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High Court issues notice to government for reconsidering the steep hike in tuition fees for diploma courses
-बढ़ोत्तरी के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बता पा रही सरकार
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-फीस में दो गुना बढ़ोत्तरी को याचिका के माध्यम से दी गई है चुनौती



अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को वेटेरनरी और लाइवस्टॉक डेवलपमेंट डिप्लोमा कोर्स की ट्यूशन फीस में भारी बढ़ोतरी पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस बढ़ोतरी के पीछे कोई ठोस वजह नहीं दी गई है। डिप्लोमा कोर्स के स्टूडेंट गौरव ने याचिका दाखिल करते हुए प्रदेश सरकार की 21 अगस्त, 2024 की अधिसूचना को चुनौती दी थी। इसके माध्यम से 2024-25 के लिए स्टेट कोटे के स्टूडेंट्स के लिए सालाना ट्यूशन फीस 90,000 से बढ़ाकर 1.8 लाख और मैनेजमेंट कोटा सीटों के लिए 1.5 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख कर दी गई थी।

याची ने कहा कि फीस में बहुत ज़्यादा बढ़ोतरी शिक्षा का कामर्शियलाइज़ेशन है। 2023-24 के लिए, स्टेट कोटे के लिए फीस 60,000 से बढ़ाकर 90,000 और मैनेजमेंट कोटे के लिए 90,000 से बढ़ाकर 1.5 लाख कर दी गई थी। बताया गया कि अगले सेशन 2024-2025 के लिए यह बढ़ोतरी लगभग 100% है। कोर्ट ने देखा कि फीस तय करने के लिए एक कमेटी तो बनाई गई थी लेकिन एक साल के अंदर इतनी ज़्यादा बढ़ोतरी को सही ठहराने के लिए कोई ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया या कारण दर्ज नहीं किए गए। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के उन ऐतिहासिक फैसलों का ज़िक्र किया जिनमें यह दोहराया गया था कि इंस्टीट्यूशन प्रॉफिट कमाने में शामिल नहीं हो सकते। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया था कि फीस स्ट्रक्चर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टाफ की सैलरी और भविष्य के डेवलपमेंट प्लान जैसे ज़रूरी फैक्टर पर आधारित होना चाहिए। कोर्ट ने हरियाणा सरकार को यह मामला एक सही कमेटी को भेजने का निर्देश दिया है जो कॉलेजों और स्टूडेंट्स के प्रतिनिधियों, दोनों की बात सुनेगी और सुप्रीम कोर्ट के बनाए कानून के हिसाब से दो महीने के अंदर फीस फिर से तय करेगी। कोर्ट ने कहा कि अगर कमेटी फीस कम करने का फैसला करती है, तो रिफंड के लिए सरकार को सही फैसला लेना होगा।
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