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यहां बिजली कंपनी नहीं देती कनेक्शन फिर भी हर घर है रोशन
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ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में भू-माफिया के साथ बिजली माफिया चांदी काट रहा है। यहां खुलेआम बिजली की चोरी कर अवैध मकानों में आपूर्ति की जाती है। नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) यहां बिजली कनेक्शन नहीं देती है। उसके बाद भी डूब एरिया में बने हजारों घर बिजली से रोशन हैं।
हर मकान से 500 से 1000 रुपये का बिल वसूला जाता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली माफिया को कंपनी और राजनेताओं का भी साथ मिल रहा है। बिसरख, जलपुरा, कुलेसरा, हल्दौनी, सुथ्याना और लखनावली गांव में हिंडन नदी के डूब एरिया में बड़ी संख्या में भू-माफिया सक्रिय हैं। यहां लगातार प्लॉटिंग की जा रही है। डूब एरिया के पुस्ता के दूसरी तरफ गांव की जमीन है। वहां जगह-जगह एनपीसीएल के बिजली ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। आरोप है कि बिजली माफिया ने कंपनी के अधिकारियों से मिलीभगत कर ट्रांसफार्मर लगवाए गए थे। यहीं से बिजली चोरी कर डूब एरिया में आपूर्ति की जा रही है। कुलेसरा से लेकर लखनावली तक तारों का मकड़जाल फैला हुआ है। बिजली माफियाओं की पूरी टीम सक्रिय रहती है। एक माफिया के पास 1000 से 5000 घर है।
ना रिकॉर्ड और ना कार्रवाई का डर
बिजली कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक कॉलोनी काटने के आधार पर प्रशासन भू-माफिया का रिकॉर्ड तैयार करा लेता है। लेकिन बिजली माफिया का रिकॉर्ड किसी के पास नहीं है। बिजली कंपनी भी इसकी अनदेखी कर रही है। कई बार आपूर्ति बंद करने की कोशिश की, लेकिन राजनीति दल हावी हो जाते है।
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प्लॉट की रजिस्ट्री के समय किसी ने नहीं बताया कि यहां रहना अवैध है। हमको बिजली चाहिए। चाहे किसी से भी मिले। बिजली का 1000 रुपये बिल भी देते है।- राजगुरु, स्थानीय निवासी
यहां कंपनी बिजली का कनेक्शन नहीं दे रही थी। कुछ लोग निर्धारित मासिक शुल्क पर बिजली आपूर्ति करते हैं। बिजली उपयोग करने के एवज में उनको हर माह बिल का भुगतान करते है। - रामेश्वर गुप्ता, स्थानीय निवासी
डूब क्षेत्र में लगातार रजिस्ट्री हो रही है। मकान भी बन रहे हैं। वहां बिजली कनेक्शन देने पर रोक है। इस कारण लोग बिजली चोरी कर रहे हैं। कई बार कार्रवाई भी की गई, लेकिन फिर से बिजली चोरी शुरू हो जाती है। इस संबंध में जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है।- सारनाथ गांगुली, वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशन) एनपीसीएल।
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हर मकान से 500 से 1000 रुपये का बिल वसूला जाता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली माफिया को कंपनी और राजनेताओं का भी साथ मिल रहा है। बिसरख, जलपुरा, कुलेसरा, हल्दौनी, सुथ्याना और लखनावली गांव में हिंडन नदी के डूब एरिया में बड़ी संख्या में भू-माफिया सक्रिय हैं। यहां लगातार प्लॉटिंग की जा रही है। डूब एरिया के पुस्ता के दूसरी तरफ गांव की जमीन है। वहां जगह-जगह एनपीसीएल के बिजली ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। आरोप है कि बिजली माफिया ने कंपनी के अधिकारियों से मिलीभगत कर ट्रांसफार्मर लगवाए गए थे। यहीं से बिजली चोरी कर डूब एरिया में आपूर्ति की जा रही है। कुलेसरा से लेकर लखनावली तक तारों का मकड़जाल फैला हुआ है। बिजली माफियाओं की पूरी टीम सक्रिय रहती है। एक माफिया के पास 1000 से 5000 घर है।
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ना रिकॉर्ड और ना कार्रवाई का डर
बिजली कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक कॉलोनी काटने के आधार पर प्रशासन भू-माफिया का रिकॉर्ड तैयार करा लेता है। लेकिन बिजली माफिया का रिकॉर्ड किसी के पास नहीं है। बिजली कंपनी भी इसकी अनदेखी कर रही है। कई बार आपूर्ति बंद करने की कोशिश की, लेकिन राजनीति दल हावी हो जाते है।
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प्लॉट की रजिस्ट्री के समय किसी ने नहीं बताया कि यहां रहना अवैध है। हमको बिजली चाहिए। चाहे किसी से भी मिले। बिजली का 1000 रुपये बिल भी देते है।- राजगुरु, स्थानीय निवासी
यहां कंपनी बिजली का कनेक्शन नहीं दे रही थी। कुछ लोग निर्धारित मासिक शुल्क पर बिजली आपूर्ति करते हैं। बिजली उपयोग करने के एवज में उनको हर माह बिल का भुगतान करते है। - रामेश्वर गुप्ता, स्थानीय निवासी
डूब क्षेत्र में लगातार रजिस्ट्री हो रही है। मकान भी बन रहे हैं। वहां बिजली कनेक्शन देने पर रोक है। इस कारण लोग बिजली चोरी कर रहे हैं। कई बार कार्रवाई भी की गई, लेकिन फिर से बिजली चोरी शुरू हो जाती है। इस संबंध में जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है।- सारनाथ गांगुली, वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशन) एनपीसीएल।