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Noida News: औद्योगिक शहर में भारी वाहन भी धड़ल्ले से तोड़ रहे नियम

Mon, 07 Sep 2026 07:17 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 07:17 PM IST
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Heavy vehicles are also blatantly breaking rules in the industrial city
-फोटो
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-प्रतिमाह औसतन 9,800 वाहनों पर कार्रवाई, आठ महीने में 78693 के चालान और 327 सीज

काव्यांश मिश्रा
भारी वाहनों पर कार्रवाई तेज, आठ माह में 78,693 चालान
नोएडा। औद्योगिक शहर की सड़कों पर भारी वाहन यातायात नियमों की अनदेखी कर फर्राटा भर रहे हैं। कहीं ओवरलोडिंग तो कहीं जरूरी मानकों के अधूरे होने के बावजूद वाहन सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्रवाई के बावजूद नियम तोड़ने वाले चालकों पर इसका अपेक्षित असर नहीं दिख रहा है। वर्ष 2026 में जनवरी से अगस्त तक जिले में 78,693 भारी वाहनों के चालान किए गए हैं। इनमें 327 वाहनों को सीज किया गया। आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान प्रतिमाह औसतन 9,800 से अधिक भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
जिले में कच्चा माल और तैयार उत्पाद लाने-ले जाने के लिए छोटे से लेकर बड़े मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल होता है। औद्योगिक गतिविधियां अधिक होने के कारण गौतमबुद्ध नगर में भारी वाहनों के लिए नो एंट्री का समय भी अन्य जिलों से अलग है। इसके चलते सुबह से देर रात तक शहर की सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।
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मई से अगस्त तक कार्रवाई में तेजी

वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का आंकड़ा अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन मई से इसमें तेजी आई। जनवरी में 9,640, फरवरी में 7,652, मार्च में 9,059 और अप्रैल में 6,854 वाहनों के चालान किए गए। इसके बाद मई में 11,456, जून में 11,362, जुलाई में 11,259 और अगस्त में 11,411 वाहनों के चालान किए गए। मई से अगस्त के बीच चार महीनों में ही 45,488 भारी वाहनों के चालान किए गए। यानी इस अवधि में प्रतिमाह औसतन करीब 11,372 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
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पिछले साल से 8,086 अधिक चालान
भारी वाहनों के खिलाफ इस साल कार्रवाई पिछले वर्ष की तुलना में भी अधिक रही है। वर्ष 2024 में जिले में 86,785 भारी वाहनों के चालान किए गए थे और 842 वाहन सीज किए गए थे। वर्ष 2025 में चालान की संख्या घटकर 70,607 रह गई, जबकि इस दौरान 535 वाहन सीज किए गए। वर्ष 2026 में अगस्त तक ही 78,693 चालान किए जा चुके हैं। यह संख्या वर्ष 2025 के पूरे साल में किए गए चालानों से 8,086 अधिक है, जबकि सीज किए गए वाहनों की संख्या पिछले दो वर्षों की तुलना में कम है।

मानकों की अनदेखी से हादसे का खतरा
भारी वाहनों में ओवरलोडिंग के अलावा अन्य निर्धारित मानकों की अनदेखी भी सामने आती है। वाहनों के मानक पूरे नहीं होने और अधिक भार लदे होने से सड़क पर वाहन का संतुलन बिगड़ने के साथ ब्रेकिंग क्षमता प्रभावित होने का खतरा रहता है। इससे अन्य वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

भारी वाहनों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। मानक पूरे नहीं होने की वजह से हादसे का खतरा बना रहता है। इससे यातायात भी बाधित हो सकता है। -अभय कुमार मिश्र, डीसीपी ट्रैफिक
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