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हल्दीराम कंपनी पर हुआ था रैंसमवेयर वायरस का हमला
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हल्दीराम कंपनी पर हुआ था रैंसमवेयर वायरस का हमला
नोएडा। 12 जुलाई की रात वायरस अटैक के कारण देश की बड़ी फूड एवं पैकेजिंग कंपनी हल्दीराम का काम करीब 3 घंटे तक ठप रहा था। बाद में एक्सपर्ट की मदद से किसी तरह काम शुरू किया गया। जानकारी के अनुसार उस रात दुनिया भर की सैकड़ों कंपनियों पर रैंसमवेयर वायरस का अटैक हुआ था। इसका सबसे ज्यादा असर यूरोप और पश्चिम के देशों में देखने को मिला था। हल्दीराम कंपनी भी इसी वायरस की जद में आई थी।
दरअसल, रैंसमवेयर एक ऐसा वायरस है जो कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल में आते ही उसका डाटा हैक कर लेता है। साइबर अपराधी इस वायरस का इस्तेमाल कर डाटा वापस करने की एवज में कंपनियों से लाखों रुपये की उगाही करते हैं। हल्दीराम कंपनी से भी साढ़े सात लाख रुपये की डिमांड की थी। हल्दीराम कंपनी का नोएडा के सेक्टर-62 के सी ब्लॉक में कॉरपोरेट ऑफिस है। यहां से कंपनी का आईटी विभाग संचालित और नियंत्रित होता है। कंपनी के डीजीएम आईटी अजीज खान ने पुलिस से शिकायत की थी कि 12 और 13 जुलाई की रात कंपनी के कॉरपोरेट ऑफिस के सर्वर पर वायरस अटैक हुआ था। इसकी वजह से मार्केटिंग बिजनेस से लेकर अन्य विभाग का डाटा गायब हो गया और कई विभागों का डाटा डिलीट भी कर दिया गया था। कंपनी की कई महत्वपूर्ण फाइलें भी गायब हो गई थीं। इससे कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ा। अजीज खान की शिकायत पर कोतवाली सेक्टर- 58 पुलिस ने जांच के बाद 14 अक्तूबर को धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। कमिश्नरेट पुलिस मामले की जांच कर रही है।
साइबर अटैक से कंपनी को नुकसान हुआ है। इस मामले में साइबर सेल की टीम जांच कर रही है।
रणविजय सिंह, एडीसीपी
मांगा जाता है पासवर्ड
रैंसमवेयर वायरस कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल के सिस्टम में आते ही कुछ सेकंड में फाइल्स और डाक्यूमेंट्स को लॉक या डिलीट कर देता है। लॉक होने के दौरान आपके कंप्यूटर पर पासवर्ड मांगा जाता है जो रैंसमवेयर वायरस बनाने वालों के पास मौजूद होता है। उसे पाने के लिए कुछ पैसे देने होते हैं। यह वायरस मुख्य रूप से स्पैम लिंक्स या ईमेल द्वारा कंप्यूटर में आता है।
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वायरस अटैक से ऐसे बचें
अपने महत्वपूर्ण डाटा को कंप्यूटर में न रखें।
डाटा का बैकअप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से रखें।
हमेशा अपने सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें और लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट का इस्तेमाल करें।
अनचाहे लिंक और पॉप अप मैसेज को क्लिक नहीं करें।
स्पैम ईमेल्स के अटैचमेंट डाउनलोड न करें।
हमेशा अच्छे एंटी वायरस प्रोग्राम का इस्तेमाल करें और समय-समय पर उसे अपडेट करते रहें।
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नोएडा। 12 जुलाई की रात वायरस अटैक के कारण देश की बड़ी फूड एवं पैकेजिंग कंपनी हल्दीराम का काम करीब 3 घंटे तक ठप रहा था। बाद में एक्सपर्ट की मदद से किसी तरह काम शुरू किया गया। जानकारी के अनुसार उस रात दुनिया भर की सैकड़ों कंपनियों पर रैंसमवेयर वायरस का अटैक हुआ था। इसका सबसे ज्यादा असर यूरोप और पश्चिम के देशों में देखने को मिला था। हल्दीराम कंपनी भी इसी वायरस की जद में आई थी।
दरअसल, रैंसमवेयर एक ऐसा वायरस है जो कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल में आते ही उसका डाटा हैक कर लेता है। साइबर अपराधी इस वायरस का इस्तेमाल कर डाटा वापस करने की एवज में कंपनियों से लाखों रुपये की उगाही करते हैं। हल्दीराम कंपनी से भी साढ़े सात लाख रुपये की डिमांड की थी। हल्दीराम कंपनी का नोएडा के सेक्टर-62 के सी ब्लॉक में कॉरपोरेट ऑफिस है। यहां से कंपनी का आईटी विभाग संचालित और नियंत्रित होता है। कंपनी के डीजीएम आईटी अजीज खान ने पुलिस से शिकायत की थी कि 12 और 13 जुलाई की रात कंपनी के कॉरपोरेट ऑफिस के सर्वर पर वायरस अटैक हुआ था। इसकी वजह से मार्केटिंग बिजनेस से लेकर अन्य विभाग का डाटा गायब हो गया और कई विभागों का डाटा डिलीट भी कर दिया गया था। कंपनी की कई महत्वपूर्ण फाइलें भी गायब हो गई थीं। इससे कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ा। अजीज खान की शिकायत पर कोतवाली सेक्टर- 58 पुलिस ने जांच के बाद 14 अक्तूबर को धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। कमिश्नरेट पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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साइबर अटैक से कंपनी को नुकसान हुआ है। इस मामले में साइबर सेल की टीम जांच कर रही है।
रणविजय सिंह, एडीसीपी
मांगा जाता है पासवर्ड
रैंसमवेयर वायरस कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल के सिस्टम में आते ही कुछ सेकंड में फाइल्स और डाक्यूमेंट्स को लॉक या डिलीट कर देता है। लॉक होने के दौरान आपके कंप्यूटर पर पासवर्ड मांगा जाता है जो रैंसमवेयर वायरस बनाने वालों के पास मौजूद होता है। उसे पाने के लिए कुछ पैसे देने होते हैं। यह वायरस मुख्य रूप से स्पैम लिंक्स या ईमेल द्वारा कंप्यूटर में आता है।
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वायरस अटैक से ऐसे बचें
अपने महत्वपूर्ण डाटा को कंप्यूटर में न रखें।
डाटा का बैकअप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से रखें।
हमेशा अपने सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें और लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट का इस्तेमाल करें।
अनचाहे लिंक और पॉप अप मैसेज को क्लिक नहीं करें।
स्पैम ईमेल्स के अटैचमेंट डाउनलोड न करें।
हमेशा अच्छे एंटी वायरस प्रोग्राम का इस्तेमाल करें और समय-समय पर उसे अपडेट करते रहें।