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Noida News: कंपनी का ई मेल हैक कर एक करोड़ रुपये पुर्तगाल के बैंक में ट्रांसफर कराए
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कंपनी का ई मेल हैक कर एक करोड़ रुपये पुर्तगाल के बैंक में ट्रांसफर कराए
- नोएडा की कंपनी के पास नीदरलैंड की कंपनी के नाम पर भेजी गई मेल
- केमिकल भेजने के नाम पर की अंतरराष्ट्रीय ठगी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नीदरलैंड की कंपनी के नाम पर फर्जी ई मेल भेजकर नोएडा की कंपनी से केमिकल भेजने के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर ली। एक करोड़ की यह रकम पुर्तगाल के दो बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई है। जब नोएडा की कंपनी को इस ठगी का पता चला तब गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल पर शिकायत की। अब इस मामले में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सेक्टर-57 स्थित बी ब्लॉक में न्यू एज टेक रिसर्च कंपनी का केमिकल का काम है और कई देशों से केमिकल का आयात निर्यात किया जाता है। कंपनी के एवीपी आशीष ने पुलिस से शिकायत की है कि कंपनी को अलग किस्म के केमिकल की जरूरत थी। सितंबर महीने में अंतरराष्ट्रीय साइबर जालसाज ने नीदरलैंड की एक बड़ी कंपनी के सेल्स मैनेजर के रूप में जान वैन डेर स्टूप नाम से एक ई मेल भेजा। उसने ई मेल में बताया कि कंपनी के पास केमिकल की उपलब्धता है। इसके बाद कई राउंड की बातचीत हुई और केमिकल आयात करने पर सहमति बनी। इसके बाद जालसाजों ने ई मेल पर दो चालान भेजे। दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ। इसमें जालसाजों ने बताया कि 30 फीसदी रकम एडवांस में लिया जाएगा और 70 फीसदी रकम बाद में देना होगा। इसके बाद दोनों तरफ से सहमति बनी और नोएडा की कंपनी की तरफ से दो चालान के एवज में करीब एक करोड़ रुपये की राशि यूरो में भेज दी गई। इसके बाद फिर से जालसाजों ने रकम की मांग की तब पता चला कि जिस ईमेल आईडी से नोएडा की कंपनी से बातचीत हो रही थी, वह नीदरलैंड की कंपनी की आईडी नहीं थी। दरअसल जालसाजों ने ईमेल आईडी हैक कर नकली आईडी बना ली थी। इसके बाद नीदरलैंड की कंपनी से बातचीत की गई तब पता चला कि जिस जॉन वैन डेर स्टूप ने ई मेल भेजा था। उस नाम का उनकी कंपनी में कोई नहीं है।
पुर्तगाल के बैंक से संपर्क करेगी पुलिस
नोएडा की कंपनी की तरफ से एक करोड़ की राशि पुर्तगाल के जिन दो बैंकों में भेजी गई है। उन खातों और खाताधारकों की जांच के बाद जालसाजों की जानकारी होगी। इसके लिए पुलिस भारत सरकार की एजेंसी के माध्यम से पुर्तगाल पुलिस से संपर्क करेगी। वहीं पुलिस उस भारतीय बैंक से भी जानकारी लेगी। जहां से यह रकम ट्रांसफर की गई है।
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इंटरपोल से लेकर पुर्तगाल पुलिस से शिकायत
नोएडा की जिस कंपनी से एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई है। उस कंपनी की तरफ से इंटरपोल से लेकर पुर्तगाल पुलिस से इसकी शिकायत की है। इसके अलावा पुर्तगाल साइबर अपराध, नीदरलैंड स्थित भारतीय दूतावास में भी शिकायत की है। इस मामले में नोएडा पुलिस से लेकर कई एजेंसियां जांच में जुटी हुई है।
साइबर जालसाजों के इंटरनेशनल गैंग कनेक्शन
पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस मामले में साइबर जालसाजों के इंटरनेशनल गैंग का हाथ है। साइबर जालसाजों के इंटरनेशनल गैंग ने ई मेल में हेरफेर और हैक कर घटना को अंजाम दिया है। आशंका है कि जालसाजों के पास भारतीय कंपनियों का डेटा हो सकता है। इस डेटा के आधार पर ही इस जालसाजी को अंजाम दिया गया है।
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- नोएडा की कंपनी के पास नीदरलैंड की कंपनी के नाम पर भेजी गई मेल
- केमिकल भेजने के नाम पर की अंतरराष्ट्रीय ठगी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नीदरलैंड की कंपनी के नाम पर फर्जी ई मेल भेजकर नोएडा की कंपनी से केमिकल भेजने के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर ली। एक करोड़ की यह रकम पुर्तगाल के दो बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई है। जब नोएडा की कंपनी को इस ठगी का पता चला तब गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल पर शिकायत की। अब इस मामले में साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सेक्टर-57 स्थित बी ब्लॉक में न्यू एज टेक रिसर्च कंपनी का केमिकल का काम है और कई देशों से केमिकल का आयात निर्यात किया जाता है। कंपनी के एवीपी आशीष ने पुलिस से शिकायत की है कि कंपनी को अलग किस्म के केमिकल की जरूरत थी। सितंबर महीने में अंतरराष्ट्रीय साइबर जालसाज ने नीदरलैंड की एक बड़ी कंपनी के सेल्स मैनेजर के रूप में जान वैन डेर स्टूप नाम से एक ई मेल भेजा। उसने ई मेल में बताया कि कंपनी के पास केमिकल की उपलब्धता है। इसके बाद कई राउंड की बातचीत हुई और केमिकल आयात करने पर सहमति बनी। इसके बाद जालसाजों ने ई मेल पर दो चालान भेजे। दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ। इसमें जालसाजों ने बताया कि 30 फीसदी रकम एडवांस में लिया जाएगा और 70 फीसदी रकम बाद में देना होगा। इसके बाद दोनों तरफ से सहमति बनी और नोएडा की कंपनी की तरफ से दो चालान के एवज में करीब एक करोड़ रुपये की राशि यूरो में भेज दी गई। इसके बाद फिर से जालसाजों ने रकम की मांग की तब पता चला कि जिस ईमेल आईडी से नोएडा की कंपनी से बातचीत हो रही थी, वह नीदरलैंड की कंपनी की आईडी नहीं थी। दरअसल जालसाजों ने ईमेल आईडी हैक कर नकली आईडी बना ली थी। इसके बाद नीदरलैंड की कंपनी से बातचीत की गई तब पता चला कि जिस जॉन वैन डेर स्टूप ने ई मेल भेजा था। उस नाम का उनकी कंपनी में कोई नहीं है।
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पुर्तगाल के बैंक से संपर्क करेगी पुलिस
नोएडा की कंपनी की तरफ से एक करोड़ की राशि पुर्तगाल के जिन दो बैंकों में भेजी गई है। उन खातों और खाताधारकों की जांच के बाद जालसाजों की जानकारी होगी। इसके लिए पुलिस भारत सरकार की एजेंसी के माध्यम से पुर्तगाल पुलिस से संपर्क करेगी। वहीं पुलिस उस भारतीय बैंक से भी जानकारी लेगी। जहां से यह रकम ट्रांसफर की गई है।
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इंटरपोल से लेकर पुर्तगाल पुलिस से शिकायत
नोएडा की जिस कंपनी से एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई है। उस कंपनी की तरफ से इंटरपोल से लेकर पुर्तगाल पुलिस से इसकी शिकायत की है। इसके अलावा पुर्तगाल साइबर अपराध, नीदरलैंड स्थित भारतीय दूतावास में भी शिकायत की है। इस मामले में नोएडा पुलिस से लेकर कई एजेंसियां जांच में जुटी हुई है।
साइबर जालसाजों के इंटरनेशनल गैंग कनेक्शन
पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस मामले में साइबर जालसाजों के इंटरनेशनल गैंग का हाथ है। साइबर जालसाजों के इंटरनेशनल गैंग ने ई मेल में हेरफेर और हैक कर घटना को अंजाम दिया है। आशंका है कि जालसाजों के पास भारतीय कंपनियों का डेटा हो सकता है। इस डेटा के आधार पर ही इस जालसाजी को अंजाम दिया गया है।