{"_id":"696115d0ea01a7aa2f00fe0b","slug":"gsfd-grnoida-news-c-23-1-lko1064-84861-2026-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोजन भारत की सॉफ्ट पावर ही नहीं, बड़ा कारोबारी अवसर भी: जितिन प्रसाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोजन भारत की सॉफ्ट पावर ही नहीं, बड़ा कारोबारी अवसर भी: जितिन प्रसाद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो --
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। भारत में भोजन अब केवल सॉफ्ट पावर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह व्यापार, विकास और निर्यात के साथ-साथ मध्यम व लघु उद्यमों और विदेशी खरीदारों के लिए भी बड़ा अवसर बनता जा रहा है। यह बात वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रही इंडस फूड प्रदर्शनी के दौरान विश्व पाक कला विरासत सम्मेलन 2026 के उद्घाटन अवसर पर कही।
मंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन शेफ, आयातकों, निर्यातकों और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देने वाला मंच है, जो भविष्य में खाद्य उद्योग को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि भारत के पास सैकड़ों वर्षों पुरानी समृद्ध सांस्कृतिक और पाक विरासत है। देश का भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि इसके पीछे एक गहरा इतिहास, संस्कृति और परंपरा जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि देश में हर 50 किलोमीटर की दूरी पर व्यंजन, स्वाद और खानपान की संस्कृति बदल जाती है। यही विविधता भारतीय भोजन को दुनिया में खास पहचान दिलाती है। देश में करीब 40 हजार कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां पंजीकृत हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए नीतिगत सहयोग, निवेश और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि भारत वैश्विक खाद्य बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सके। कृषि एवं जलमार्ग मंत्री तोमासी तुआबुना, आईएफसीए के अध्यक्ष शेफ मनजीत गिल, वर्ल्डशेफ्स के उपाध्यक्ष शेफ उवे मिशेल, एशिया वर्ल्डशेफ के महाद्वीपीय निदेशक शेफ विलमेंट लियोंग, टीपीसीआई के अध्यक्ष मोहित सिंगला आदि लोग उद्घाटन में मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। भारत में भोजन अब केवल सॉफ्ट पावर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह व्यापार, विकास और निर्यात के साथ-साथ मध्यम व लघु उद्यमों और विदेशी खरीदारों के लिए भी बड़ा अवसर बनता जा रहा है। यह बात वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में चल रही इंडस फूड प्रदर्शनी के दौरान विश्व पाक कला विरासत सम्मेलन 2026 के उद्घाटन अवसर पर कही।
मंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन शेफ, आयातकों, निर्यातकों और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देने वाला मंच है, जो भविष्य में खाद्य उद्योग को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि भारत के पास सैकड़ों वर्षों पुरानी समृद्ध सांस्कृतिक और पाक विरासत है। देश का भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि इसके पीछे एक गहरा इतिहास, संस्कृति और परंपरा जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि देश में हर 50 किलोमीटर की दूरी पर व्यंजन, स्वाद और खानपान की संस्कृति बदल जाती है। यही विविधता भारतीय भोजन को दुनिया में खास पहचान दिलाती है। देश में करीब 40 हजार कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां पंजीकृत हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए नीतिगत सहयोग, निवेश और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि भारत वैश्विक खाद्य बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सके। कृषि एवं जलमार्ग मंत्री तोमासी तुआबुना, आईएफसीए के अध्यक्ष शेफ मनजीत गिल, वर्ल्डशेफ्स के उपाध्यक्ष शेफ उवे मिशेल, एशिया वर्ल्डशेफ के महाद्वीपीय निदेशक शेफ विलमेंट लियोंग, टीपीसीआई के अध्यक्ष मोहित सिंगला आदि लोग उद्घाटन में मौजूद रहे।
विज्ञापन