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Noida News: सीजन में पहली बार 280 पहुंचा ग्रेनो का एक्यूआई
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एनसीआर में सबसे अधिक और देश में तीसरा प्रदूषित शहर रहा ग्रेटर नोएडा
ग्रेप-1 लागू लेकिन शहर में इंतजाम नाकाफी, जगह-जगह हो रही नियमों की अनदेखी
249 रहा नोएडा का एक्यूआई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा/ग्रेटर नोएडा। दशहरा के बाद शहर की हवा खराब होने लगी है। बुधवार को ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई इस सीजन में सबसे अधिक 280 रहा। इसके अलावा, ग्रेनो एनसीआर का सबसे अधिक और देश का तीसरा प्रदूषित शहर रहा। नोएडा का एक्यूआई 249 रहा। दूसरी तरफ, ग्रेप-1 लागू होने के बाद भी नियमों का पालन कराने के लिए कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है। मंगलवार को ग्रेनो का एक्यूआई 249 रहा था।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, ग्रेप-1 के तहत सड़कों की नियमित मैकेनिकल स्वीपिंग, पानी का छिड़काव और सफाई के दौरान निकली धूल का निर्धारित स्थानों पर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। नोएडा प्राधिकरण को ठोस कचरे और निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे का नियमित उठान सुनिश्चित करना होगा।
नोएडा प्राधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम के लिए उचित उपाय करने और सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, विभागों को सख्त निगरानी रखने और ग्रेप-1 के नागरिक चार्टर का पालन कराने को कहा गया है।
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ग्रेप-1 के तहत सीएक्यूएम की ओर से जारी नियमों को शहर में प्रभावी तरीके से लागू कराया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विभागों को भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्थल निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। -रितेश तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी, नोएडा
ग्रेप-1 की पाबंदियां
होटल, रेस्तरां और सड़क किनारे के ढाबों पर तंदूर में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है।
डीजल जनरेटर चलाने पर रोक है। केवल आपातकालीन सेवाओं में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के इस्तेमाल पर रोक है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
धूल उड़ाने वाले या धूल नियंत्रण के उपायों के बिना होने वाले निर्माण कार्यों पर रोक है। निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव जरूरी है।
सड़कों की मशीनों से नियमित सफाई करनी होगी। एंटी-स्मॉग गन और पानी का छिड़काव भी करना होगा।
खुले में कूड़ा जलाने पर पूरी तरह पाबंदी है।
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ग्रेप-1 लागू लेकिन शहर में इंतजाम नाकाफी, जगह-जगह हो रही नियमों की अनदेखी
249 रहा नोएडा का एक्यूआई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा/ग्रेटर नोएडा। दशहरा के बाद शहर की हवा खराब होने लगी है। बुधवार को ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई इस सीजन में सबसे अधिक 280 रहा। इसके अलावा, ग्रेनो एनसीआर का सबसे अधिक और देश का तीसरा प्रदूषित शहर रहा। नोएडा का एक्यूआई 249 रहा। दूसरी तरफ, ग्रेप-1 लागू होने के बाद भी नियमों का पालन कराने के लिए कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है। मंगलवार को ग्रेनो का एक्यूआई 249 रहा था।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, ग्रेप-1 के तहत सड़कों की नियमित मैकेनिकल स्वीपिंग, पानी का छिड़काव और सफाई के दौरान निकली धूल का निर्धारित स्थानों पर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। नोएडा प्राधिकरण को ठोस कचरे और निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे का नियमित उठान सुनिश्चित करना होगा।
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नोएडा प्राधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम के लिए उचित उपाय करने और सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, विभागों को सख्त निगरानी रखने और ग्रेप-1 के नागरिक चार्टर का पालन कराने को कहा गया है।
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ग्रेप-1 के तहत सीएक्यूएम की ओर से जारी नियमों को शहर में प्रभावी तरीके से लागू कराया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विभागों को भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्थल निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। -रितेश तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी, नोएडा
ग्रेप-1 की पाबंदियां
होटल, रेस्तरां और सड़क किनारे के ढाबों पर तंदूर में कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है।
डीजल जनरेटर चलाने पर रोक है। केवल आपातकालीन सेवाओं में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।
10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के इस्तेमाल पर रोक है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
धूल उड़ाने वाले या धूल नियंत्रण के उपायों के बिना होने वाले निर्माण कार्यों पर रोक है। निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव जरूरी है।
सड़कों की मशीनों से नियमित सफाई करनी होगी। एंटी-स्मॉग गन और पानी का छिड़काव भी करना होगा।
खुले में कूड़ा जलाने पर पूरी तरह पाबंदी है।