फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Greater noida man goes from one hospital to other but could not save brother read his sad ordeal

नहीं बचा सका भाई: अस्पतालों में दर-दर की ठोकरें खाई, जिम्स में डॉक्टरों के पैर पकड़ घंटों गिड़गिड़ाया, फिर भी...

Thu, 13 May 2021 10:30 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 13 May 2021 10:30 AM IST
सार

तबीयत ज्यादा खराब होने पर यहां से रेफर कर दिया गया। इसके बाद उसे लेकर राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) पहुंचा। यहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों के हाथ जोड़े, पैर पकड़े, करीब एक घंटे तक गिड़गिड़ाने के बाद भी डॉक्टर का दिल नहीं पिघला।

विज्ञापन
Greater noida man goes from one hospital to other but could not save brother read his sad ordeal
अमित नहीं बचा सका भाई अनिल को - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैं अपने भाई को लेकर बुलंदशहर से ग्रेटर नोएडा तक के अस्पतालों में दर-दर की ठोकरें खाता रहा। कहीं भी उसे बेहतर उपचार नहीं मिल सका। जिसके कारण मैंने अपना भाई खो दिया। ये दर्द मुझे जीवन भर सताता रहेगा। उसकी आंखों से गिरते आंसू आज भी मुझे बेचैन कर देते हैं।

विज्ञापन


मैं दनकौर के जमालपुर गांव का रहने वाला हूं। मेरे भाई अनिल की तबीयत अचानक खराब हो गई। उसे सिकंदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया। तबीयत ज्यादा खराब होने पर यहां से रेफर कर दिया गया। इसके बाद उसे लेकर राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) पहुंचा।
विज्ञापन


यहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों के हाथ जोड़े, पैर पकड़े, करीब एक घंटे तक गिड़गिड़ाने बाद भी डॉक्टर का दिल नहीं पिघला। जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. आरके गुप्ता व नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग को भी कई बार फोन किया, उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उसे लेकर शारदा अस्पताल पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां भी अस्पताल के अंदर मरीज को नहीं जाने दिया। अस्पताल के लोगों ने बेड फुल होने की बात कह कर वहां से भगा दिया। पूरी रात बेसुध पड़े भाई को लेकर अस्पताल की ठोकरें खाता रहा, किसी ने नहीं सुनी।


थक हार कर एक जानकार की मदद से यथार्थ अस्पताल में उसे भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों की टीम ने उसकी जान बचाने का काफी प्रयास लेकिन उसे बचा नहीं सके। वह हम सबको रुला कर चला गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed