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Amar Ujala Junior Chess Festival: सुबह से शुरू हुआ शह और मात का खेल, खिलाड़ियों में शाम तक बनी रही ऊर्जा
Sun, 29 Oct 2023 08:16 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 29 Oct 2023 08:16 AM IST
सार
शनिवार सुबह 9:15 बजे से ही बच्चों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। पंजीकरण कराने से लेकर चेस टूर्नामेंट का पहला राउंड शुरू होने तक परिजन व शिक्षक लगातार अपने बच्चों को बेहतर खेल के लिए प्रोत्साहित करते रहे। सीनियर नेशनल आर्बेटर की मौजूदगी में हुए टूर्नामेंट में हर कोई अपने प्रतिद्वंदी को मात देेने के लिए चाल चल रहा था।
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Amar Ujala Junior Chess Competition
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमर उजाला की ओर से आयोजित जूनियर शतरंज प्रतियोगिता के ग्रांड फिनाले के पहले दिन खिलाड़ियों में जोश दिखाई दिया। शह और मात के खेल में शामिल होने के लिए बच्चे जितने उत्साहित दिखे, उन्हें जीतता देखने के लिए परिजन और शिक्षक भी उससे ज्यादा उत्सुक रहे। शनिवार को सुबह से शाम तक शह और मात का सिलसिला पूरी ऊर्जा के साथ जारी रहा। नोएडा सेक्टर-59 स्थित अमर उजाला कार्यालय में अमर उजाला और उत्तर प्रदेश शतरंज स्पोर्ट्स एसोसिएशन की ओर से शनिवार को जूनियर शतरंज प्रतियोगिता के महासमर का आगाज हुआ।
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खेल के बचे हुए तीन राउंड में और बेहतर करने के संकल्प के साथ रविवार को वापस आने के लिए अमर उजाला के सेक्टर-59 स्थित कार्यालय से बच्चे घर के लिए शाम को निकले। शनिवार सुबह 9:15 बजे से ही बच्चों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। पंजीकरण कराने से लेकर चेस टूर्नामेंट का पहला राउंड शुरू होने तक परिजन व शिक्षक लगातार अपने बच्चों को बेहतर खेल के लिए प्रोत्साहित करते रहे। सीनियर नेशनल आर्बेटर की मौजूदगी में हुए टूर्नामेंट में हर कोई अपने प्रतिद्वंदी को मात देेने के लिए चाल चल रहा था। किसी को अपने सारे राउंड जीतने थे तो किसी को अपने पहले हारे हुए राउंड का बदला जीतकर लेना था। बच्चों के साथ उनके परिजनों और शिक्षकों को भी हर राउंड का परिणाम जानने की उत्सुकता बनी रही। ब्यूरो
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राउंड जीतने पर खुशी और हारने पर बच्चे को किया प्रोत्साहित
हर राउंड के बाद बच्चे को वेटिंग एरिया में जाकर अपने साथ आए शिक्षक और परिजनों से मिलने की अनुमति थी। जब माता-पिता और शिक्षक को पता चलता कि उनका बच्चा जीत गया तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक होती। जीतकर आए बच्चे को जहां परिजन खुशी बांटते दिखे वहीं, हारने पर अगले राउंड में अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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अंदर बच्चे तो बाहर परिजन ने बिछाई बिसात
शतरंज प्रतियोगिता में अलग-अलग स्कूलों से बच्चे फाइनल राउंड खेलने के लिए जुटे रहे। उनको छोड़ने आए परिजन अपनी बिसात वेटिंग एरिया में बिछा ली। अब शतरंज का माहौल हो तो पापा खुद कैसे पीछे हटते। चेसबोर्ड लिया और शुरू हो गया उनका खेल।