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लीज बैक मामले में शासन ने प्राधिकरण से मांगी रिपोर्ट
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नोएडा। लीज बैक मामले में शासन ने नोएडा प्राधिकरण से रिपोर्ट मांगी है। शासन की मांग के बाद भूलेख विभाग रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे की जमीन के लीजबैक मामले में अनियमितता सामने आई थी। इस आधार पर शासन ने उस समय के तत्कालीन सचिव हरिश्चंद्र को बर्खास्त कर दिया था।
सूत्रों की मानें तो नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे शाहदरा की जमीन लीज बैक मामले में शासन की कार्रवाई आगे और भी बढ़ सकती है। माना जा रहा है कि लीजबैक के मामलों की जांच होगी। इसमें सत्यापन के अलावा सवालों के घेरे में आए प्रकरण में जांच का दायरा बढ़ सकती है। संभव है कि इसमें कुछ और नाम सामने आएं।
सूत्रों का कहना है कि उस समय लीज बैक के नाम पर दूसरी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया और कौड़ियों के भाव जमीन दे दी गई। 2010-11 के मामले में किसानों को जमीन वापस करने (लीज बैक) की बात कही गई थी। लेकिन असल में उन किसानों को जमीन वापस न कर दूसरी कंपनियों को जमीन दे दी गई। जो कि नियम के खिलाफ है। यहां उन्हीं किसानों को लीजबैक किया जाता है जो मूल किसान हैं।
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बताया जा रहा है कि शासन की ओर से कई बिंदुओं पर सवाल पूछे गए हैं। इसमें लीज बैक की गई जमीन की मौजूदा हालत के अलावा किसानों की स्थिति और जिनको जमीन दी गई उनकी ओर से क्या कहा गया था। इन सभी सवालों के जवाब प्राधिकरण देगा।
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सूत्रों की मानें तो नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे शाहदरा की जमीन लीज बैक मामले में शासन की कार्रवाई आगे और भी बढ़ सकती है। माना जा रहा है कि लीजबैक के मामलों की जांच होगी। इसमें सत्यापन के अलावा सवालों के घेरे में आए प्रकरण में जांच का दायरा बढ़ सकती है। संभव है कि इसमें कुछ और नाम सामने आएं।
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सूत्रों का कहना है कि उस समय लीज बैक के नाम पर दूसरी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया और कौड़ियों के भाव जमीन दे दी गई। 2010-11 के मामले में किसानों को जमीन वापस करने (लीज बैक) की बात कही गई थी। लेकिन असल में उन किसानों को जमीन वापस न कर दूसरी कंपनियों को जमीन दे दी गई। जो कि नियम के खिलाफ है। यहां उन्हीं किसानों को लीजबैक किया जाता है जो मूल किसान हैं।
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बताया जा रहा है कि शासन की ओर से कई बिंदुओं पर सवाल पूछे गए हैं। इसमें लीज बैक की गई जमीन की मौजूदा हालत के अलावा किसानों की स्थिति और जिनको जमीन दी गई उनकी ओर से क्या कहा गया था। इन सभी सवालों के जवाब प्राधिकरण देगा।