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अफसर नहीं कर सकेंगे सरकारी वाहनों का निजी प्रयोग
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अफसर नहीं कर सकेंगे सरकारी वाहनों का निजी प्रयोग
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन सरकारी वाहनों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाने की तैयारी कर रहा है। जीपीएस लगने के बाद प्रशासनिक अफसर सरकारी गाड़ियों का निजी प्रयोग नहीं कर सकेंगे। वहीं, सरकारी कार्य में किसी तरह की लापरवाही बरतना भी मुश्किल होगा। इससे अफसरों के आने-जाने पर नजर रखी जा सकेगी।
लोकसभा चुनाव में सभी सरकारी वाहनों में अस्थायी तौर पर जीपीएस लगाया गया था। ताकि, चुनाव के समय सभी अफसरों की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। अफसर सरकारी कार्य या जिले को छोड़कर बाहर तो नहीं चले गए, इस पर भी नजर रखी गई थी। जीपीएस लगाने से अफसरों की कार्य प्रणाली में सुधार देखने को मिला था। इसी सफलता को देखकर जिला प्रशासन ने स्थायी रूप से गाड़ियों में जीपीएस लगाने का फैसला लिया है। जीपीएस लगाने के लिए फंड की व्यवस्था की जा रही है। आला अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में किसी तरह का शासनादेश नहीं आया है और फंड भी नहीं है। लेकिन, अफसरों की कार्य प्रणाली में सुधार करने के मकसद से वाहनों में जीपीएस लगवाया जाएगा। कलेक्ट्रेट से ही सभी वाहनों की निगरानी की जाएगी। अगर कोई अफसर सरकारी वाहन का प्रयोग अपने निजी कार्य या फिर बिना अनुमति के जिले से बाहर जाता है तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव के समय वाहनों में जीपीएस लगाया गया था, जो काफी कारगर साबित हुआ था। इसी को देखकर सभी सरकारी वाहनों में जीपीएस लगाया जाएगा। हालांकि, इस संबंध में किसी तरह का शासनादेश नहीं है।
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- दिवाकर सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)
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ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन सरकारी वाहनों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाने की तैयारी कर रहा है। जीपीएस लगने के बाद प्रशासनिक अफसर सरकारी गाड़ियों का निजी प्रयोग नहीं कर सकेंगे। वहीं, सरकारी कार्य में किसी तरह की लापरवाही बरतना भी मुश्किल होगा। इससे अफसरों के आने-जाने पर नजर रखी जा सकेगी।
लोकसभा चुनाव में सभी सरकारी वाहनों में अस्थायी तौर पर जीपीएस लगाया गया था। ताकि, चुनाव के समय सभी अफसरों की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। अफसर सरकारी कार्य या जिले को छोड़कर बाहर तो नहीं चले गए, इस पर भी नजर रखी गई थी। जीपीएस लगाने से अफसरों की कार्य प्रणाली में सुधार देखने को मिला था। इसी सफलता को देखकर जिला प्रशासन ने स्थायी रूप से गाड़ियों में जीपीएस लगाने का फैसला लिया है। जीपीएस लगाने के लिए फंड की व्यवस्था की जा रही है। आला अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में किसी तरह का शासनादेश नहीं आया है और फंड भी नहीं है। लेकिन, अफसरों की कार्य प्रणाली में सुधार करने के मकसद से वाहनों में जीपीएस लगवाया जाएगा। कलेक्ट्रेट से ही सभी वाहनों की निगरानी की जाएगी। अगर कोई अफसर सरकारी वाहन का प्रयोग अपने निजी कार्य या फिर बिना अनुमति के जिले से बाहर जाता है तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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चुनाव के समय वाहनों में जीपीएस लगाया गया था, जो काफी कारगर साबित हुआ था। इसी को देखकर सभी सरकारी वाहनों में जीपीएस लगाया जाएगा। हालांकि, इस संबंध में किसी तरह का शासनादेश नहीं है।
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- दिवाकर सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)