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Noida News: नमक-चायपत्ती ही नहीं...हल्दी, कॉफी, मसाला, नमकीन की भी होती है रीपैकिंग
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मिलावटी तेल-मसाला लिवर को नुकसान पहुंचाने के साथ ही प्रतिरोधक क्षमता को करता है कमजोर
ब्रांडेड कंपनियों के एक्सपायर्ड माल की रीपैकिंग का चल रहा खेल
एक्सपायर्ड नमकीन को औने-पौने दाम पर खरीद लेते हैं धंधेबाज
नेपाल से आ रहे सरसों के तेल को एक बड़े ब्रांड के नाम पर बेचा जा रहा यहां
गोरखपुर। शहर में मिलावट और रीपैकिंग का धंधा अब गहराई तक जड़ें जमा चुका है। सिर्फ नमक और चायपत्ती ही नहीं बल्कि हल्दी, कॉफी, मसाला और नमकीन जैसे सामान भी मिलावटी बिक रहे हैं। नामी-गिरामी कंपनियों के नाम की आड़ में धंधेबाज ग्राहकों की सेहत से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। हल्दी और कॉफी के पैकेट बदलकर उसमें खराब माल पैक कर बेचने की शिकायत पर जांच भी हो रही है। विशेषज्ञाें का कहना है कि मिलावटी तेल-मसाले लिवर को नुकसान तो पहुंचाते ही हैं इनके सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है।
मिलावट का यह धंधा कई साल से चल रहा है। कंपनियों के एक्सपायर्ड सामान धंधेबाज औने-पौने दाम में खरीदते हैं और फिर नए पैकेट में पैक करके बाजार में खपा देते हैं। हाल में कई मामले पकड़े भी गए हैं। तीन दिन पहले राजघाट इलाके में एक दुकान के गोदाम से टाटा ब्रांड का नकली नमक पकड़ा गया। इससे पहले तिवारीपुर इलाके में नकली चायपत्ती की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। बिहार से ताजा ब्रांड के पैकेट में भरी चायपत्ती शहर के कुछ बड़े दुकानदारों के जरिए ग्रामीण इलाकों में भेजी जाती थी। गाड़ी पकड़ी गई तो इस मामले में केस भी दर्ज हुआ। इससे पहले लालडिग्गी इलाके में एक गोदाम में उतारी जा रही नकली काली मिर्च की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। हल्दी व कॉफी को ब्रांडेड कंपनी के नाम पर पैक कर बेचने की कुछ शिकायतें भी खाद्य सुरक्षा विभाग के पास पहुंचीं हैं।
असली की आड़ में बेचते हैं एक्सपायर्ड नमकीन
नामचीन कंपनियों के एक्सपायर्ड नमकीन को धंधेबाज बेहद कम दाम में खरीद लेते हैं। इसके बाद नए पैकेट में डालकर बेचते हैं। बाहर से देखने में ग्राहक को यह बिल्कुल नया और ब्रांडेड लगता है, लेकिन अंदर का सामान सेहत के लिए खतरनाक होता है। बाजार से जुड़े जानकार बताते हैं कि नमक, चीनी, हल्दी आदि के ब्रांडेड कंपनियों के पैकेट दिल्ली से मंगाए जा रहे हैं। यहां पैकिंग कर उसे असली की आड़ में बेच दिया जाता है। यह सामान ब्रांड के रेट पर बिकने की वजह से दुकानदारों को मोटा मुनाफा होता है, इसलिए वे भी इस खेल में खुलकर शामिल हो रहे हैं।
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नेपाल से आता है मिलावटी तेल, शहर में होती है पैकिंग
मामला सिर्फ री-पैकिंग तक ही सीमित नहीं है। नेपाल से आने वाला सस्ता सरसों का तेल यहां बड़े ब्रांड की बोतलों और पाउच में भरकर बेचा जा रहा है। ग्राहक समझते हैं कि वह बड़ी कंपनी का भरोसेमंद तेल खरीद रहे हैं जबकि असलियत में उनके हाथ में मिलावटी और घटिया क्वालिटी का तेल होता है। यह तेल लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। सूत्र बताते हैं कि नेपाल से यह तेल बिहार के रास्ते गोरखपुर आता है और फिर यहां उसकी पैकिंग होती है।
शहर के कई इलाकों में गिरोह सक्रिय
नौसड़, लालडिग्गी, शाहपुर और ट्रांसपोर्टनगर जैसे इलाकों में इस तरह के गिरोह सक्रिय हैं। यहां कुछ घरों और गोदामों में पैकिंग मशीनें लगी हुईं हैं। दुकानदार इन धंधेबाजों से माल लेकर अपने ग्राहकों को बेचते हैं।
सेहत के लिए बड़ा खतरा
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा शिक्षक डॉ. राजकिशोर सिंह बताते हैं कि खराब या एक्सपायर्ड सामान खाने से पेट की बीमारियां, फूड प्वाइजनिंग और लंबे समय तक सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। तेल और मसालों में मिलावट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है।
कोट
शहर समेत पूरे जिले में मिलावट के धंधे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। हल्दी, मसाला, चायपत्ती आदि के मामले पहले पकड़े जा चुके हैं। लोग भी अब जागरूक हुए हैं। नमकीन समेत कुछ खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतें हैं, जिनकी जांच हो रही है। जल्द ही कार्रवाई होगी।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य
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ब्रांडेड कंपनियों के एक्सपायर्ड माल की रीपैकिंग का चल रहा खेल
एक्सपायर्ड नमकीन को औने-पौने दाम पर खरीद लेते हैं धंधेबाज
नेपाल से आ रहे सरसों के तेल को एक बड़े ब्रांड के नाम पर बेचा जा रहा यहां
गोरखपुर। शहर में मिलावट और रीपैकिंग का धंधा अब गहराई तक जड़ें जमा चुका है। सिर्फ नमक और चायपत्ती ही नहीं बल्कि हल्दी, कॉफी, मसाला और नमकीन जैसे सामान भी मिलावटी बिक रहे हैं। नामी-गिरामी कंपनियों के नाम की आड़ में धंधेबाज ग्राहकों की सेहत से खुलेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। हल्दी और कॉफी के पैकेट बदलकर उसमें खराब माल पैक कर बेचने की शिकायत पर जांच भी हो रही है। विशेषज्ञाें का कहना है कि मिलावटी तेल-मसाले लिवर को नुकसान तो पहुंचाते ही हैं इनके सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है।
मिलावट का यह धंधा कई साल से चल रहा है। कंपनियों के एक्सपायर्ड सामान धंधेबाज औने-पौने दाम में खरीदते हैं और फिर नए पैकेट में पैक करके बाजार में खपा देते हैं। हाल में कई मामले पकड़े भी गए हैं। तीन दिन पहले राजघाट इलाके में एक दुकान के गोदाम से टाटा ब्रांड का नकली नमक पकड़ा गया। इससे पहले तिवारीपुर इलाके में नकली चायपत्ती की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। बिहार से ताजा ब्रांड के पैकेट में भरी चायपत्ती शहर के कुछ बड़े दुकानदारों के जरिए ग्रामीण इलाकों में भेजी जाती थी। गाड़ी पकड़ी गई तो इस मामले में केस भी दर्ज हुआ। इससे पहले लालडिग्गी इलाके में एक गोदाम में उतारी जा रही नकली काली मिर्च की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। हल्दी व कॉफी को ब्रांडेड कंपनी के नाम पर पैक कर बेचने की कुछ शिकायतें भी खाद्य सुरक्षा विभाग के पास पहुंचीं हैं।
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असली की आड़ में बेचते हैं एक्सपायर्ड नमकीन
नामचीन कंपनियों के एक्सपायर्ड नमकीन को धंधेबाज बेहद कम दाम में खरीद लेते हैं। इसके बाद नए पैकेट में डालकर बेचते हैं। बाहर से देखने में ग्राहक को यह बिल्कुल नया और ब्रांडेड लगता है, लेकिन अंदर का सामान सेहत के लिए खतरनाक होता है। बाजार से जुड़े जानकार बताते हैं कि नमक, चीनी, हल्दी आदि के ब्रांडेड कंपनियों के पैकेट दिल्ली से मंगाए जा रहे हैं। यहां पैकिंग कर उसे असली की आड़ में बेच दिया जाता है। यह सामान ब्रांड के रेट पर बिकने की वजह से दुकानदारों को मोटा मुनाफा होता है, इसलिए वे भी इस खेल में खुलकर शामिल हो रहे हैं।
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नेपाल से आता है मिलावटी तेल, शहर में होती है पैकिंग
मामला सिर्फ री-पैकिंग तक ही सीमित नहीं है। नेपाल से आने वाला सस्ता सरसों का तेल यहां बड़े ब्रांड की बोतलों और पाउच में भरकर बेचा जा रहा है। ग्राहक समझते हैं कि वह बड़ी कंपनी का भरोसेमंद तेल खरीद रहे हैं जबकि असलियत में उनके हाथ में मिलावटी और घटिया क्वालिटी का तेल होता है। यह तेल लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। सूत्र बताते हैं कि नेपाल से यह तेल बिहार के रास्ते गोरखपुर आता है और फिर यहां उसकी पैकिंग होती है।
शहर के कई इलाकों में गिरोह सक्रिय
नौसड़, लालडिग्गी, शाहपुर और ट्रांसपोर्टनगर जैसे इलाकों में इस तरह के गिरोह सक्रिय हैं। यहां कुछ घरों और गोदामों में पैकिंग मशीनें लगी हुईं हैं। दुकानदार इन धंधेबाजों से माल लेकर अपने ग्राहकों को बेचते हैं।
सेहत के लिए बड़ा खतरा
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा शिक्षक डॉ. राजकिशोर सिंह बताते हैं कि खराब या एक्सपायर्ड सामान खाने से पेट की बीमारियां, फूड प्वाइजनिंग और लंबे समय तक सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। तेल और मसालों में मिलावट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है।
कोट
शहर समेत पूरे जिले में मिलावट के धंधे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। हल्दी, मसाला, चायपत्ती आदि के मामले पहले पकड़े जा चुके हैं। लोग भी अब जागरूक हुए हैं। नमकीन समेत कुछ खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतें हैं, जिनकी जांच हो रही है। जल्द ही कार्रवाई होगी।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य