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भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर को कारण बताओ नोटिस
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भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर को कारण बताओ नोटिस
गाजियाबाद/लखनऊ। विवादों से मीडिया में सुर्खियां बटोरने वाले लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर पर पार्टी नेतृत्व की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। पार्टी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने रविवार को चार दिन पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष सिंह के साथ मारपीट करने के आरोप में गुर्जर को कारण बताओ नोटिस भिजवाया है।
भाजपा विधायक गुर्जर को कारण बताओ नोटिस उस पत्र के वायरल होने के बाद दी गई है जो सीएम योगी को संबोधित है और जिसमें विधायक ने आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार को उजागर करने के कारण भ्रष्ट अधिकारी उनसे नाराज हैं और उन्हें बदनाम कर रहे हैं। साथ ही उनके खिलाफ झूठे मुकदमे लिखाए गए हैं, जिसमें पार्टी के भी कुछ वरिष्ठ नेताओं की भूमिका है। प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर महामंत्री विद्यासागर सोनकर ने रविवार को गुर्जर को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही जवाब न मिलने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
यह है पूरा मामला
खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष सिंह ने विधायक नंदकिशोर गुर्जर के खिलाफ गाजियाबाद के जिलाधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत में सिंह ने आरोप लगाए थे कि बुधवार को वह दौरे पर निकले थे। रास्ते में विधायक नंदकिशोर मिले। उन्होंने एक दुकान बंद कराने को कहा लेकिन वह दुकान मेरे विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती थी। इसलिए असमर्थता व्यक्त कर दी। इस पर विधायक गुर्जर नाराज हो गए और बुरा-भला कहा। बाद में अपने कार्यालय बुलाकर मारपीट की और उनके कपड़े फाड़ दिए। विधायक के ड्राइवर ने उनका मोबाइल छीन लिया।
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विधायक ने सीएम को पत्र लिख की अजीबोगरीब मांग
विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में इस तरह के आरोप लगाए हैं, ‘पार्टी के कुछ लोगों ने विधानसभा चुनाव में उनकी जगह दूसरे दल से आए एक नेता को टिकट दिलाने का वादा किया। इसके लिए पैसे का भी लेनदेन किया गया, लेकिन पार्टी ने मुझे टिकट दे दिया। इसके बाद उसे जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने का वादा किया गया लेकिन यह भी नहीं हो पाया। इससे खफा पार्टी के कुछ लोग मेरे खिलाफ लगातार षड्यंत्र कर रहे हैं। मेरी ही पार्टी के एक नेता ने हमारी हत्या की सुपारी भी दी थी, लेकिन सुपारी लेने वाले गिरफ्तार हो गए। जहां तक खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष सिंह के मामले का सवाल है तो इसी 27 नवंबर को आशुतोष सिंह का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ। तो मैने उनसे मांस की अवैध दुकानें बंद कराने को कहा। जिस पर उन्होंने मुझे ही धमकी देनी शुरू कर दी। एक पुलिस अधिकारी के दबाव पर आशुतोष का मेरे खिलाफ झूठा मुकदमा पुलिस ने दर्ज कर लिया। पार्टी के कुछ लोग भ्रष्ट अधिकारियों से मिलकर मेरी छवि खराब कर मुझे जेल भिजवाना चाहते हैं। इसलिए निवेदन है कि मेरे खिलाफ ऐसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाए, जिससे मैं आजीवन जेल में रहूं। जिससे ये भ्रष्ट नेता और अधिकारी प्रदेश एवं मेरी विधानसभा लोनी की देवतुल्य जनता को लूट सकें तथा जेल में रहने से मेरी हत्या का षड्यंत्र विफल होकर मैं सुरक्षित रह सकूं।’
मैं लखनऊ जा रहा हूं... हर मुद्दे को रखूंगा आलाकमान के सामने : नदकिशोर
गाजियाबाद। नोटिस जारी होने पर विधायक नंदकिशोर का कहना है कि अब अच्छा हूं कि कम से कम अपनी बात को शीर्ष प्रतिनिधित्व के सामने रख सकूंगा। पार्टी का वफादार सिपाही हूं और निष्ठा के साथ काम कर रहा हूं। अभी लखनऊ जा रहा हूं, जहां मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से मिलूंगा। मेरे खिलाफ जो लोग षड्यंत्र कर रहे हैं उनके बारे में भी बताऊंगा। किसी भी कीमत पर मेरी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। एक विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना सामान्य बात नहीं है। साजिश के तहत संगठन महामंत्री का नाम लेकर मेरी ऊपर एफआईआर दर्ज कराई गई।
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गाजियाबाद/लखनऊ। विवादों से मीडिया में सुर्खियां बटोरने वाले लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर पर पार्टी नेतृत्व की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। पार्टी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने रविवार को चार दिन पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष सिंह के साथ मारपीट करने के आरोप में गुर्जर को कारण बताओ नोटिस भिजवाया है।
भाजपा विधायक गुर्जर को कारण बताओ नोटिस उस पत्र के वायरल होने के बाद दी गई है जो सीएम योगी को संबोधित है और जिसमें विधायक ने आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार को उजागर करने के कारण भ्रष्ट अधिकारी उनसे नाराज हैं और उन्हें बदनाम कर रहे हैं। साथ ही उनके खिलाफ झूठे मुकदमे लिखाए गए हैं, जिसमें पार्टी के भी कुछ वरिष्ठ नेताओं की भूमिका है। प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर महामंत्री विद्यासागर सोनकर ने रविवार को गुर्जर को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही जवाब न मिलने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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यह है पूरा मामला
खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष सिंह ने विधायक नंदकिशोर गुर्जर के खिलाफ गाजियाबाद के जिलाधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत में सिंह ने आरोप लगाए थे कि बुधवार को वह दौरे पर निकले थे। रास्ते में विधायक नंदकिशोर मिले। उन्होंने एक दुकान बंद कराने को कहा लेकिन वह दुकान मेरे विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती थी। इसलिए असमर्थता व्यक्त कर दी। इस पर विधायक गुर्जर नाराज हो गए और बुरा-भला कहा। बाद में अपने कार्यालय बुलाकर मारपीट की और उनके कपड़े फाड़ दिए। विधायक के ड्राइवर ने उनका मोबाइल छीन लिया।
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विधायक ने सीएम को पत्र लिख की अजीबोगरीब मांग
विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में इस तरह के आरोप लगाए हैं, ‘पार्टी के कुछ लोगों ने विधानसभा चुनाव में उनकी जगह दूसरे दल से आए एक नेता को टिकट दिलाने का वादा किया। इसके लिए पैसे का भी लेनदेन किया गया, लेकिन पार्टी ने मुझे टिकट दे दिया। इसके बाद उसे जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने का वादा किया गया लेकिन यह भी नहीं हो पाया। इससे खफा पार्टी के कुछ लोग मेरे खिलाफ लगातार षड्यंत्र कर रहे हैं। मेरी ही पार्टी के एक नेता ने हमारी हत्या की सुपारी भी दी थी, लेकिन सुपारी लेने वाले गिरफ्तार हो गए। जहां तक खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष सिंह के मामले का सवाल है तो इसी 27 नवंबर को आशुतोष सिंह का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ। तो मैने उनसे मांस की अवैध दुकानें बंद कराने को कहा। जिस पर उन्होंने मुझे ही धमकी देनी शुरू कर दी। एक पुलिस अधिकारी के दबाव पर आशुतोष का मेरे खिलाफ झूठा मुकदमा पुलिस ने दर्ज कर लिया। पार्टी के कुछ लोग भ्रष्ट अधिकारियों से मिलकर मेरी छवि खराब कर मुझे जेल भिजवाना चाहते हैं। इसलिए निवेदन है कि मेरे खिलाफ ऐसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाए, जिससे मैं आजीवन जेल में रहूं। जिससे ये भ्रष्ट नेता और अधिकारी प्रदेश एवं मेरी विधानसभा लोनी की देवतुल्य जनता को लूट सकें तथा जेल में रहने से मेरी हत्या का षड्यंत्र विफल होकर मैं सुरक्षित रह सकूं।’
मैं लखनऊ जा रहा हूं... हर मुद्दे को रखूंगा आलाकमान के सामने : नदकिशोर
गाजियाबाद। नोटिस जारी होने पर विधायक नंदकिशोर का कहना है कि अब अच्छा हूं कि कम से कम अपनी बात को शीर्ष प्रतिनिधित्व के सामने रख सकूंगा। पार्टी का वफादार सिपाही हूं और निष्ठा के साथ काम कर रहा हूं। अभी लखनऊ जा रहा हूं, जहां मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से मिलूंगा। मेरे खिलाफ जो लोग षड्यंत्र कर रहे हैं उनके बारे में भी बताऊंगा। किसी भी कीमत पर मेरी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। एक विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना सामान्य बात नहीं है। साजिश के तहत संगठन महामंत्री का नाम लेकर मेरी ऊपर एफआईआर दर्ज कराई गई।