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Noida News: ग्रेटर नोएडा के 133 गांवों में नहीं हो रहा घरों से कूड़ा उठान, आरटीआई में खुलासा
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ग्रेटर नोएडा। स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी में जुटा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अभी भी शहरी क्षेत्र में शामिल 133 गांवों में घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू नहीं कर पाया है।
इटैड़ा गांव निवासी मनीष पाल एडवोकेट द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में प्राधिकरण ने बताया कि गांवों में फिलहाल डोर-टू-डोर कलेक्शन एजेंसियों के अनुबंध में शामिल नहीं है। यहां केवल सफाई और गंदगी उठाने का कार्य कराया जा रहा है। यह व्यवस्था 124 गांवों और उनके 9 मजरों के लिए लागू है।
आवेदक ने कहा कि जब इन गांवों को शहरी सीमा में शामिल किया जा चुका है, तो कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था भी सेक्टरों की तरह की जानी चाहिए। उनका कहना है कि डोर-टू-डोर कलेक्शन की कमी के कारण गांवों में खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्राधिकरण गांवों में भी नियमित कूड़ा उठान शुरू करे, तो ग्रेटर नोएडा को वास्तव में स्वच्छ और हाइटेक शहर बनाया जा सकता है। ब्यूरो
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इटैड़ा गांव निवासी मनीष पाल एडवोकेट द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में प्राधिकरण ने बताया कि गांवों में फिलहाल डोर-टू-डोर कलेक्शन एजेंसियों के अनुबंध में शामिल नहीं है। यहां केवल सफाई और गंदगी उठाने का कार्य कराया जा रहा है। यह व्यवस्था 124 गांवों और उनके 9 मजरों के लिए लागू है।
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आवेदक ने कहा कि जब इन गांवों को शहरी सीमा में शामिल किया जा चुका है, तो कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था भी सेक्टरों की तरह की जानी चाहिए। उनका कहना है कि डोर-टू-डोर कलेक्शन की कमी के कारण गांवों में खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्राधिकरण गांवों में भी नियमित कूड़ा उठान शुरू करे, तो ग्रेटर नोएडा को वास्तव में स्वच्छ और हाइटेक शहर बनाया जा सकता है। ब्यूरो