Shrikant Tyagi: एके-47 की सुरक्षा घेरे में रहता था गैंगस्टर श्रीकांत त्यागी, फेसबुक प्रोफाइल पर दिखीं कई फोटो
श्रीकांत त्यागी के फेसबुक पर अपलोड फोटो सेक्शन में कई ऐसी तस्वीरें मिली हैं जिसमें पता चलता है कि उसके साथ मौजूद गनर के पास एके-47 थी। जबकि एके-47, एके-56 जैसे असलहे जेड श्रेणी प्राप्त हाई प्रोफाइल लोगों व चरमपंथियों से धमकी मिले लोगों को दिए जाते हैं।
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ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में महिला से अभद्रता का आरोपी गैंगस्टर श्रीकांत त्यागी एके-47 जैसे अत्याधुनिक असलहों के सुरक्षा घेरे में रहता था। श्रीकांत के फेसबुक प्रोफाइल में इस तरह के कई फोटो मिले हैं। वहीं इस बारे में पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह का कहना है कि तस्वीरों से पता चलता है कि उसे एके-47, एके-56 की सुरक्षा मिली हुई थी। यह पुलिस की लापरवाही है। श्रीकांत व उसकी पत्नी को सुरक्षा देने के मामले में पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि इस मामले की जांच शासन स्तर से की जा रही है।
श्रीकांत त्यागी के फेसबुक पर अपलोड फोटो सेक्शन में कई ऐसी तस्वीरें मिली हैं जिसमें पता चलता है कि उसके साथ मौजूद गनर के पास एके-47 थी। जबकि एके-47, एके-56 जैसे असलहे जेड श्रेणी प्राप्त हाई प्रोफाइल लोगों व चरमपंथियों से धमकी मिले लोगों को दिए जाते हैं। इस बारे में यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह का कहना है कि सुरक्षा देने के मामले में घोर लापरवाही बरती गई है। जो लोगों को भयाक्रांत करे और उगाही करे, उसे कैसे सुरक्षा दी जा सकती है। उसमें भी एके 47, एके 56 जैसे असलहे वाले गनर देना तो पुलिस व श्रीकांत के बीच के गठजोड़ को प्रदर्शित कर रहा है।
श्रीकांत को सबसे पहले 8 अक्तूबर 2018 को गाजियाबाद जनपदीय सुरक्षा समिति ने एक सुरक्षाकर्मी मुहैया कराया था। इसके बाद दो और सुरक्षाकर्मी बढ़ा दिए गए। इसके बाद 31 अगस्त 2019 को फिर से श्रीकांत त्यागी की सुरक्षा में एक और सुरक्षाकर्मी को बढ़ा दिया गया। हालांकि 26 फरवरी 2020 को श्रीकांत त्यागी की सुरक्षा से चारों सुरक्षाकर्मियों को वापस ले लिया गया। इसके अलावा श्रीकांत त्यागी की पत्नी को भी 30 जनवरी 2019 को सुरक्षा दी गई थी।
तत्कालीन डीएम व एसएसपी की समिति के अनुमोदन पर सुरक्षा दी गई थी। जनपदीय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एसपी और डीएम होते हैं। हालांकि जनपदीय समिति ने पति-पत्नी को एक-एक सुरक्षाकर्मी दिया था। फिर शासन सरकार के आदेश पर सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई थी।
ट्विटर- इंस्टाग्राम की हो रही पुलिसिंग : पूर्व डीजीपी
यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह का कहना है कि इस दौर में नोएडा सहित अन्य स्थानों पर ट्विटर व इंस्टाग्राम की पुलिसिंग हो रही है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि एक गैंगस्टर जिस पर नौ मुकदमे दर्ज हों और वह सोसाइटी में गुंडागर्दी कर रहा हो। यह बगैर पुलिस की शह के कैसे संभव है। श्रीकांत पर नौ मुकदमे दर्ज थे तो हर पखवाड़े या महीने में एक बार पुलिस को उसकी हरकतों के बारे में जाकर पता करना चाहिए था कि उसका क्या व्यवहार है। पुलिस को उसकी हरकतों के बारे में पता था लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
फरारी के दौरान श्रीकांत ने आईएएस व आईपीएस से मांगी थी मदद
श्रीकांत त्यागी जब पुलिस से बचकर भाग रहा था तब उसने पहले कई नेताओं से संपर्क किया लेकिन मीडिया में मामला उछलने के बाद नेताओं ने हाथ पीछे कर लिए। तब श्रीकांत ने एक आईएएस व एक आईपीएस से संपर्क किया और मदद मांगी। इन दोनों अधिकारियों से त्यागी को मदद नहीं मिली बल्कि दोनों अधिकारियों ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी।