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Noida News: मेट्रो स्टेशनों से मोबाइल चुराने वाले गिरोह का खुलासा, दो गिरफ्तार
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कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने 49 चोरी के मोबाइल किए बरामद
आरोपियों की पहचान दिल्ली के नबीकरीम निवासी विक्की और गाजियाबाद के लोनी निवासी आसिफ के रूप में हुई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मेट्रो स्टेशनों के आसपास बढ़ रही मोबाइल चोरी की घटनाओं के बीच कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा कर शुक्रवार को दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के 49 मोबाइल फोन और दो चाकू बरामद हुए हैं। ये बदमाश नोएडा से लेकर दिल्ली व हरियाणा तक सक्रिय थे। इनके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली के नबीकरीम निवासी विक्की (39) और गाजियाबाद के लोनी निवासी आसिफ (24) के रूप में हुई है। दोनों वर्षों से एक साथ वारदातों को अंजाम दे रहे थे। आरोपी अन्य साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से मेट्रो स्टेशन पर भीड़ में यात्री का ध्यान भटकते ही जेब या बैग से मोबाइल निकाल लेते और कुछ ही सेकंड में वहां से निकल जाते थे।
जांच में पता चला है कि विक्की टैक्सी चलाता था, जबकि आसिफ कपड़ों की फेरी लगाता था। अधिक कमाई की लालच में दोनों ने चोरी का रास्ता अपनाया। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि मेट्रो स्टेशन, बस अड्डे और भीड़भाड़ वाले बाजार उनके सबसे पसंदीदा ठिकाने थे, क्योंकि वहां वारदात के बाद पहचान छिपाना आसान होता था।
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पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर का मिलान कराया जा रहा है, ताकि मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की जाए है।
चोरी के मोबाइल खरीदने वालों की तलाश
एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस इनके साथ जुड़े अन्य लोगों और चोरी के मोबाइलों की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क की तलाश कर रही है। इनके अन्य साथियों के बारे में भी पुलिस पता लगा रही है। मेट्रो स्टेशनों के आसपास लगातार मिल रही मोबाइल चोरी की शिकायतों के बाद विशेष निगरानी अभियान चलाया गया था। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के दौरान दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया।
17 साल से अपराध में सक्रिय है विक्की
जांच में दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। मुख्य आरोपी विक्की 2009 से चोरी की वारदातों में सक्रिय रहा है और उसके खिलाफ दिल्ली तथा नोएडा के विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, आसिफ पर भी नोएडा और मथुरा में चोरी सहित विभिन्न मामलों में केस दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि दोनों केवल एक छोटे गिरोह का हिस्सा हैं और इनके पीछे चोरी के मोबाइलों की खरीद-बिक्री करने वाला बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।
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आरोपियों की पहचान दिल्ली के नबीकरीम निवासी विक्की और गाजियाबाद के लोनी निवासी आसिफ के रूप में हुई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मेट्रो स्टेशनों के आसपास बढ़ रही मोबाइल चोरी की घटनाओं के बीच कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा कर शुक्रवार को दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के 49 मोबाइल फोन और दो चाकू बरामद हुए हैं। ये बदमाश नोएडा से लेकर दिल्ली व हरियाणा तक सक्रिय थे। इनके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली के नबीकरीम निवासी विक्की (39) और गाजियाबाद के लोनी निवासी आसिफ (24) के रूप में हुई है। दोनों वर्षों से एक साथ वारदातों को अंजाम दे रहे थे। आरोपी अन्य साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से मेट्रो स्टेशन पर भीड़ में यात्री का ध्यान भटकते ही जेब या बैग से मोबाइल निकाल लेते और कुछ ही सेकंड में वहां से निकल जाते थे।
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जांच में पता चला है कि विक्की टैक्सी चलाता था, जबकि आसिफ कपड़ों की फेरी लगाता था। अधिक कमाई की लालच में दोनों ने चोरी का रास्ता अपनाया। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि मेट्रो स्टेशन, बस अड्डे और भीड़भाड़ वाले बाजार उनके सबसे पसंदीदा ठिकाने थे, क्योंकि वहां वारदात के बाद पहचान छिपाना आसान होता था।
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पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर का मिलान कराया जा रहा है, ताकि मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की जाए है।
चोरी के मोबाइल खरीदने वालों की तलाश
एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस इनके साथ जुड़े अन्य लोगों और चोरी के मोबाइलों की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क की तलाश कर रही है। इनके अन्य साथियों के बारे में भी पुलिस पता लगा रही है। मेट्रो स्टेशनों के आसपास लगातार मिल रही मोबाइल चोरी की शिकायतों के बाद विशेष निगरानी अभियान चलाया गया था। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के दौरान दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया।
17 साल से अपराध में सक्रिय है विक्की
जांच में दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। मुख्य आरोपी विक्की 2009 से चोरी की वारदातों में सक्रिय रहा है और उसके खिलाफ दिल्ली तथा नोएडा के विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, आसिफ पर भी नोएडा और मथुरा में चोरी सहित विभिन्न मामलों में केस दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि दोनों केवल एक छोटे गिरोह का हिस्सा हैं और इनके पीछे चोरी के मोबाइलों की खरीद-बिक्री करने वाला बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।