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Noida News: मेले में छह लाख तक की कीमत में बिक रहा कैदियों का बनाया फर्नीचर
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फोटो-22
जेल विभाग ने सूरजकुंड मेले में 27 तरह के सामान के साथ स्टॉल लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में हर साल जेल विभाग अपना स्टॉल लगाता आ रहा है। इस बार विभाग ने 27 तरह के सामान के साथ स्टॉल लगाया है। इसमें खासियत ये है कि कैदियों द्वारा बनाया गया फर्नीचर छह लाख तक की कीमत में बिक रहा है। विभिन्न जेलों में बंद कैदियों के हाथों बनाए गए फर्नीचर, सजावटी सामान, शोपीस, मोमबत्ती, कंबल, लेडीज पर्स व बैग, अखबार से तैयार डलिया जैसे सामान का स्टॉल मेले में लगाया गया है।
जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर ने बताया कि गंभीर अपराध की सजा काट रहे कैदियों के हुनर को यहां दिखाया गया है। यहां 20 रुपये के एलोवेरा जेल से लेकर छह लाख रुपये तक कीमत का सामान मिल रहा है। जेल में रहकर कैदियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। जेल सुधारीकरण मिशन के तहत 250 कैदियों द्वारा ये सामान बनाया गया है। पहली बार 27 तरह का सामान बिक्री के लिए लाया गया है। जेल प्रशासन कैदियों को व्यवसायिक शिक्षा, दस्तकारी, पेंटिंग, ड्राइंग, कंप्यूटर शिक्षा, मधुमक्खी पालन, पशुपालन, कृषि विज्ञान शिक्षा, कलाकृति शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा, ध्यान योग शिक्षा, संगीत कला शिक्षा व हस्तनिर्मित वस्तुओं के बारे में प्रशिक्षण देता है।
कैदियों का मेहनताना बढ़ाया
विशाल छिब्बर का कहना है कि पहले कैदियों का मेहनताना 60 रुपये था। इसे बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। इससे कैदियों का उत्साह भी बढ़ गया है। सभी उत्पाद तीन से चार माह की मेहनत के बाद तैयार किए गए हैं। मेले में लाए गए फर्नीचर गुणवत्ता के मामले में बाजार से बेहतर हैं। अधिकतर फर्नीचर शीशम की लकड़ी से तैयार किए गए हैं। इसके अलावा हर्बल टी, आंवला कैंडी सहित कई आयुर्वेदिक उत्पाद भी यहां उपलब्ध है।
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जेल विभाग ने सूरजकुंड मेले में 27 तरह के सामान के साथ स्टॉल लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में हर साल जेल विभाग अपना स्टॉल लगाता आ रहा है। इस बार विभाग ने 27 तरह के सामान के साथ स्टॉल लगाया है। इसमें खासियत ये है कि कैदियों द्वारा बनाया गया फर्नीचर छह लाख तक की कीमत में बिक रहा है। विभिन्न जेलों में बंद कैदियों के हाथों बनाए गए फर्नीचर, सजावटी सामान, शोपीस, मोमबत्ती, कंबल, लेडीज पर्स व बैग, अखबार से तैयार डलिया जैसे सामान का स्टॉल मेले में लगाया गया है।
जेल अधीक्षक विशाल छिब्बर ने बताया कि गंभीर अपराध की सजा काट रहे कैदियों के हुनर को यहां दिखाया गया है। यहां 20 रुपये के एलोवेरा जेल से लेकर छह लाख रुपये तक कीमत का सामान मिल रहा है। जेल में रहकर कैदियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। जेल सुधारीकरण मिशन के तहत 250 कैदियों द्वारा ये सामान बनाया गया है। पहली बार 27 तरह का सामान बिक्री के लिए लाया गया है। जेल प्रशासन कैदियों को व्यवसायिक शिक्षा, दस्तकारी, पेंटिंग, ड्राइंग, कंप्यूटर शिक्षा, मधुमक्खी पालन, पशुपालन, कृषि विज्ञान शिक्षा, कलाकृति शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा, ध्यान योग शिक्षा, संगीत कला शिक्षा व हस्तनिर्मित वस्तुओं के बारे में प्रशिक्षण देता है।
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कैदियों का मेहनताना बढ़ाया
विशाल छिब्बर का कहना है कि पहले कैदियों का मेहनताना 60 रुपये था। इसे बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। इससे कैदियों का उत्साह भी बढ़ गया है। सभी उत्पाद तीन से चार माह की मेहनत के बाद तैयार किए गए हैं। मेले में लाए गए फर्नीचर गुणवत्ता के मामले में बाजार से बेहतर हैं। अधिकतर फर्नीचर शीशम की लकड़ी से तैयार किए गए हैं। इसके अलावा हर्बल टी, आंवला कैंडी सहित कई आयुर्वेदिक उत्पाद भी यहां उपलब्ध है।
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