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Noida News: नोट एक्सचेंज के नाम पर 10 लाख की धोखाधड़ी, तीन गिरफ्तार

Sat, 05 Jul 2025 08:34 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jul 2025 08:34 PM IST
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Fraud of Rs 10 lakh in the name of note exchange, three arrested
नोट एक्सचेंज के नाम पर 10 लाख की धोखाधड़ी, तीन गिरफ्तार
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बिसरख कोतवाली पुलिस ने किया गिरोह का पर्दाफाश, तीन कारें और 4.83 लाख रुपये बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने नोट एक्सचेंज के नाम पर 10 लाख की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान निवाड़ी, मध्य प्रदेश के लोकेश मिश्रा उर्फ अनिल शर्मा, अमेठी के पवन कुमार मिश्रा व जींद, हरियाणा के संजीव के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4.83 लाख रुपये नकदी और तीन कारें बरामद की हैं। गिरोह बड़े नोटों के बदले अधिक छोटे नोट देने के झांसे में लोगों से मोटी रकम ठग रहा था।ठगी के शिकार हुए हापुड़ के रसूलाबाद निवासी रोबिन सिंह ने बताया कि उनकी दोस्ती क्रॉसिंग रिपब्लिक निवासी विवेक मिश्रा से है। दोनों मिलकर व्यापार करते हैं। विवेक मिश्रा की मित्रता अमेठी निवासी पवन कुमार मिश्रा से हुई थी, जो गाजियाबाद में लॉजिस्टिक का काम करता है। पवन कुमार मिश्रा ने रोबिन और विवेक को मध्य प्रदेश निवासी लोकेश मिश्रा उर्फ अनिल शर्मा और हरियाणा निवासी अरमान से मिलवाया था। इन लोगों ने दोनों को समझाया कि यदि वह 500-500 रुपये के बड़े नोट मिलाकर 10 लाख रुपये दें तो उन्हें 100 और 200 रुपये के छोटे नोट के रूप में 12 लाख रुपये वापस मिलेंगे। 1 जुलाई की सुबह रोबिन अपने साथी विवेक मिश्रा के साथ चेरी काउंटी बिसरख स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचे थे। वहां पहले से मौजूद लोकेश मिश्रा उर्फ अनिल शर्मा, अरमान, संजीव और पवन मिश्रा को 10 लाख रुपये दिखाने के बाद चारों आरोपियों ने धोखे से रुपयों से भरा बैग छीनकर तीन अलग-अलग कारों में बैठकर फरार हो गए थे। रोबिन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने 3 जुलाई को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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विशेष टीमों का किया गया था गठन
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था। गिरोह में अरमान, संजीव और पवन मिश्रा शामिल हैं। पवन मिश्रा भोले-भाले पैसे वाले लोगों से संपर्क करता है। उन्हें बड़े नोट के बदले में अधिक छोटे नोट देने का प्रलोभन देता है। आरोपी पहले भी गाजियाबाद और झांसी में ऐसी घटनाओं में शामिल रहे हैं। लोकेश मिश्रा गिरोह का मुखिया है, जिस पर झांसी, गाजियाबाद में मुकदमा दर्ज है। आरोपियों ने पहले भी दो अन्य पार्टियों से मिलने का प्रयास किया था, लेकिन वह तैयार नहीं हुई थीं।
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