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Noida News: बिना वीजा के भारत में रहने के लिए विदेशी कर रहे अपराध

Thu, 07 Mar 2024 01:27 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 07 Mar 2024 01:27 AM IST
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Foreigners are committing crimes to stay in India without visa
बिना वीजा के भारत में रहने के लिए विदेशी कर रहे अपराध
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- कानून के लचीलेपन का लाभ उठा रहे 100 से अधिक विदेशी, केस फाइनल नहीं होने तक विदेशियों का रहना जरूरी


विदेशियों की संख्या
2900 : वैद्य वीजा के रहने वालों की संख्या
100 : विदेशी रहते हैं बगैर वीजा के
40 : विदेशी पांच से ज्यादा बार नशीले पदार्थ के साथ हो चुके हैं गिरफ्तार






माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में बिना वीजा रहने के लिए विदेशी अपराध करने से भी नहीं हिचकिचाते। इस तरह के विदेशियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में बगैर वीजा के 100 से अधिक विदेशी रह रहे हैं। अपने देश जाने से बचने के लिए विदेशी एक केस खत्म होने से पहले ही नशीले पदार्थ आदि के साथ गिरफ्तार हो जाते हैं। खुफिया विभाग (एलआईयू) इन पर लगाम नहीं लगा पा रहा है।
दरअसल, जिले में वैध वीजा पर 2900 विदेशी रहते हैं। इनमें 1900 से अधिक छात्र हैं। जो अलग-अलग संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वहीं 100 से अधिक विदेशी ऐसे हैं जो वीजा समाप्त होने क बाद भी घर नहीं गए हैं। खुफिया विभाग की जांच में सामने आया है कि इनमें से ज्यादातर विदेशी टूरिस्ट और मेडिकल वीजा पर आए थे। वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी वह अपने मुल्क नहीं गए। इनमें 40 से अधिक ऐसे हैं जो पांच से ज्यादा बार नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस अधिकारी जब भी उन्हें बगैर वीजा के आरोप में गिरफ्तार करने जाते हैं तो वह जमानत पत्र दिखा देते हैं।
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डिटेंशन सेंटर में नहीं जगह
देशभर में सात डिटेंशन सेंटर हैं। इनमें सबसे नजदीकी केंद्र दिल्ली में है। मगर डिटेंशन सेंटर ज्यादातर भरा रहता है। बिना वीजा के रहने वाले विदेशियों को डिटेंशन सेंटर भेजे जाने पर लौटा दिया जाता है। खुफिया विभाग ऐसे विदेशियों को संबंधित थानाक्षेत्र में सौंप देता है। वहां अपराध करने पर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाता है। जमानत के बाद उन्हें अदालत से पत्र जारी किया जाता है जिसके आधार पर वह कई माह तक जनपद में बने रहते हैं। जब उनका केस खत्म होने को होता है तब नशीले पदार्थ के साथ फिर गिरफ्तार हो जाते हैं। नया केस शुरू होते ही उन्हें छह माह और रहने का मौका मिल जाता है।
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सबसे अधिक संख्या अफ्रीकी मूल के विदेशियों की

गौतमबुद्घ नगर में वैध रूप से रहने वाले विदेशियों में नाईजीरिया, तंजानिया, सोमानिया, अफगानिस्तान और चीन एवं कोरिया आदि समेत करीब 15 देशों के नागरिक शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा अफ्रीकी देशों के निवासियों की है।



टूरिस्ट और मेडिकल वीजा पर आने वालों की संख्या ज्यादा

खुफिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक टूरिस्ट और मेडिकल वीजा पर आने वाले लोगों की संख्या काफी होती है। इसमें से कई लोग यहीं रह जाते हैं। पकड़े जाने के बाद जेल चले जाते हैं और फिर बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं। हालांकि डिपोर्ट करते वक्त उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया जाता है।





चीन का एक और नागरिक पकड़े जाने से खुफिया विभाग अलर्ट
पिछले साल चीन के नागरिक सु फाई के गिरफ्तार होने के बाद एक और चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी बगैर वीजा के नेपाल के रास्ते देश में दाखिल हुए थे। लागतार दूसरी गिरफ्तारी के बाद खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग आरोपियों के सहयोगियों की तलाश में जुट गया है।


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कोट
कमिश्नरेट से समय-समय पर बगैर वीजा के रहने वाले विदेशियों को डिपोर्ट किया जाता है। आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने वालों को गिरफ्तार किया जाता है। अदालत से केस खत्म होने के बाद उन्हें वापस भेज दिया जाता है। - रामबदन सिंह, डीसीपी फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ)
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