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Noida News: प्रदर्शन के लिए मास्टरमाइंड आदित्य ने चार संगठनों के 70 तकनीकी जानकारों को जोड़ा था

Mon, 20 Apr 2026 09:18 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2026 09:18 PM IST
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For the demonstration, mastermind Aditya roped in 70 techies from four organisations.
श्रमिक हिंसा मामला
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- एसटीएफ की जांच में मिली जानकारी, पढ़े-लिखे व तकनीकी जानकारों से किया था संपर्क

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। शहर में श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच में एसटीएफ को कई अहम जानकारी मिली है। गिरफ्तार मास्टरमाइंड आदित्य आनंद हिंसा से पहले चार संगठनों के 70 तकनीकी जानकारों को जोड़ा था। इनमें एनसीआर के अलावा कई राज्यों के लोग शामिल थे। एसटीएफ अब इन सभी के बारे में पूछताछ कर रही है।

एसटीएफ की जांच में पता चला है कि दिशा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन, आरडब्ल्यूपीआई (भारतीय क्रांतिकारी मजदूर पार्टी), नौजवान भारत सभा और एकता संघर्ष समिति जैसे संगठन के लोगों से आदित्य आनंद संपर्क में था। जांच टीम अब मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के बाद अब आगजनी करने वाले लोगों के बारे में पता लगा रही है। इसके लिए जांच टीम ने 100 से अधिक वीडियो व फुटेज की पड़ताल में जुटी हुई है। आशंका जताई जा रही है कि हिंसा के दौरान आगजनी की घटना में श्रमिकों से अधिक बाहर से आए उपद्रवियों का हाथ था।
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वहीं एसटीएफ को मास्टरमाइंड आदित्य आनंद के नोएडा स्थित घर में श्रमिक आंदोलन की तैयारी की जानकारी से जुड़ी डायरी मिली है। पुलिस और एसटीएफ ने सेक्टर-37 स्थित अरुण विहार स्थित उसके घर से कई दस्तावेज, नोटबुक और इलेक्ट्रानिक गैजेट भी मिले हैं। प्रदर्शन में किसकी क्या भूमिका होगी, कौन-कौन श्रमिकों के बीच पहुंचकर भाषण देगा और कहां-कहां भीड़ जुट सकती है, इसकी सारी जानकारी इनमें दर्ज है।
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गिरफ्तारी से बचने के लिए बदला था हुलिया
आदित्य के चार साथियों से भी पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमों ने पूछताछ की है। जिसमें पता चला है कि दिल्ली के एक विश्वविद्यालय के छात्र भी हिंसक प्रदर्शन के दिन और उससे पहले नोएडा आए थे। सभी श्रमिकों के बीच रहे थे। आदित्य ने श्रमिक हिंसा वाले दिन बाल दाढ़ी में भाषण दिया था। पुलिस की नजर से बचने के लिए अगले ही दिन उसने बाल और दाढ़ी कटवा ली थी। एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अभी और भी गिरफ्तारी होगी।



हिंसा के दिन वीडियो कॉल पर थे सभी आरोपी

जिस दिन नोएडा में हिंसा हुई उस दिन आदित्य से लेकर रूपेश व अन्य सभी आरोपी वीडियो कॉल से जुड़े थे। पुलिस के मुताबिक एक तरफ ये लोग श्रमिकों को भड़का रहे थे तो दूसरी तरफ बाहर से बुलाए गए लोगों को वीडियो कॉल कर दिशानिर्देश दे रहे थे। पुलिस ने रविवार को आदित्य आनंद के करीबी हिमांशु ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया था। हिमांशु आकृति नाम की युवती के संपर्क में आने के बाद इस मजदूर बिगुल दस्ता से जुड़ा था। आकृति के माध्यम से ही उसका संपर्क आदित्य आनंद से हुआ था। हिमांशु मजदूरों की समस्याओं पर पीएचडी करने की तैयारी में था।



रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ

श्रमिक हिंसा से जुड़े मुख्य आरोपियों से पुलिस व एसटीएफ पूछताछ कर चुकी है। सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अब आदित्य आनंद व अन्य आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी में है। इसके लिए कोर्ट में अर्जी डाली जाएगी। रिमांड पर पूछताछ के लिए पुलिस अधिकारियों ने सवाल तैयार किए हैं।




एसीपी को हटाया, डीसीपी को चोट लगी, छुट्टी पर गईं

श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद वहीं सेंट्रल जोन के सर्किल वन के एसीपी उमेश यादव को हटाया गया है। उनके स्थान पर दीक्षा सिंह को जिम्मेदारी मिली है। दीक्षा सिंह पहले भी इसी सर्किल में एसीपी रह चुकी हैं। वहीं डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैव्या गोयल मेडिकल छुट्टी पर चली गईं हैं। उनके पैर में चोट लगी है। डीसीपी यातायात शैलेंद्र सिंह को सेंट्रल नोएडा का प्रभारी डीसीपी बनाया गया है। मामले में कोतवाली फेज टू के प्रभारी निरीक्षक अवधेश प्रताप सिंह को पहले ही हटाया जा चुका है। चर्चा है कि इस मामले में अभी कई पुलिस अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
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