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Noida News: डीयू में दाखिले के लिए छात्र के नाम का होना चाहिए जाति प्रमाणपत्र
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-कॉलेजों को आरक्षित वर्ग की सभी सीटों को हर हाल में भरने के निर्देश
-प्रमाणपत्र स्वयं सत्यापित करके करना होगा अपलोड, अन्यथा फार्म होगा रद्द
-आरक्षित वर्ग की नीतियों व दाखिले की जानकारी देने को आयोजित हुआ वेबिनार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक में दाखिले के लिए जाति प्रमाणपत्र स्वयं के नाम का होना चाहिए। प्रमाणपत्र में नाम भी वहीं होना चाहिए जिससे उम्मीदवार ने अपना आवेदन किया है। यदि प्रमाणपत्र स्वयं सत्यापित करके अपलोड नहीं किया तो फॉर्म रद्द हो जाएगा। हालांकि प्रमाणपत्र के वैध नहीं मिलने पर दाखिला हो जाने के बाद भी दाखिला रद्द हो सकता है। यदि प्रमाणपत्र में डिजिटल हस्ताक्षर हैं तो वह भी वैध होगा। डीयू में दाखिले के इच्छुक आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को ऐसी ही जानकारियां वेबिनार के माध्यम से दी गई।
डीयू में दाखिले से संबंधित आरक्षण नीतियों की जानकारी देने के लिए बुधवार को वेबिनार आयोजित किया गया। वेबिनार में संयुक्त कुलसचिव डॉ रोहन राय और संयुक्त डीन दाखिला डॉ आनंद सोनकर ने डीयू में आरक्षण संबंधी नीतियों, प्रमाणपत्रों, छात्रवृति के संबंध में जानकारी दी। इसके अलावा उम्मीदवारों को उनके सवालों के जवाब भी मिले। वेबिनार में जानकारी दी गई कि कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि आरक्षित वर्ग की सीटों को भरना वैधानिक बाध्यता है। कॉलेज उन्हें दाखिले से मना नहीं कर सकते हैं।
वेबिनार में बताया गया कि ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर) व ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के पास नवीनतम वित्तीय वर्ष का प्रमाणपत्र होना चाहिए जो कि 31 मार्च 2024 के बाद जारी हुआ हो। उम्मीदवारों को सलाह दी गई कि वह स्नातक के लिए आवेदन करने से पहले डीयू के बुलेटिन ऑफ इंर्फोमेशन को ध्यान से पढ़ें। इस बात का ध्यान रखें कि भारत सरकार की जातियों की सूची में जाति का सूचीबद्ध होना जरूरी है। यदि जातियों की सूची में वह सूचीबद्ध नहीं होगी तो दाखिला नहीं हो सकेगा। वहीं यदि अब तक प्रमाणपत्र नहीं बनवाएं हैं तो बनवा लीजिए।
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वेबिनार में पूछे गए सवाल व उनके जवाब
प्रश्न: यदि प्रमाणपत्र स्वयं सत्यापित नहीं किया तो क्या फॉर्म रद होगा?
उत्तर: यदि आपने प्रमाणपत्र स्वयं सत्यापित नहीं किया तो दिक्कत नहीं होगी। बस प्रमाणपत्र वैध होना चाहिए। स्वयं सत्यापित नहीं होने पर फॉर्म रद नहीं होगा। प्रमाणपत्र वैध नहीं होगा तो बाद में भी दाखिला रद हो सकता है।
प्रश्न: यदि हिंदी में जाति प्रमाणपत्र है तो वह वैध है?
उत्तर: हिंदी में जाति प्रमाणपत्र होने पर भी वह वैध माना जाएगा।
प्रश्न: मेरे प्रमाणपत्र पर डिजिटल हस्ताक्षर हैं तो क्या वह वैध है?
उत्तर: हां, डिजिटल हस्ताक्षर वाला प्रमाणपत्र वैध है।
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-प्रमाणपत्र स्वयं सत्यापित करके करना होगा अपलोड, अन्यथा फार्म होगा रद्द
-आरक्षित वर्ग की नीतियों व दाखिले की जानकारी देने को आयोजित हुआ वेबिनार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक में दाखिले के लिए जाति प्रमाणपत्र स्वयं के नाम का होना चाहिए। प्रमाणपत्र में नाम भी वहीं होना चाहिए जिससे उम्मीदवार ने अपना आवेदन किया है। यदि प्रमाणपत्र स्वयं सत्यापित करके अपलोड नहीं किया तो फॉर्म रद्द हो जाएगा। हालांकि प्रमाणपत्र के वैध नहीं मिलने पर दाखिला हो जाने के बाद भी दाखिला रद्द हो सकता है। यदि प्रमाणपत्र में डिजिटल हस्ताक्षर हैं तो वह भी वैध होगा। डीयू में दाखिले के इच्छुक आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को ऐसी ही जानकारियां वेबिनार के माध्यम से दी गई।
डीयू में दाखिले से संबंधित आरक्षण नीतियों की जानकारी देने के लिए बुधवार को वेबिनार आयोजित किया गया। वेबिनार में संयुक्त कुलसचिव डॉ रोहन राय और संयुक्त डीन दाखिला डॉ आनंद सोनकर ने डीयू में आरक्षण संबंधी नीतियों, प्रमाणपत्रों, छात्रवृति के संबंध में जानकारी दी। इसके अलावा उम्मीदवारों को उनके सवालों के जवाब भी मिले। वेबिनार में जानकारी दी गई कि कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि आरक्षित वर्ग की सीटों को भरना वैधानिक बाध्यता है। कॉलेज उन्हें दाखिले से मना नहीं कर सकते हैं।
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वेबिनार में बताया गया कि ओबीसी (नॉन क्रीमी लेयर) व ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के पास नवीनतम वित्तीय वर्ष का प्रमाणपत्र होना चाहिए जो कि 31 मार्च 2024 के बाद जारी हुआ हो। उम्मीदवारों को सलाह दी गई कि वह स्नातक के लिए आवेदन करने से पहले डीयू के बुलेटिन ऑफ इंर्फोमेशन को ध्यान से पढ़ें। इस बात का ध्यान रखें कि भारत सरकार की जातियों की सूची में जाति का सूचीबद्ध होना जरूरी है। यदि जातियों की सूची में वह सूचीबद्ध नहीं होगी तो दाखिला नहीं हो सकेगा। वहीं यदि अब तक प्रमाणपत्र नहीं बनवाएं हैं तो बनवा लीजिए।
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वेबिनार में पूछे गए सवाल व उनके जवाब
प्रश्न: यदि प्रमाणपत्र स्वयं सत्यापित नहीं किया तो क्या फॉर्म रद होगा?
उत्तर: यदि आपने प्रमाणपत्र स्वयं सत्यापित नहीं किया तो दिक्कत नहीं होगी। बस प्रमाणपत्र वैध होना चाहिए। स्वयं सत्यापित नहीं होने पर फॉर्म रद नहीं होगा। प्रमाणपत्र वैध नहीं होगा तो बाद में भी दाखिला रद हो सकता है।
प्रश्न: यदि हिंदी में जाति प्रमाणपत्र है तो वह वैध है?
उत्तर: हिंदी में जाति प्रमाणपत्र होने पर भी वह वैध माना जाएगा।
प्रश्न: मेरे प्रमाणपत्र पर डिजिटल हस्ताक्षर हैं तो क्या वह वैध है?
उत्तर: हां, डिजिटल हस्ताक्षर वाला प्रमाणपत्र वैध है।