सहालग में फूलों के बाजार रौनक देखने को मि रही है। जिले में हर दिन 7 से 10 लाख रुपये के फूलों की खपत हो रही है। वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए कोलकाता, प्रयागराज, वाराणसी व लखनऊ,देहरादून से फूल और सजावट की पत्तियाें को मंगाए जा रहा । इन दिनों वैवाहिक कार्यक्रमों में प्रतिदिन करीब 5 टन गेंदे के फूलों की खपत हो रही है। वहीं सुंदर जयमाल की मांग बढ़ी है।आर्टिफिशियल फूलों की डिमांड बढ़ी है। जयमाल के स्टेज डेकोरेशन और दूल्हा-दुल्हन की गाड़ी सजाने में आर्टिफिशियल फूलों का ही इस्तेमाल किया जा रहा है।जयमाल स्टेज डेकोरेटर प्रमोद माली ने बताया कि अच्छे आर्टिफिशियल फूल, असली फूलों की तुलना में काफी महंगे हैं। लेकिन एक बार खरीदने के बाद कई जगहों पर इन्हें लगाया जाता है। डेकोरेशन के लिए कारीगर आर्टिफिशियल फूल ही प्रयोग करते हैं। आर्टिफिशियल फूल कई शादियों में प्रयोग हो जाते हैं।
फूल विक्रेता मुकेश माली ने बताया कि सहालग में गेंदे के फूल के भाव आसमान पर हैं। औसतन 20 से 40 रुपये प्रति पीस में बिकने वाला गेंदे के फूल का माला सहालग में 50 से 60 रुपये प्रति पीस बिक रहा है। गुलाब के फूलों की मांग सबसे ज्यादा बढ़ी है। 20 रुपये में एक गुलाब बिक रहा है। इन्हीं गुलाब से जयमाला बनाया जाता है। स्टेज सजावट करने वाले सुरेश ने बताया कि पहले स्टेज डेकोरेशन में 5 से 10 हजार रुपया लगता है। अब ओरिजनल फूल और आर्टिफिशियल फूलों को मिलकर सजावट करने पर 15 हजार से 50 हजार रुपए तक का खर्च हो रहा है।