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Noida News: नोएडा हवाईअड्डे का पहला रनवे तैयार, कभी भी हो सकता है ट्रायल
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- नियाल की बोर्ड बैठक में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट, हवाईअड्डे का 80 फीसदी काम पूरा
नंबर
3900 मीटर लंबा है रनवे
7371 करोड़ रुपये अब तक खर्च
10056 करोड़ है पहले चरण का बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का पहला रनवे बनकर तैयार हो गया है। इसके साथ ही हवाई अड्डे के पहले चरण का करीब 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक हवाई जहाजों की उड़ान का ट्रायल कभी भी हो सकता है। रनवे व एटीसी टावर पर उड़ानों से संबंधित उपकरण अप्रैल माह में स्थापित कर दिए जाएंगे। पहले चरण के लिए निर्धारित बजट 10,056 करोड़ में से 7371़ 51 करोड़ रुपये अब तक खर्च हो चुके हैं। निर्माणाधीन एयरपोर्ट की प्रगति रिपोर्ट तीन दिन पहले लखनऊ में हुई नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी लिमिटेड (नियाल) की बोर्ड बैठक में प्रस्तुत की गई।
बैठक में पेश की रिपोर्ट के मुताबिक हवाईअड्डे के 3900 मीटर लंबे रनवे का काम पूरा हो गया है। रनवे पर रिफ्लेक्टर और साइनेज सहित उड़ानों से संबंधित अन्य उपकरण लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे हवाई जहाज के उड़ान भरने और उतरने का संकेत मिलेगा। रिफ्लेक्टर और साइनेज जैसे ये उपकरण हवाई जहाज की उड़ान और लैडिंग के वक्त पायलट की मदद करते हैं। टर्मिनल बिल्डिंग काम भी अंतिम चरण में है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टॉवर के सिविल का काम पूरा हो चुका है जबकि फिनिशिंग कार्य आखिरी दौर में है। बिल्डिंग में शीशे लगाने का काम चल रहा है। टावर के लिए जरूरी उपकरण खरीदे जा चुके हैं।
नियाल के अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के प्रथम चरण को पूरा करने के लिए 10,056 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है। जिसकी 73 फीसदी राशि खर्च की जा चुकी है। बता दें कि एयरपोर्ट के निर्माण में खर्च होने वाली धनराशि में उत्तर प्रदेश सरकार और नोएडा प्राधिकरण की 37़ 5 फीसदी और यमुना और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 12़ 5 फीसदी हिस्सेदारी है।
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प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक एयरपोर्ट सर्विलांस रडार (एआरएस) नार्थ और एयरपोर्ट सर्विलांस रडार (एआरएस) साउथ का काम अक्तूबर 2024 तक पूरा होगा। अहम है कि 29 सितंबर 2024 को उड़ान शुरू होना प्रस्तावित है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि बिना रडार के भी उड़ानें शुरू की जा सकती है। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। वहीं, ऑटोमेटिक डेपेंडेंट सर्विलांस ब्रॉडकास्ट (एडीएस-बी), एडवांस सरफेस मूवमेंट गाइडेंट्स एंड कंट्रोल सिस्टम (एएसएमजीसीएस), ऑटोमेशन सिस्टम और सरफेस मूवमेंट रडार (एसएमआर) का काम 30 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा रनवे पर उड़ानों से संबंधित उपकरण लगाने का काम शुरू कर दिया है।
मौसम संबंधी जानकारी देने का उपकरण हुआ क्रियाशील
हवाईअड्डे की साइट पर मौसम संबंधी जानकारी देने के लिए लगाया गया उपकरण क्रियाशील हो गया है। इसे भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से स्थापित किया गया है। उड़ानों का ट्रायल शुरू होने से पहले ही दृश्यता संबंधी आंकड़े मिलने शुरू हो गए हैं। इससे एयरपोर्ट पर उतरने व उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स को दृश्यता की जानकारी दी जाएगी।
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नंबर
3900 मीटर लंबा है रनवे
7371 करोड़ रुपये अब तक खर्च
10056 करोड़ है पहले चरण का बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का पहला रनवे बनकर तैयार हो गया है। इसके साथ ही हवाई अड्डे के पहले चरण का करीब 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक हवाई जहाजों की उड़ान का ट्रायल कभी भी हो सकता है। रनवे व एटीसी टावर पर उड़ानों से संबंधित उपकरण अप्रैल माह में स्थापित कर दिए जाएंगे। पहले चरण के लिए निर्धारित बजट 10,056 करोड़ में से 7371़ 51 करोड़ रुपये अब तक खर्च हो चुके हैं। निर्माणाधीन एयरपोर्ट की प्रगति रिपोर्ट तीन दिन पहले लखनऊ में हुई नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी लिमिटेड (नियाल) की बोर्ड बैठक में प्रस्तुत की गई।
बैठक में पेश की रिपोर्ट के मुताबिक हवाईअड्डे के 3900 मीटर लंबे रनवे का काम पूरा हो गया है। रनवे पर रिफ्लेक्टर और साइनेज सहित उड़ानों से संबंधित अन्य उपकरण लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे हवाई जहाज के उड़ान भरने और उतरने का संकेत मिलेगा। रिफ्लेक्टर और साइनेज जैसे ये उपकरण हवाई जहाज की उड़ान और लैडिंग के वक्त पायलट की मदद करते हैं। टर्मिनल बिल्डिंग काम भी अंतिम चरण में है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टॉवर के सिविल का काम पूरा हो चुका है जबकि फिनिशिंग कार्य आखिरी दौर में है। बिल्डिंग में शीशे लगाने का काम चल रहा है। टावर के लिए जरूरी उपकरण खरीदे जा चुके हैं।
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नियाल के अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के प्रथम चरण को पूरा करने के लिए 10,056 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है। जिसकी 73 फीसदी राशि खर्च की जा चुकी है। बता दें कि एयरपोर्ट के निर्माण में खर्च होने वाली धनराशि में उत्तर प्रदेश सरकार और नोएडा प्राधिकरण की 37़ 5 फीसदी और यमुना और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 12़ 5 फीसदी हिस्सेदारी है।
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प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक एयरपोर्ट सर्विलांस रडार (एआरएस) नार्थ और एयरपोर्ट सर्विलांस रडार (एआरएस) साउथ का काम अक्तूबर 2024 तक पूरा होगा। अहम है कि 29 सितंबर 2024 को उड़ान शुरू होना प्रस्तावित है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि बिना रडार के भी उड़ानें शुरू की जा सकती है। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। वहीं, ऑटोमेटिक डेपेंडेंट सर्विलांस ब्रॉडकास्ट (एडीएस-बी), एडवांस सरफेस मूवमेंट गाइडेंट्स एंड कंट्रोल सिस्टम (एएसएमजीसीएस), ऑटोमेशन सिस्टम और सरफेस मूवमेंट रडार (एसएमआर) का काम 30 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा रनवे पर उड़ानों से संबंधित उपकरण लगाने का काम शुरू कर दिया है।
मौसम संबंधी जानकारी देने का उपकरण हुआ क्रियाशील
हवाईअड्डे की साइट पर मौसम संबंधी जानकारी देने के लिए लगाया गया उपकरण क्रियाशील हो गया है। इसे भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से स्थापित किया गया है। उड़ानों का ट्रायल शुरू होने से पहले ही दृश्यता संबंधी आंकड़े मिलने शुरू हो गए हैं। इससे एयरपोर्ट पर उतरने व उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स को दृश्यता की जानकारी दी जाएगी।