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नोएडा एयरपोर्ट से पहली उड़ान दिसंबर 2023 या जनवरी 2024 से संभव
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नोएडा एयरपोर्ट से पहली उड़ान दिसंबर 2023 या जनवरी 2024 से संभव
ग्रेटर नोएडा। जेवर में प्रस्तावित नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया निर्धारित अवधि के अनुसार आगे बढ़ रही है। यह क्रम जारी रहा तो एयरपोर्ट से पहली उड़ान दिसंबर 2023 या जनवरी 2024 तक शुरू होने की उम्मीद है। यह जानकारी रविवार को नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड (निआल) के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट निर्माण के साथ ही विस्थापित परिवारों के पुनर्वास का काम भी जारी है।
सीईओ ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में एयरपोर्ट के नाम, डिजाइन और लोगो (चिन्ह) को मंजूरी दी है। स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को निर्माण का ठेका मिला है। वहीं, निआल प्रदेश सरकार की नोडल एजेंसी है, जो एयरपोर्ट के निर्माण की प्रगति की निगरानी कर रही है। सात अक्तूबर को ज्यूरिख के अधिकारियों ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। इसके 60 दिनों के भीतर चार दिसंबर को ज्यूरिख ने मास्टर प्लान सौंप दिया था, जिसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पास भेजा जा चुका है। मंत्रालय से वापस आने के बाद निआल द्वारा मंजूरी दी जाएगी, तब एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होगा।
पुनर्वास पर खर्च होंगे 350 करोड़
सीईओ ने बताया कि विस्थापित हुए तीन हजार से अधिक परिवारों के पुनर्वास का कार्य भी मई 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है। सभी विस्थापित परिवारों को जेवर बांगर में बसाया जाएगा। 3076 परिवार ऐसे हैं, जिनकी जमीन पहले रनवे के लिए ली गई है। उन्हें सबसे पहले बसाया जाएगा। छह गांवों के इन परिवारों के पुनर्वास पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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ग्रेटर नोएडा। जेवर में प्रस्तावित नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया निर्धारित अवधि के अनुसार आगे बढ़ रही है। यह क्रम जारी रहा तो एयरपोर्ट से पहली उड़ान दिसंबर 2023 या जनवरी 2024 तक शुरू होने की उम्मीद है। यह जानकारी रविवार को नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड (निआल) के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट निर्माण के साथ ही विस्थापित परिवारों के पुनर्वास का काम भी जारी है।
सीईओ ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में एयरपोर्ट के नाम, डिजाइन और लोगो (चिन्ह) को मंजूरी दी है। स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को निर्माण का ठेका मिला है। वहीं, निआल प्रदेश सरकार की नोडल एजेंसी है, जो एयरपोर्ट के निर्माण की प्रगति की निगरानी कर रही है। सात अक्तूबर को ज्यूरिख के अधिकारियों ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। इसके 60 दिनों के भीतर चार दिसंबर को ज्यूरिख ने मास्टर प्लान सौंप दिया था, जिसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पास भेजा जा चुका है। मंत्रालय से वापस आने के बाद निआल द्वारा मंजूरी दी जाएगी, तब एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होगा।
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पुनर्वास पर खर्च होंगे 350 करोड़
सीईओ ने बताया कि विस्थापित हुए तीन हजार से अधिक परिवारों के पुनर्वास का कार्य भी मई 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है। सभी विस्थापित परिवारों को जेवर बांगर में बसाया जाएगा। 3076 परिवार ऐसे हैं, जिनकी जमीन पहले रनवे के लिए ली गई है। उन्हें सबसे पहले बसाया जाएगा। छह गांवों के इन परिवारों के पुनर्वास पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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